Jai Hind

Jai Hind Social work

14/09/2022

*कबीरा कहे हे जग अंधा*
*अंधी जैसी गाय*
*बछड़ा था सो मर गया*
*झूठी चाम चटाय*

अर्थ-
एक अंधी गाय थी । उसका बछड़ा मर गया । मालिक ने
उसके चमड़े में भूसा भरकर बछड़े का पुतला तैयार कर दिया। गाय अंधी थी , वह बछड़े को तो देखी नहीं थी । पहले की तरह उस पुतले को चाटकर दूध देने लगी ।
....कबीर दास जी कहते हैं, यह संसार भी उस अंधी गाय की तरह है । वह किसी देवता या भगवान को तो देखा नहीं है फिर भी बामन, देवता का पुतला दिखाकर सदियों से उसे दूह ( शोषण कर ) रहा है ।

कबीरदास जी का आशय यह समझाना है कि देवता के नाम पर दान-दक्षिणा बंद करो । इसी अंधी गाय की तरह पुतले का प्रेम,भय और लालच दिखाकर सदियों से बहुजन समाज का शोषण होता रहा है..

*" मै उस भगवान को कैसे मान लूँ ,
*" जो आरती की आवाज सुन लेता है ,
*" लेकिन बहन बेटियो की दर्दनाक चीख उसे सुनाई नही देती ,

*" यदि ईश्वर सब कुछ देखता तो ,
*" आज मन्दिरो मे cctv कैमरे की जरूरत ही ना पडती ,

*" पत्थरो की मुर्तिया दुध पीती है ,
*" ये कोई चमत्कार नही है ,
*" चमत्कार तो तब हो ,
*" जब मुर्तिया दुध दे और देश के करोडो भुखे बच्चे पीये ,

*" धार्मिक कहते है भगवान के मर्जी के बीना एक पत्ता तक नही हिल सकता,
*" तो क्या जो मन्दिरो मे रेप होते है भगवान के मर्जी से होते है ,

*" जब मनु के समय नारी को शिक्षा का अधिकार ही नही था ,
*" तो सरस्वती किस कालेज से phd करके शिक्षा की देवी बनी

*" मन्दिर मे चोरी करने वाला चोर भगवान से नही डरता ,
*" बल्कि चोरी करते समय कोई इन्सान न देख ले ,
*" इस बात से डरता है ,
*" कौन बडा है भगवान या इन्सान ,

*भारत में जाति और वर्ण का खेल, देखो और समझो*

जाति V/s वर्ण

ब्रह्मा के अनुसार चार लोग पैदा किये गए

1.ब्राह्मण:- वर्ण एक,जाति एक
2.क्षत्रिय:- वर्ण एक,जाति एक
3.वैश्य:- वर्ण एक,जाति एक
4.शूद्र:- वर्ण एक, जाति अनेक (6743) जातियों में बांटा🤔?

नहीं समझे चलो समझाता हूँ :-

ब्राह्मण से जाति पूछो कहेगा ब्राह्म..
क्षत्रिय से जाति पूछो कहेगा राजपूत..
वैश्य से जाति पूछो कहेगा बनिया..

लेकिन शूद्र से जाति पूछो कहेगा :-

पासी

जाटव

बैरवा

बाल्मीकि

चमार

मीणा

धोबी

कोली

माली

नाई

बघेल

जाट

गूजर

काछी

जायसवाल

कुशवाहा

यादव

गायरी

कुम्हार

खाती

मेघवाल

रेगर

बलाई

ढोली

कीर

खटीक

सुनार

मल्लाह

गरासिया

भील

दरोगा

टेली

रेबारी

टेलर

कुमावत

लोहार

पटेल

वर्मा

लोहार

सोनार

पटेल

कुर्मी

मराठा

जाट

तेली

आदि आदि आदी बहोतकुछ कुल मिलाके (6743)

मतलब सब अलग-थलग

पिटने का कारण समझ में आया?

अगर आप SC ST OBC में आते हैं तो गर्व से कहें हम शूद्र हैं !!!

SC शूद्र

ST शूद्र

OBC शूद्र

फिर देखो तमाशा !! हर जगह पर बहुसंख्यक शूद्रों का कब्जा हो जायेगा फिर आपके बच्चे खूब लाइफ एंज्वॉय करेंगे ।

√★शूद्रों को हिन्दू बनाकर मुसलमानों के खिलाफ इकठ्ठा कर ब्राह्मण राज करता है और जातियाँ में बांटकर एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ आपस में उलझाये रखता है । अर्थात शूद्रों की हिन्दू और जाति की पहचान ब्राह्मणों की सबसे बड़ी ताकत है तो शूद्र की शूद्र के रूप में पहचान ब्राह्मणों की सबसे बड़ी कमजोरी है इसलिए दुश्मन की कमजोरी को ही हमे हमारी ताकत बनाना होगा तो गर्व से कहो हम शूद्र (भारतीय मूलनिवासी) हैं ।
क्योंकि हिन्दू धर्म में वर्ण, वर्ण शूद्र, शूद्र में जाति, जाति में क्रमिक ऊंच-नींच बनाकर भगवानों का डर दिखाया...... और ब्राह्मण के आगे सारे नींच !!! अब गर्व से कैसे कहें कि हम हिन्दू हैं ???
-------------------------------------------

