01/06/2026
1. स्वास्थ्य सेवाएं (Healthcare Access)सुलभ और किफायती उपचार: सभी नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण और वंचित वर्गों तक बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की आसान और सस्ती पहुँच होनी चाहिए।निवारक चिकित्सा (Preventive Care): केवल इलाज पर निर्भर रहने के बजाय नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण और बीमारियों की शुरुआती पहचान पर जोर दिया जाना चाहिए।आपातकालीन सेवाएं: एम्बुलेंस और ट्रॉमा सेंटर जैसी 24/7 आपातकालीन सेवाओं का मजबूत नेटवर्क।2. पोषण और आहार (Nutrition)पौष्टिक भोजन की उपलब्धता: कुपोषण को दूर करने के लिए सभी को सस्ती दरों पर ताज़ा, पौष्टिक और संतुलित आहार (विटामिन, प्रोटीन और खनिजों से युक्त) मिलना चाहिए।स्वच्छ पेयजल: जल जनित बीमारियों से बचने के लिए शुद्ध और सुरक्षित पेयजल तक सार्वभौमिक पहुँच।3. मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health)जागरूकता: मानसिक तनाव, डिप्रेशन और अन्य विकारों के प्रति समाज में फैली वर्जनाओं (stigma) को खत्म करना।परामर्श केंद्र: स्कूलों, कार्यस्थलों और समुदाय स्तर पर आसानी से मनोवैज्ञानिक और परामर्श (counseling) सेवाएं उपलब्ध होना।4. पर्यावरण और स्वच्छता (Environment & Sanitation)स्वच्छ परिवेश: व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर सफाई, उचित कचरा प्रबंधन और सीवरेज सिस्टम का होना।प्रदूषण नियंत्रण: वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए हरित ऊर्जा और पर्यावरण-अनुकूल आदतों को अपनाना।5. जीवनशैली और आदतें (Lifestyle Habits)शारीरिक सक्रियता: योग, व्यायाम और खेलों को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना।नशामुक्ति: तंबाकू, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन से दूर रहना।रेखा सिंह,सुमित्रा पाण्डेय,आदर्श शुक्ला, डा.योगेश राय, डा. पी के पाण्डेय, द्वारा जागरूकता अभियान,,