राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत

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राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत की बेगूसराय टीम ने लगाया कांवरिया सेवा शिविर।सेवा शिविर में कांवरिय...
17/08/2026

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत की बेगूसराय टीम ने लगाया कांवरिया सेवा शिविर।

सेवा शिविर में कांवरियों की सेवा में जुटे संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने दिया सेवा और सहयोग का संदेश

बेगूसराय। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत की बेगूसराय टीम की ओर से रविवार को कांवरियों की सेवा के उद्देश्य से कांवरिया सेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ कांवरियों की सेवा की। इस दौरान कांवरियों की सुविधा एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए टीम के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
सेवा शिविर के आयोजन का मुख्य उद्देश्य लंबी यात्रा कर रहे कांवरियों को सहयोग, सुविधा और राहत उपलब्ध कराना रहा। शिविर में पहुंचने वाले कांवरियों का संगठन के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया तथा उनकी आवश्यकताओं की जानकारी लेकर यथासंभव सहयोग प्रदान किया। संगठन के सदस्यों ने कहा कि कांवरियों की सेवा करना मानव सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और सेवा कार्य में सभी लोगों को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने कांवरिया सेवा एवं धार्मिक यात्रा के महत्व पर अपना वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि कांवरिया कठिन यात्रा कर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त करते हैं। ऐसे में रास्ते में उनकी सहायता और सेवा करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संगठन मानवाधिकार, जनजागरूकता और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यों को लगातार आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। जरूरतमंदों की मदद करना, लोगों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में सहभागिता करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्रदेश अध्यक्ष ने सेवा शिविर में मौजूद संगठन की बेगूसराय टीम के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी भी सेवा कार्य की सफलता टीम भावना और समर्पण पर निर्भर करती है। कांवरियों की सेवा के लिए पूरी टीम का एकजुट होकर शिविर में मौजूद रहना संगठन की सामाजिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कांवरिया सेवा शिविर के दौरान संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता लगातार सेवा कार्य में जुटे रहे। टीम के सदस्यों ने कांवरियों से विनम्रता के साथ संवाद किया और उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। शिविर में मौजूद कार्यकर्ताओं में सेवा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सामाजिक सेवा के ऐसे आयोजनों से आपसी भाईचारा, सहयोग और मानवता की भावना मजबूत होती है। उन्होंने भविष्य में भी जनहित और सामाजिक सरोकार से जुड़े सेवा कार्यों को निरंतर जारी रखने की बात कही।
रविवार को आयोजित यह कांवरिया सेवा शिविर संगठन की बेगूसराय टीम के लिए सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बना। पूरे आयोजन के दौरान संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता कांवरियों की सेवा में तत्पर नजर आए।
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11/08/2026

With Prachi Pathak – I just got recognised as one of their top fans! 🎉

साइबर अपराध से बचाव को लेकर परना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता अभियान।साइबर पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं क...
11/08/2026

साइबर अपराध से बचाव को लेकर परना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता अभियान।

साइबर पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को बताए सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के उपाय, संगठन की टीम ने भी किया जागरूक।

बेगूसराय। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, परना में साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत की टीम के सहयोग से साइबर पुलिस उपाधीक्षक एवं साइबर थाना बेगूसराय के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान साइबर पुलिस उपाधीक्षक इमरान अहमद, साइबर इंस्पेक्टर सुबोध कुमार एवं साइबर सब इंस्पेक्टर प्रिया कुमारी ने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल, इंटरनेट और सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराध के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में बच्चों एवं युवाओं को डिजिटल दुनिया में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी एवं अन्य निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। साथ ही फर्जी लिंक, संदिग्ध वेबसाइट, ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया फ्रॉड, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, साइबर ब्लैकमेलिंग एवं अन्य ऑनलाइन ठगी के तरीकों से सतर्क रहने को कहा गया।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी एवं तस्वीरें साझा करते समय भी सावधानी बरतें। साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और आर्थिक नुकसान को कम किया जा सके।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत के प्रदेश अध्यक्ष, बिहार जितेंद्र कुमार ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर जागरूकता प्रत्येक नागरिक की आवश्यकता बन गई है। खासकर छात्र-छात्राओं को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करना जरूरी है, क्योंकि वे मोबाइल और इंटरनेट का व्यापक रूप से उपयोग करते हैं। संगठन की ओर से लगातार विभिन्न क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम चलाकर लोगों को उनके अधिकारों और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है और संगठन के द्वारा आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ अभिषेक कुमार, प्रदेश अध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ कुमार गौरव, प्रदेश सचिव महिला प्रकोष्ठ ललिता कुमारी, जिलाध्यक्ष बेगूसराय अंशुमान शुभम, जिला संयोजक सन्नी कुमार, जिला उपाध्यक्ष राजीव कुमार, जिला सचिव अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ मो. एजाज, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ गुलाम रहमानी, प्रखंड संयोजक मटिहानी सुशील तांती, प्रखंड अध्यक्ष बछवारा स्वास्थ्य प्रकोष्ठ कुंदन कुमार एवं जिला संयोजक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ बेगूसराय अंकुश कुमार सिंह सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा से संबंधित विभिन्न सवाल भी पूछे, जिनका साइबर पुलिस अधिकारियों ने सरल भाषा में जवाब देकर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। जागरूकता अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने का संदेश दिया गया।
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राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत से जुड़कर देश व समाज हित मे कार्य करें, सदस्यता अभियान 31 अगस्त तक च...
18/07/2026

