12/02/2024
क्षण भर की जिंदगी है अब गए तब गए क्या फिक्र करते हो घर की परिवार की क्या फिक्र करते हो मित्रों परिजनो की एक ही बात का फिक्र करो कि तुम अपना गीत गाकर जाओगे कि तुम अपना नृत्य नाच कर जाओगे कि तुम अपना सुगंध बिखरा कर जाओगे की मरते समय तुम्हें यह अपराध भाव ना लगेगा की मैं अपनी जिंदगी अपने ढंग से ना जी सका बस यही सिद्धि मरते समय तुम्हें ए आनंद रहे की जैसा जीना था वैसा जिया जो करना था वही किया ना तो झुक ना समझौता किया अपनी मौज में रहा अपनी मस्ती में रहा जरूर बहुत कठिनाइयां आई लेकिन सब कठिनाइयां चुनौतियां हैं और हर चुनौती आत्मा को निखारती है