15/03/2025
अपने लिये ओर अपने परिवार वालो के लिए तो जीना ही भूल गए हैं
अब जितना भी जिएंगे अपने आदिवासी परिवार के लिए जिएंगे !!
दुश्मनों ने धात लगा रखी है
हम चाकू की नोक पर चलते हैं
वे बंदूक की नोक पर जीते हैं
हम अपने समाज के दम पर दुश्मनों से लड़ते हैं !!
हमारी ताकत खुद हमसे नहीं है
हमारी ताकत तुम सब से है
जब तक तुम सब आदिवासियों का साथ है
तब तक हम भी दुश्मनों के लिए महाकाल है !!
उन्हें डर हमसे नहीं लगता हैं
उन्हें डर आप सब की भीड़ देखकर लगता हैं
जहां जनता की अदालत शुरू हो जाती हैं
वहां कानून व्यवस्था की धारा भी तुच्छ हो जाती हैं
नेताओं ने सिर्फ धोखा दढ़ी ओर रिश्वत के दम पर ही
हमारे क्रांतिकारी जनजागरुकता वाले क्रांतिकारियों पर कानून व्यवस्था की धारा लगाकर उनको जबरन जेल में बंद करवा रखा है !!
जिस दिन हम भी नेताओं से भी ज्यादा चालक ओर चतुर हो गए
फिर देखो संविधान से चलने वाला कानून व्यवस्था का हर एक सिपाही सिर्फ जनता की अदालत के लिए ही सत्य अहिंसा ओर जनता की ताकत से ही सुचारु हो जाएगा !!
हम तुम्हे जगाना चाहते है
तुम्हारी आत्मा को जगाना चाहते है
हम तो उसी दिन कुर्बान हो गए थे
जिस दिन से हम लोग आप लोगो के भविष्य के लिए सामाजिक कार्यकर्ता बनकर समाज सेवा की नींव को जगाने घर से निकल चुके थे
उसी दिन से हम अपनी जिंदगी को दुश्मनों की नजर में!!
उनकी बंदूक की नोक पर निशाने पर चलने वाले चौकीदार हो गए !!
सत्य अहिंसा और आदिवासी संस्कृति वाला धर्म
ही हमारी एकजुटता की पहचान है
जोहार जिंदाबाद
आप सब की जय हो!!
Writers,,,,,,,,,,,,,,,,,✍️
Kanhaiya Vasuniya
भील ठाकुर
Kanhaiyalal Vasuniya
धर्मपूर्वी इंजी. विलेश खराड़ी