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत से जुड़कर देश व समाज हित मे कार्य करें, सदस्यता अभियान 31 अगस्त तक चलेगा । देर ना करें जल्द से जल्द जुड़कर देश व समाज का भला करें। अधिक जानकारी के लिए 070042 59563 पर कॉल अथवा मैसेज करें। धन्यवाद 🙏🏻
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Jitendra Kumar
State president, bihar

" अधिकार, सम्मान और जागरूकता की ओर बढ़ते कदम"राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत का राष्ट्रस्तरीय महासम...
28/05/2026

" अधिकार, सम्मान और जागरूकता की ओर बढ़ते कदम"
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत का राष्ट्रस्तरीय महासम्मेलन - 2026 एवं 6 ठा स्थापना दिवस पूर्णियां के जलालगढ़ स्थित रॉयल कासा भवन में सफलतापूर्वक भव्य रूप से संपन्न हुआ। 🚩

"इस ऐतिहासिक अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों0 से आए संगठन के समर्पित पदाधिकारियों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, आरटीआई योद्धाओं और सम्मानित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
🌟 कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:
ज्ञान और जागरूकता का संकल्प: मानवाधिकारों की रक्षा और आरटीआई (RTI) के प्रभावी उपयोग के माध्यम से समाज में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
सम्मान समारोह: समाज सेवा, भ्रष्टाचार उन्मूलन और संगठन को मजबूती प्रदान करने वाले जांबाज पदाधिकारियों एवं कर्मठ कार्यकर्ताओं को स्मृति चिह्न (Momentos) और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
संगठन का विस्तार: राष्ट्रहित और जनहित में संगठन के आगामी लक्ष्यों, अभियानों और रणनीतियों पर विचार-विमर्श कर नए संकल्प लिए गए।
यह आयोजन केवल एक स्थापना दिवस नहीं, बल्कि शोषितों, वंचितों और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई को और अधिक मजबूती से लड़ने के हमारे संकल्प का प्रतीक है।
🙏 आभार एवं धन्यवाद
इस महासम्मेलन को सीमित संसाधनों के वाबजूद पूर्णियां की धरती के हमारे पदाधिकारी ने जिस प्रकार से भव्यता प्रदान की उसके लिए मैं तहेदिल से धन्यवाद देता हूँ। साथ ही मुश्किल परिस्थिति में भी जोधपुर राजस्थान से चलकर बिहार की पावन धरा पर पधारकर हमारे पदाधिकारियों को मनोबल बढ़ाने के लिए मैं संगठन के संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान सांगेश कुमार भाटी का भी आभार व्यक्त करता हूँ। साथ ही मैं देश के कोने कोने से पधारे हुए राष्ट्र स्तरीय, प्रदेश स्तरीय, जिला स्तरीय, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं सम्मानित सदस्यों तथा कार्यक्रम में पधारे हुए अतिथि एवं पत्रकार का भी मैं बहुत बहुत धन्यवाद देता हूं।

जय हिन्द, जय मानवाधिकार! 🇮🇳
Jitendra Kumar
State President, Bihar
National Human Rights And R.T.I Awareness Organisation-India



#बिहारी #सरकार

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत से जुड़कर समाज एवं देश की सेवा का अवसर प्राप्त करें। विशेष जानकारी क...
13/05/2026

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत से जुड़कर समाज एवं देश की सेवा का अवसर प्राप्त करें। विशेष जानकारी के लिए 070042 59563 पर सम्पर्क करें।
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⚖️राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन के मूल उद्देश्य 📑 1- सम्पूर्ण भारत में शैक्षिक, सांस्कृतिक, व्यावसायिक ...
01/05/2026

