Krishi Bhagat

Krishi Bhagat "किसान भाइयों के लिए भरोसेमंद साथी 🌱 | खेती आसान बने, यही Krishi Bhagat का प्रयास"Msc (Agronomy)
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बीज सबसे बड़ी फैक्ट्री किसान का खेत हैं,अगर किसी फैक्ट्री में बीज तैयार होने लगेगा,उस दिन किसान को खेती करने की भी आवश्य...
13/06/2026

बीज सबसे बड़ी फैक्ट्री किसान का खेत हैं,अगर किसी फैक्ट्री में बीज तैयार होने लगेगा,उस दिन किसान को खेती करने की भी आवश्यकता नहीं होगी फैक्ट्री में गेंहू चावल आदी बनेंगे हम आराम से बैठे बैठे खाएंगे,पर ऐसा नहीं हो सकता।
किसान खुद बीज खेत पर तैयार क्यों नहीं करता क्यों गुलाम हो गया किसान इन बीज बेचने वाली कम्पनियों का ।
बड़े बड़े कृषि अनुसंधान केन्द्रो के बीज पर काम करने वाले कृषि साइंटिस्ट इस बात को स्वीकार करते हैं हम जो काम बीज तैयार करने का काम करते उससे अच्छा बीज किसान खुद अपने खेत पर तैयार कर सकता पर गूलाम बन गया किसान कम्पनियों के मक्कड़ जाल में फंसकर आत्मनिर्भर बनों।

🌱🌾 इफको डी-कंपोज़र: मिट्टी की सेहत सुधारने की एक प्रभावी पहल 🌾🌱आज किसानों के साथ खेत भ्रमण के दौरान इफको डी-कंपोज़र के उ...
13/06/2026

🌱🌾 इफको डी-कंपोज़र: मिट्टी की सेहत सुधारने की एक प्रभावी पहल 🌾🌱
आज किसानों के साथ खेत भ्रमण के दौरान इफको डी-कंपोज़र के उपयोग और इसके लाभों पर चर्चा की गई। कई किसान अपनी भूमि में जैविक पदार्थ बढ़ाने तथा फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए डी-कंपोज़र का उपयोग कर रहे हैं।
✅ फसल अवशेषों को तेजी से गलाने में सहायक
✅ मिट्टी में जैविक कार्बन बढ़ाने में मददगार
✅ मिट्टी की संरचना एवं जल धारण क्षमता में सुधार
✅ लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाने में सहायक
✅ पराली जलाने की आवश्यकता कम करने में मदद
डी-कंपोज़र के नियमित उपयोग से मिट्टी की सेहत बेहतर बन सकती है, जिससे भविष्य में फसलों की उत्पादकता और टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलता है।
संदेश:
"आज मिट्टी की सेहत पर ध्यान देंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को उपजाऊ भूमि दे पाएंगे। इफको डी-कंपोज़र जैसी जैविक तकनीकों को अपनाकर हम स्वस्थ मिट्टी और बेहतर खेती की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।"
🌱🚜🌾

कपास में बॉर्डर क्रॉप के रूप में बाजरा लगाने के फायदेकपास की फसल के चारों ओर बाजरा बॉर्डर क्रॉप के रूप में लगाने से कई ल...
13/06/2026

कपास में बॉर्डर क्रॉप के रूप में बाजरा लगाने के फायदे
कपास की फसल के चारों ओर बाजरा बॉर्डर क्रॉप के रूप में लगाने से कई लाभ मिलते हैं। बाजरा तेज हवा की गति को कम करता है, जिससे कपास के पौधों को सुरक्षा मिलती है। यह खेत में लाभकारी कीटों और पक्षियों को आकर्षित करने में मदद करता है, जो हानिकारक कीटों की संख्या को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। साथ ही, बाजरा खेत की जैव विविधता बढ़ाकर फसल को अधिक संतुलित वातावरण प्रदान करता है।
बॉर्डर क्रॉप के रूप में बाजरा कपास की बुवाई के समय या उससे 7–10 दिन पहले खेत की मेड़ों एवं किनारों पर लगाना चाहिए, ताकि यह समय रहते अच्छी वृद्धि कर सके और कपास को पूरा लाभ मिल सके।
🌱 आज किसान भाई के खेत का भ्रमण किया, जहां कपास के साथ बाजरा बॉर्डर क्रॉप के रूप में लगाया गया है। यह एक अच्छा कृषि प्रबंधन अभ्यास है, जो फसल संरक्षण, जैव विविधता बढ़ाने तथा टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करता है।

