17/12/2025
ये मोहतरमा पढ़ने-लिखने में बहुत तेज थी। मोहतरमा ने ढे़र सारा इतिहास पढा़ हुआ था। और ज्यादा इतिहास पढ़ने की वजह से इन मोहतरमा की नस नस मे सेक्युलरिज्म की धारा बहती थी,,,
मोहतरमा को सारे मजहब एक ही समान लगते थे। और अपने ईश्वर पर भरोसा कम था, या ये समझ लो की था ही नही,,,,
मोहतरमा के मन मे एक ही विचार था की ईश्वर ने तो सबको एक इंसान बनाया है, फिर ये हिन्दू- मुस्लिम सिख ईसाई किसने कर दिया और क्यो कर दिया ?
मोहतरमा सभी विषयों मे टॉपर थी इसलिये उन्हें लगता था कि अब उन्हे कुछ भी जानने समझने की जरूरत नही है,,उन्होंने सब कुछ जान समझ लिया है।
फिर मोहतरमा ने अपने दम पर IAS की इम्तिहान में भी टॉप मार गयी तब मोहतरमा अहमब्रम्हाष्मि वाली अवस्था मे चली गईऔर अब मोहतरमा के खून मे मौजूद सेक्युलरिज्म उबाल मारने लगा,,,
और सेक्युलरिज्म के कारण इन मोहतरमा की सोच बदल गई और इनके दिमाग मे एक बात ठीक से घर कर गई की 'सच्चा मुसलमान कभी भरोसा नहीं तोड़ सकता'। फिर मोहतरमा ने एक बड़े फंक्शन का आयोजन किया और उसी दौरान ने इन्होने एक मुस्लिम IAS अधिकारी 'अतहर खान' से निकाह+शादी कर लिया।
और निकाह+शादी करने के बाद मोहतरमा ने ने अपने नाम के साथ बड़े ही गर्व से 'खान' शब्द जोड़ लिया। लेकिन अभी भी मोहतरमा का दिल नही भरा तो मोहतरमा ने अपने निजी बॉयोडाटा में 'कश्मीरी मुस्लिम' भी जोड़ दिया।
लेकिन निकाह+शादी के बाद मोहतरमा आसमान से जमीन पर धड़ाम से उस दिन गिरी जब उनके सामने मटन बिरयानी मे गाय और भैंस का मांस परोस दिया गया, और मोहतरमा नींद से तब जागी जब उनके नये घर वालों ने उनसे कहा कि, ये कलेक्टरगीरी रखो साइड मे और काला तिरपाल(बुर्का) पहनना चालू करो,,
अचानक मोहतरमा को पता चला कि उनके शौहर के अब्बू मतलब उनके ससुर भी उनको ताड़ते है।
और मोहतरमा ने जब ये बात अपने प्यारे पतिदेव को बताया,, तो श्रीमान जी ने कहा की वो मेरे अब्बू हैं और उनको खुश करना तुम्हारी ही जिम्मेदारी है,,
फिर एकदिन मोहतरमा ने अपनी सासू मां को भी यही बात बताई तो सासू मां कहती है, जब तक तुम नही आई थी तब तक मैने उन दोनो को खुश रखा था, और अब जब तुम आ गई हो तो उन दोनो को खुश रखना अब तुम्हारी जिम्मेदारी बन गई है,,,,,
एक दिन सुबह का समय था, और मोहतरमा को भक्ती गाना सुनने का बहुत मन कर रहा था,,, तो उन्होने मोबाइल पर भक्ति गाना लगा दिया,,अचानक गाने की आवाज से पतिदेव चौंक कर जग गये और मोबाइल छीन कर जमीन पर पटक दिए,,,,,जैसे तैसे समय कटने लगा,,
अचानक मोहतरमा को गुप्तसूत्रों से पता चला की उनके शौहर किसी दूसरे माल के चक्कर मे घूम रहे हैं,, और उससे निकाह करने का विचार बना रहे हैं,,,। तब मोहतरमा के दिमाग मे ये गाना गूजने लगा "मेरे तो L लग गये" तब मोहतरमा ने अपने शौहर से इस बारे मे बात की तो उन महाशय ने साफ कह दिया दो क्या मै तो पांच बार शादी कर सकता हूं हमारी आसमानी किताब मे तो इसकी इजाजत है।
अब मोहतरमा बात को बात समझ आने लगी की ये जो #सेक्युलरिज्म है हमारे अन्दर केवल तभी तक जीवित रह सकता है,, जब तक उसके नाम के पीछे एक हिन्दू पहचान थी। जैसे ही हमारे नाम के पीछे 'खान' शब्द जुड़ा #सेक्युलरिज्म शमशान पहुँच गया।
तब मोहतरमा आसमान से जमीन पर उतरी और अपने दफ्तर में ही यज्ञ करवा डाला।और शौहर को तलाक का नोटिस भेज दिया। इतना सब होने के बाद मोहतरमा को फिर से हनुमानजी की याद आई और इंस्टाग्राम पर पोष्ट किया की
#तुम_रक्षक_काहू_को_डरना',,,
ये है टीना डाबी, SDM जैसलमेर...
भगवान की दया से मोहतरमा सूटकेश या फ्रिज मे पैक होने से बच गई,,,😁😁😁😁 और आपकी जानकारी के लिए बता दूं की इन मोहतरमा को राष्ट्रपति ने सम्मानित भी किया है,, लेकिन सैक्युलरिज्म के कीड़े ने इनके मान सम्मान और इनकी इज्जत की धज्जियां उड़ा दी,, किसी तरह भगवान की दया से जीवित बच गई वही बहुत बड़ी बात है,,,,,