इंद्रा गांधी नहर परियोजना बाजार भाव

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इंद्रा गांधी नहर परियोजना बाजार भाव Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from इंद्रा गांधी नहर परियोजना बाजार भाव, Farmers market, 335701, Anupgarh.
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नोट:
यह पेज सिर्फ़ किसानों की जानकारी और सहयोग के लिए बनाया गया है।
➡️ यह कोई आधिकारिक सरकारी पेज नहीं है।
➡️ यहाँ इंदिरा गांधी नहर परियोजना, शाखा-वार अपडेट, मंडी भाव और मौसम की जानकारी साझा की जाती है।
➡️उद्देश्य है कि किसान भाई सही समय पर जानकारी

17/08/2026

यूनस अली मेट
एनडीआर एंड रावतसर ब्रांच में पानी आज शाम 8 00 बजे बंद कर दिया गया है

17/08/2026

🌊 पोंग डैम में पानी की आवक तेज
1356.76 फीट जलस्तर | 37,334 क्यूसेक आवक

17/08/2026

हिमाचल प्रदेश में अच्छी बारिश की सूचना मिल रही है पोंग डैम में आवक बढ़ने की संभावना है

सभी किसान साथी अपनी अपनी राय अवश्य दें क्या सुरतगढ़ शाखा में बैलेंस का छोड़ा जा सकता है या नहीं
17/08/2026

सभी किसान साथी अपनी अपनी राय अवश्य दें क्या सुरतगढ़ शाखा में बैलेंस का छोड़ा जा सकता है या नहीं

मुंग में यह दवाई केसी रहेगी सभी किसान साथी बताएं
17/08/2026

मुंग में यह दवाई केसी रहेगी सभी किसान साथी बताएं

*आज का बाजार भाव कृषि उपज मंडी अनूपगढ*🌱🌱🌱
17/08/2026

*आज का बाजार भाव कृषि उपज मंडी अनूपगढ*
🌱🌱🌱

17/08/2026

सूरतगढ़ ब्रांच में बुधवार तक बैलेंस पानी खुलने की उम्मीद!

आज किसान श्री विजयनगर SC कार्यालय के सामने पानी की मांग को लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सूरतगढ़ ब्रांच में बैलेंस पानी बुधवार तक खोलने की उम्मीद है।

अब देखना यह है कि यह आश्वासन हकीकत में कब बदलता है। बाकी नहरों की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है।

किसान घर बैठकर परेशान होते रहेंगे तो पानी की समस्या का समाधान नहीं होगा। अपनी जायज मांग के लिए किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठानी होगी।

पानी किसान का हक है, एहसान नहीं।

— किसान पुत्रः शयोपत सहारण
नहर भाव खेती से संबंधित

#किसान #सूरतगढ़ब्रांच #नहरपानी #किसानएकता

अब घर बैठे ज्ञान देने से काम नहीं चलेगा… किसानों को आवाज उठानी पड़ेगी!आज स्थिति ऐसी हो गई है कि न सरकार अपने आप पानी देन...
17/08/2026

अब घर बैठे ज्ञान देने से काम नहीं चलेगा… किसानों को आवाज उठानी पड़ेगी!

आज स्थिति ऐसी हो गई है कि न सरकार अपने आप पानी देने वाली है और न ही हम किसानों के जागने से पहले कोई बदलाव होने वाला है।

इंदिरा गांधी नहर में पानी की किल्लत है। खेतों में नरमे की फसल खराब हो रही है और किसान अपनी फसल बचाने के लिए पानी मांग रहा है।

लेकिन जब कोई किसान भाई सोशल मीडिया पर किसानों की आवाज उठाता है, तो कुछ भाई घर बैठे-बैठे ज्ञान देने जरूर आ जाते हैं… लेकिन खुद आवाज उठाने या घर से बाहर निकलने के लिए तैयार नहीं होते।

भाइयों, अगर आप चाहते हैं कि इंदिरा गांधी नहर की सभी नहरों में बैलेंस का पानी मिले और जरूरत के अनुसार 4 में से 2 समूह का सिंचाई रेगुलेशन बने, ताकि सभी किसानों को इसका फायदा मिल सके, तो अब सिर्फ देखने और पढ़ने से काम नहीं चलेगा।