फील्ड विजिट के दौरान की बेहतरीन तस्वीरें        #कृषि_जानकारी
12/06/2026

फील्ड विजिट के दौरान की बेहतरीन तस्वीरें #कृषि_जानकारी

06/06/2026

कपास में बॉर्डर क्रॉप के रूप में बाजरा लगाने के फायदे
कपास की फसल के चारों ओर बाजरा बॉर्डर क्रॉप के रूप में लगाने से कई लाभ मिलते हैं। बाजरा तेज हवा की गति को कम करता है, जिससे कपास के पौधों को सुरक्षा मिलती है। यह खेत में लाभकारी कीटों और पक्षियों को आकर्षित करने में मदद करता है, जो हानिकारक कीटों की संख्या को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। साथ ही, बाजरा खेत की जैव विविधता बढ़ाकर फसल को अधिक संतुलित वातावरण प्रदान करता है।
बॉर्डर क्रॉप के रूप में बाजरा कपास की बुवाई के समय या उससे 7–10 दिन पहले खेत की मेड़ों एवं किनारों पर लगाना चाहिए, ताकि यह समय रहते अच्छी वृद्धि कर सके और कपास को पूरा लाभ मिल सके।
🌱 आज किसान भाई के खेत का भ्रमण किया, जहां कपास के साथ बाजरा बॉर्डर क्रॉप के रूप में लगाया गया है। यह एक अच्छा कृषि प्रबंधन अभ्यास है, जो फसल संरक्षण, जैव विविधता बढ़ाने तथा टिकाऊ खेती को प्रोत्साहित करता है।

आपके क्षेत्र में किस किसान भाई ने ढैंचा लगाया है?कृपया कमेंट में अपना अनुभव साझा करें ताकि अन्य किसान भाई भी हरी खाद के ...
06/06/2026

आपके क्षेत्र में किस किसान भाई ने ढैंचा लगाया है?
कृपया कमेंट में अपना अनुभव साझा करें ताकि अन्य किसान भाई भी हरी खाद के लाभों के बारे में जान सकें। 🌱हरी खाद के लिए ढैंचा (Daincha) – किसानों के लिए उपयोगी जानकारी
🌱 ढैंचा (Sesbania aculeata) हरी खाद की सबसे अच्छी फसल मानी जाती है। इसे खेत में उगाकर फूल आने से पहले मिट्टी में मिला दिया जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।
ढैंचा के प्रमुख फायदे
✅ मिट्टी में जैविक कार्बन (Organic Matter) बढ़ाता है।
✅ वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करके 40–60 किग्रा नाइट्रोजन/हेक्टेयर तक उपलब्ध करा सकता है।
✅ मिट्टी की जल धारण क्षमता बढ़ाता है।
✅ मिट्टी को भुरभुरी बनाकर जड़ों के विकास में मदद करता है।
✅ खरपतवारों को दबाने में सहायक।
✅ सूक्ष्म जीवों की गतिविधि बढ़ाकर मिट्टी को स्वस्थ बनाता है।
✅ धान, कपास, ग्वार और अन्य फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में मददगार।
बुवाई का समय
📅 मई से जुलाई तक, मानसून शुरू होने से पहले या शुरुआती बारिश के साथ।
बीज दर
🌾 20–25 किग्रा बीज प्रति हेक्टेयर
(लगभग 8–10 किग्रा प्रति एकड़)
खेत में मिलाने का समय
🌿 बुवाई के 45–50 दिन बाद, फूल आने से पहले ढैंचा को जुताई करके मिट्टी में मिला दें।
हरी खाद से मिलने वाले लाभ
✔️ यूरिया की आवश्यकता कम हो सकती है।
✔️ मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है।
✔️ रासायनिक खादों की उपयोग दक्षता बढ़ती है।
✔️ टिकाऊ खेती (Sustainable Agriculture) को बढ़ावा मिलता है।
किसानों के लिए संदेश
"आज की हरी खाद, कल की उपजाऊ मिट्टी। ढैंचा अपनाएं, मिट्टी की सेहत सुधारें और फसल उत्पादन बढ़ाएं।"
#हरीखाद #ढैंचा #कृषि_जानकारी #किसान_हित_में 🌱🌾

05/06/2026

जमीनों का खारापन ओर मीठापन ओर खट्टापन का फसल उत्पादन से संबंध इसको सुधारने के तरीके

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