14/12/2017
#डासंजयअलंग
दिनकर सम्मान से सम्मानित अलंग होंगे पुरस्कृत
रायपुर।
छत्तीसगढ़ के आईएएस डॉ. संजय अलंग द्वारा लिखी गई छत्तीसगढ़ के इतिहास की शोध पुस्तक छत्तीसगढ़ : इतिहास और संस्कृति को भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च्तर शिक्षा विभाग द्वारा हिंदी में लिखी सर्वश्रेष्ठ इतिहास और शोध पुस्तक के रूप में स्वीकार किया गया है। लेखक डॉ. संजय अलंग को, केंद्रीय हिंदी निदेशालय, द्वारा एक लाख रूपए के राष्ट्रीय पुरस्कार के दिए जाने की सूचना दी गई है।
छत्तीसगढ़ पर लिखी गई यह पुस्तक और डॉ. अलंग द्वारा लिखी गई अन्य पुस्तकें पहले से गहन शोध अध्य्ययन और उच्च शिक्षा सहित सभी विभागों में लोकप्रिय और स्थापित हो चुकी हैं। ज्ञातव्य हो कि इनकी मांग उच्च प्रतियोगी परिक्षाओं हेतु भी बनी हुई है। डॉ. अलंग की शोध पुस्तकें अनामिका प्रकाशन, इलाहाबाद से प्रकाशित हुई हैं।
इतिहास की इस पुस्तक में गहन शोध के उपरांत छत्तीसगढ के तीनों क्षेत्र अर्थात खालसा, रियासत और जमींदारियों का पूरा इतिहास सामने आया है। इसमें कई नई बातें जैसे – छत्त्तीस क्या है? गढ़. क्या है? 1857 की सरगुजा की क्रांति, बिलासा धीवरिन का इतिहास, रियासतों का इतिहास और झंड़े, स्थानीय भुगोल और इतिहास से संस्कृति का उदय, जातियों और जनजातियों की भूमिका, जनता का सामाजिक-आर्थिक इतिहास आदि सहित कई रोचक और नए तथ्य सामने आए हैं। इन पुस्तकों में स्थानीय तत्व और मुखर हो कर सामने आते हैं। वैसे भी डॉ. अलंग अपने एक इंटरव्यू में यह कह भी चुके हैं कि, छत्तीसगढ़ उनकी सांसों और सपनों में बसता है।
डॉ. अलंग की, छत्तीसगढ़ पर लिखी पुस्तकें, जो दस से अधिक हैं, मील का पत्थर साबित हुई हैं और शिक्षा पुरस्कार योजना में पुरस्कृत हुई हैं। संजय अलंग की दो कविता संग्रह भी प्रकाशित हैं। इस हेतु उन्हें इसी वर्ष दिनकर सम्मान प्राप्त हुआ था।