09/12/2025
एक Apollo Hospitals के ऑन्कोलॉजिस्ट Dr Siddharth Turkar कहते हैं कि कैंसर होने का खतरा कम करना हो, तो ‘डिटॉक्स’ नामक महंगे चाय-रस या गोलियों की जगह रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों को अपनाना ज़्यादा असरदार हो सकता है।
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उनका कहना है — हम अपने शरीर से रोज-रोज मिल रहे जहरीले तत्वों को सिर्फ दोस्ताना जीवनशैली से ही बड़ी हद तक बाहर निकाल सकते हैं। इस तरह की आदतें न सिर्फ पक्का कर सकती हैं कि आपके महत्वपूर्ण अंग स्वस्थ रहें, बल्कि कैंसर के जोखिम को भी घटा सकती हैं।
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डॉ. तुर्कर कहते हैं कि अगर आपके परिवार में पहले से कैंसर का इतिहास है, या आपके अंदर अन्य जोखिम (genetics / lifestyle) हैं – तो सिर्फ ये आदतें पर्याप्त नहीं, लेकिन नियमित चिकित्सा जांच (screening) ज़रूरी है।
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इस लेख में कुल 6 दैनिक ‘डिटॉक्स-हैबिट्स’ सुझाए गए हैं — यानी ऐसे छोटे-छोटे बर्ताव, जिन्हें रोज अपनाने से शरीर खुद को साफ रख सकता है और कैंसर का खतरा घट सकता है।
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हालाँकि आर्टिकल में इन 6 आदतों का पूरा विवरण (जैसे क्या खाना है, कितनी पानी पियें, lifestyle habits आदि) नहीं दिख रहा — पर मकसद समझ आता है: शरीर को रोज हल्का, हाइड्रेटेड, सक्रिय और toxins-free रखना।
इसलिए, अगर आप रोज-किर्या (daily routine) में थोड़ा समय दे दें — जैसे सही खाना, खूब पानी, संतुलित जीवनशैली, हल्की-फुल्की physical activity वगैरह — तो यह सिर्फ कैंसर नहीं, आपकी overall हेल्थ के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है।
संक्षेप में — “डिटॉक्स” कोई जटिल या महंगा अरिष्ट नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों का पक्का पालन है, जो आपकी जिंदगी को बेहतर और सूक्ष्म जोखिमों से सुरक्षित बना सकता है।