ब्राह्मणवाद की झूठी कहानी का पर्दाफाश होगा।
आज नही तो कल निश्चित होगा।।

देश के लोगों का मान सम्मान स्वाभिमान छीनने वाले दुश्मनों का सत्यानाश होगा।
जब शेर जागेगा तो लुटेरा गीदड़ दम दबाकर भागेगा।।

*अंधविश्वास भगाओ*
*आत्मविश्वास जगाओ*

#शिक्षित_बनो_और_शिक्षित_करो

सबेरा और उजाला तब नहीं होता जब सूर्योदय होता है, उसके लिए आंखें भी खोलनी पडती है।

आप ने इसे पढ़ने के लिए समय दिया उसका बहुत बहुत धन्यवाद । अब एक एहसान और करदो इस संदेश को अन्य 10-20 साथियों में और ग्रुप मे भेज दो। बस यही तरीका है अपने साथियों को जागरूक करने का।

👉 *कम से कम 1ग्रुप्स में जरूर

✍ज्यादा से ज्यादा शेयर करो 🔥

*" बुद्ध जी पैदल ही चल के पुरे एशिया और यूरोप मे छा गये,*
*" और उडने वाले भगवान यही के यही भारत मे ही रह गये।*

*जय भीम*

अंग्रेज देर से आए, जल्दी चले गए। जातिवाद आधारित सामन्तवाद को जिस झटके की ज़रूरत थी, वह झटका अंग्रेजों ने दिया। हालांकि 1...
09/09/2022

अंग्रेज देर से आए, जल्दी चले गए। जातिवाद आधारित सामन्तवाद को जिस झटके की ज़रूरत थी, वह झटका अंग्रेजों ने दिया। हालांकि 1857 के बाद अंग्रेजों ने समाज सुधार के काम लगभग बंद कर दिए।

अंग्रेज न होते तो हिंदू आज भी मंत्र जाप करते हुए विधवाओं को जला रहे होते। अछूत आज भी स्कूल न जाते। ज़्यादातर कारीगर जातियों को श्रम का मूल्य नहीं मिल रहा होता। पशुपालकों को दूध मुफ़्त में देना पड़ता। देवदासी प्रथा जारी रहती।

ये बदलाव देर सबेर होते। अंग्रेजों ने कुछ काम फटाफट कर दिए। इसलिए भारत के इतिहास की पहली और एकमात्र बड़ी बग़ावत उनके समय हुई।

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ को भावपूर्ण श्रद्वांजली|

जैसे जैसे लोगों के पास पैसा बढ़ता है तो लोग गांव से शहर, शहर से महानगरों में जाकर ऐसी छोटी छोटी गुफाओं में कैद हो जाते ह...
07/09/2022

जैसे जैसे लोगों के पास पैसा बढ़ता है तो लोग गांव से शहर, शहर से महानगरों में जाकर ऐसी छोटी छोटी गुफाओं में कैद हो जाते हैं, फिर ये महंगी होटलों में खाना खाते हैं जिसकी वजह से इन्हें बड़े हॉस्पिटलों में इलाज करवाना पड़ता हैं उनकी नजरों में तो वे अमीर है पर वे मानसिक रूप से गरीब है वास्तविक खुशहाल तो ग्रामीण ही है।
*कुछ लोग गांव का महत्व समझते हैं उन पर ये बाते लागू नहीं होती हैं।
✍️🖤🖤

जब तक पिता जिंदा रहता है, बेटी मायके में हक़ से आती है और घर में भी ज़िद कर लेती है और कोई कुछ कहे तो डट के बोल देती है कि...
29/08/2022

जब तक पिता जिंदा रहता है, बेटी मायके में हक़ से आती है और घर में भी ज़िद कर लेती है और कोई कुछ कहे तो डट के बोल देती है कि मेरे पिता का घर है। पर जैसे ही पिता चले जाता है और बेटी आती है तो वो इतनी चीत्कार करके रोती है कि, सारे रिश्तेदार समझ जाते है कि बेटी आ गई है।

और वो बेटी उस दिन अपनी हिम्मत हार जाती है, क्योंकि उस दिन उसका पिता ही नहीं उसकी वो हिम्मत भी मर जाती है।

आपने भी महसूस किया होगा कि पिता की मृत्यु के बाद बेटी कभी अपने भाई- भाभी के घर वो जिद नहीं करती जो अपने पापा के वक्त करती थी, जो मिला खा लिया, जो दिया पहन लिया क्योंकि जब तक उसके पिता थे तब तक सब कुछ उसका था यह बात वो अच्छी तरह से जानती है।

आगे लिखने की हिम्मत नहीं है, बस इतना ही कहना चाहता हूं कि पिता के लिए बेटी उसकी जिंदगी होती है, पर वो कभी बोलता नहीं, और बेटी के लिए पिता दुनिया की सबसे बड़ी हिम्मत और घमंड होता है, पर बेटी भी यह बात कभी किसी को बोलती नहीं है।

पिता पुत्री का प्रेम समुद्र से भी गहरा है❗

#वरं_हि_कन्यकारक्षा_पाठनं_हि_ततो_वरम्।।
(कन्या की रक्षा करना बहुत बड़ा धर्म है और उनको पढ़ाना उससे भी बड़ा धर्म)

Address

Chittorgarh
Chittorgarh

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Jai Hind posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Jai Hind:

Share

Category