जिस तरह कोई नेता आपके गांव में आता है तो उसके कार्यकर्ता पूरी ताकत से उसके समर्थन में आवाज उठाते हैं, उसी तरह किसान के मुद्दे पर भी किसानों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।

सोशल मीडिया पर किसानों की पोस्ट दिखाई दे तो कम से कम लाइक, शेयर और अपनी बात जरूर रखें।
और जब जरूरत पड़े तो घर से निकलकर भी किसानों की आवाज में आवाज मिलाएं।

सरकार तभी गंभीर होगी जब उसे लगेगा कि किसान अपनी पानी की मांग को लेकर एकजुट है।

यह किसी एक किसान की लड़ाई नहीं है।
यह पूरे इलाके के किसानों की फसल और भविष्य का सवाल है।

अब फैसला आपका है—

क्या सिर्फ घर बैठे सरकार को कोसना है,
या फिर किसान के पानी के लिए सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक अपनी आवाज बुलंद करनी है?

बताओ किसान भाइयों—क्या आप तैयार हो?

किसान पुत्रः शयोपत सहारण
नहर • भाव • खेती से संबंधित

#किसानएकता #सिंचाईपानी #इंदिरागांधीनहर #किसान #नरमा

अनूपगढ़ आए मुख्यमंत्री जी… लेकिन सिंचाई पानी पर एक शब्द नहीं!दो-तीन दिन पहले मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी अनूपगढ़ क्...
17/08/2026

अनूपगढ़ आए मुख्यमंत्री जी… लेकिन सिंचाई पानी पर एक शब्द नहीं!

दो-तीन दिन पहले मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी अनूपगढ़ क्षेत्र में आए थे। यह वही क्षेत्र है जिसके आसपास के किसानों ने वर्षों से सिंचाई पानी के लिए संघर्ष किया है और घड़साना किसान आंदोलन में पानी की मांग को लेकर सात किसान शहीद हुए थे।

मुख्यमंत्री जी ने अपने भाषण में इस पूरे क्षेत्र को कृषि प्रधान क्षेत्र बताया और यहां की कृषि की पहचान विदेशों तक होने की बात कही।

लेकिन अफसोस की बात है कि करीब एक घंटे के भाषण में इंदिरा गांधी नहर के सिंचाई पानी की समस्या पर एक लब्ज तक नहीं बोला गया। गंग नहर के पानी पर भी कोई बात नहीं हुई।

मुख्यमंत्री जी, किसान यह नहीं कहता कि आप सिर्फ उसकी तारीफ करें कि हमारा क्षेत्र कृषि प्रधान है।
किसान चाहता है कि उसकी फसल बचाने के लिए पानी मिले।

आज खेतों में नरमे की फसल जल रही है। किसान की महीनों की मेहनत, लागत और उम्मीद आंखों के सामने बर्बाद हो रही है।

आप मंच से सिर्फ दो शब्द कह देते—

“इंदिरा गांधी नहर में सिंचाई पानी की किल्लत है, हम इसे सुधारेंगे और किसानों को पर्याप्त पानी दिलाएंगे।”

तो शायद किसान के मन में सरकार के प्रति थोड़ी उम्मीद पैदा होती।

लेकिन सरकार के भाषण में कृषि की बातें तो खूब हुईं, पानी की बात गायब रही।

जिस क्षेत्र के किसानों ने पानी के लिए अपना खून तक बहाया, वहां आज भी किसान बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है।

सरकार को समझना होगा—
कृषि प्रधान क्षेत्र सिर्फ भाषणों से नहीं बनता,
कृषि को बचाने के लिए नहर में पानी भी देना पड़ता है।

नरमे की जलती फसलें आज सरकार से सवाल कर रही हैं—
किसान की खेती बचेगी कैसे, जब सिंचाई का पानी ही नहीं है?

किसान पुत्रः शयोपत सहारण
नहर • भाव • खेती से संबंधित

#अनूपगढ़ #सिंचाईपानी #इंदिरागांधीनहर #किसान #नरमा

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