29/11/2025
चलो फिर से मुस्कुराएँ, ज़िंदगी को आजमाएँ,
थोड़ी धूप है, थोड़ी छाँव… हम दोनों अपनाएँ।
हर मोड़ पे मुश्किलें हैं, पर आस न छोड़ो तुम,
रात चाहे जितनी गहरी हो, सुबह तो आएगी ही थोड़ी-थोड़ी थम।
कभी गिरना, कभी संभलना—यही तो सफ़र की पहचान है,
जिसके दिल में हौसला हो, वही असली इंसान है।
किस्मत की लकीरों से ज्यादा, मेहनत की राहें बोलती हैं,
जो सपने सच होते हैं, वो दिल की गहराइयों में डोलती हैं।
ज़िंदगी तू मत डराना, मैं तेरे संग चलने को तैयार हूँ,
हर तूफ़ान के बाद आता सवेरा—मुझमें भी वही उजियार है।
चलो कोशिशों को आदत बनाएँ, उम्मीदों से घर सजाएँ,
हम यहाँ हारने नहीं… कहानी लिखने आएँ।
#ज़िंदगी आसान नहीं… मगर खूबसूरत ज़रूर है! ✨
अगर आपको मेरी ये #कविता दिल को छू गई हो,
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