13/04/2024
सियासत इस कदर अवाम पे अहसान करती है ।
पहले आँखे छीन लेती है फिर चश्में दान करती है ।।
आरटीई बना गरीबों का मज़ाक, कहने को शिक्षा मुफ्त लेकिन किताबों के लिए तो भारी भरकम पैसे तो जुटाने ही पड़ेंगे फिर उसके बाद ड्रेस का नंबर भी तो है स्कूल वाले कहते हैं कि हमें आरटीई का पैसा नहीं मिलता और अभिभावक बताते हैं कि उनके खाते में जो पैसा आना होता है वह भी नहीं आता बड़ा सवाल उठता है कि देश के नौनिहालों की शिक्षा के लिए भेजा गया आखिर यह पैसा जाता कहां है.... #स्कूल