Sanju ki tanhai

Sanju ki tanhai मैंने अपनी एक ऐसी दुनिया बसाई है,
जिसमें एक तरफ खामोशी और दूसरी तरफ तन्हाई है.plz follow me

05/09/2026

यह हकीकत है दुनिया की आज जिसे तुम सबसे ज़्यादा एहमियत दे रहे हो कल वही इंसान तुम्हें सबसे ज़्यादा बेवक़ूफ़ समझेगा

05/09/2026

इन्कार जैसी लज़्जत इक़रार में कहाँ,
बढ़ता रहा इश्क़ उसकी नहीं नहीं से,

निकाल लाई हूं पिंजरे से एक परिंदाअब उस परिंदा के दिल से पिंजरा निकालना है।
05/09/2026

निकाल लाई हूं पिंजरे से एक परिंदा
अब उस परिंदा के दिल से पिंजरा निकालना है।

18/08/2026

यहाँ वो कहानियाँ लिखी जाती हैं
जो लफ्ज़ों में नहीं, ख़ामोशियों में सुनीं जाती हैं!

18/08/2026

मौन में छुपी हैं प्रेम की कितनी ही गहराइयाँ!

समंदर कब गिन सका है लहरों की अंगड़ाइयाँ!!

18/08/2026

इतना भरम तो होना, ताल्लुक़ में लाज़मी
शर्मिंदगी ना हो, जो कभी छोड़ना पड़े

में चाहती नहीं हूँ, तुझे छोड़ना मगर
इतना भी ना सता के, तुझे छोड़ना पड़े..!!

15/08/2026

गम इतने मिले कि गिनना छोड़ दिया, अब तो आँसुओं ने भी
आंखों से निकलना छोड़ दिया.

15/08/2026

हर बार मेरे सामने आते रहे हो तुम
हर बार तुमसे मिलके बिछड़ते रहें हैं हम

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