11/11/2025
ऐ जिंदगी तुझे क्या कहूं
मेरे साथ तूने क्या किया
जहाँ आस का कोई दिया नहिं
मुझे उस नगर में पहुंचा दिया।
ना में रुक सकुन ना में बढ़ सकुन
ना दिल की बात समझ सकुन
तुझे क्या कहूँ ..
तूने क्या किया ..
मुझे मंजिलों की खबर तो दी पर रस्तों को उलझा दिया.
ऐ जिंदगी तुझे क्या कहूं....✍🏼