⚖️राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन के मूल उद्देश्य 📑

1- सम्पूर्ण भारत में शैक्षिक, सांस्कृतिक, व्यावसायिक और सामाजिक संस्थाओं का विकास करना या उन्हें अन्यथा सहायता प्रदान करना, जिनमें विकलांगों, गरीबों और योग्य लोगों के लिए आवश्यक नहीं कि केवल वे ही शामिल हों।

2- संगठन के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए इस संगठन के ब्रोशर, पैम्फलेट, साप्ताहिक समाचार पत्र/पत्रिका का प्रकाशन एवं वितरण करना तथा टी.वी. चैनल चलाना।

3- जनता के लाभ के लिए स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, शिक्षा संस्थान, निःशुल्क औषधालय, गरीब भोजन केन्द्र तथा वृद्धाश्रम का निर्माण एवं संचालन।

4- किसी भी चिकित्सा संस्थान में नैदानिक प्रयोगशालाओं, अस्पतालों, नर्सिंग होम, औषधालयों और इसी प्रकार की संस्थाओं की स्थापना, संचालन, रखरखाव तथा योग्य व्यक्तियों को चिकित्सा उपचार के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।

5- वृद्धाश्रम, शारीरिक रूप से विकलांग पुरुषों, महिलाओं और बच्चों तथा समान विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए गृहों की स्थापना, संचालन और रखरखाव तथा समान गतिविधियां करने वाली संस्थाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना।

6- विकलांगों, अनाथों, विधवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, बीमार और अन्य जरूरतमंद/गरीब लोगों की सहायता करना और उनकी देखभाल करना, उन्हें मुफ्त शिक्षा, दवाइयां, कपड़े, अस्पताल, भोजन, निवास, विवाह की व्यवस्था, छात्रावास, घर, अस्पताल, औषधालय और अन्य सुविधाएं प्रदान करना ताकि उनकी बेहतरी और कल्याण हो सके।

7- पूरे देश में शहरी, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं, बच्चों और पिछड़े समुदाय की शिक्षा, कल्याण और विकास के लिए प्रयास करना।

8- संगठन की गतिविधियों को संचालित करने के लिए अपने ट्रस्टियों तथा भारत और विदेश के आम लोगों, परोपकारी लोगों और सरकारी/गैर-सरकारी संगठनों से अंशदान, दान, सदस्यता के माध्यम से धन एकत्र करना।

9- सीएसआर साझेदारी: संगठन के सामाजिक कल्याण उद्देश्यों के समर्थन में संगठनों के साथ सहयोग करके उनके कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व निधि का लाभ उठाना।

10- किसी भी सरकारी प्राधिकरण, चाहे वह केंद्रीय, राज्य, स्थानीय या अन्य हो, या कोई सार्वजनिक या दाता निकाय हो, के साथ बातचीत करना और किसी भी तरह की व्यवस्था करना जो ट्रस्ट या उनमें से किसी के उद्देश्यों को बढ़ावा देने और पूरा करने के लिए अनुकूल प्रतीत हो और किसी भी ऐसे सरकारी प्राधिकरण या निकाय से ऐसे अनुदान, भत्ते के लिए आवेदन करना/प्राप्त करना/एकत्र करना या प्राप्त करना।

11- पर्यावरण में सुधार लाने तथा ऐतिहासिक स्मारकों/स्थानों/ऐतिहासिक/कलात्मक कार्यों और कला आदि को संरक्षित करने के लिए सहायता प्रदान करना, चाहे वे किसी भी तरह से किसी भी धार्मिक विश्वास से जुड़े हों या नहीं।

12- विभिन्न सार्वजनिक स्थानों और कार्यालयों के परिसर में वनस्पतियां लगाना तथा लोगों को पर्यावरण संरक्षण के बारे में शिक्षित करना।

13- जैविक खेती को बढ़ावा देना तथा प्रमाणित जैविक किसानों/एसएचजी/एफपीओ को उनके आर्थिक सशक्तिकरण के लिए विपणन संपर्क उपलब्ध कराना।

14- बागवानी के विकास के लिए कार्य करना तथा युवाओं को मशरूम की खेती, मछली एवं डेयरी फार्मिंग आदि तथा अन्य ऐसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के लिए प्रशिक्षण प्रदान करना।

15- कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में कार्य करना तथा आधुनिक परिप्रेक्ष्य में प्राचीन भारतीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं विकास के लिए प्रयास करना।

16- पर्यावरण, जलवायु, प्रदूषण (भूमि, जल, वायु और ध्वनि आदि) को बचाने के लिए जागरूकता शिविर का आयोजन करना।

17- मृदा, सिंचाई, बिजली बचाओ और वन बचाओ विषय पर जागरूकता शिविर का आयोजन करना।

18- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देना।

19- खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और साहसिक खेलों को बढ़ावा देना।

20- स्वयं सहायता समूहों की स्थापना करना और उनका गठन करना तथा उन्हें आजीविका प्राप्त करने में सहायता करना, ऐसे स्वयं सहायता समूहों के उत्पादन के लिए बाजार उपलब्ध कराना तथा स्वयं सहायता समूहों को कोई नई परियोजना या उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक जानकारी तथा व्यवहार्यता और संभाव्यता विश्लेषण उपलब्ध कराना।

21- देश के विभिन्न स्थानों पर जाति और धर्म के भेदभाव के बिना सभी स्तरों पर सभी वर्गों के लोगों के लिए सामाजिक, धर्मार्थ और अन्य कल्याणकारी कार्यों का प्रचार और प्रोत्साहन करना।

22- जागरूकता शिविर/पोलियो शिविर/योग शिविर/चिकित्सा शिविर का आयोजन करना।

23- आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक दवाओं के बारे में जागरूकता।

24- कैंसर और एचआईवी (एड्स) के बारे में जागरूकता।

25- जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन करना तथा गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए निःशुल्क उपचार की व्यवस्था करना।

26- रक्तदान, नेत्रदान एवं सम्पूर्ण शरीरदान के लिए जागरूकता शिविर का आयोजन करना।

27- मानसिक रूप से विकलांग, मूक-बधिर और गरीब बच्चों की व्यवस्था के लिए प्रयास करना। उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ताकि वे समाज की मुख्यधारा का हिस्सा बन सकें।

28- भारतीय सांकेतिक भाषा को बढ़ावा देना।

29- बेरोजगार युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता हेतु कार्य करना, ताकि अपराध दर पर नियंत्रण किया जा सके।

30- सेमिनार, सम्मेलन, संगोष्ठियां, कार्यशालाएं, परियोजना इकाइयां, प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आदि आयोजित करके लोगों, विशेषकर ग्रामीण लोगों और छात्रों की सामान्य और मानसिक क्षमता के स्तर को बढ़ाना।

31- सड़क सुरक्षा, नशा निषेध हेतु जागरूकता शिविर का आयोजन करना।

32- बालिकाओं को बचाने, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, मानव तस्करी, बाल श्रम और अन्य सामाजिक बुराइयों को रोकने के लिए जागरूकता लाने और प्रयास करने के लिए कार्य करना।

33- बाल विवाह रोकने के लिए जागरूकता लाने और प्रयास करने हेतु कार्य करना।

34- घरेलू हिंसा के पीड़ितों को सहायता प्रदान करना।

35- एनआरआई दूल्हों/रिश्वत द्वारा विवाह के बाद परित्यक्त पत्नी/पति को सामाजिक न्याय प्रदान करना तथा उनके कल्याण में सहायता करना।

36- राज्य एवं केन्द्र सरकार के पुनर्वास कार्यक्रम के संबंध में पीड़ितों को शिक्षित करना।

37- भिखारियों और गरीब लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करना ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें।

38- किसी अन्य निकाय या संस्था को समान सामाजिक कल्याण गतिविधियाँ चलाने में सहायता करना।

39- संगठन लाभ कमाने के इरादे से कोई भी कार्य नहीं करेगा तथा केवल सेवा उद्देश्य से कार्य करेगा।
‎ जितेंद्र कुमार
‎ प्रदेश अध्यक्ष, बिहार
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत
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https://youtu.be/NJQJoSNIhb8?si=RHsywooWx0bFw_tfNational Human Rights And R.T.I Awareness Organisation-India
23/03/2026

https://youtu.be/NJQJoSNIhb8?si=RHsywooWx0bFw_tf
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शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि: बेगूसराय में रक्तदान शिविर, 80 लोगों ने किया महादान

शहीद दिवस के अवसर पर लगाया गया रक्तदान शिविरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत एवं राष्ट्रकवि दिनकर से...
23/03/2026

शहीद दिवस के अवसर पर लगाया गया रक्तदान शिविर
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत एवं राष्ट्रकवि दिनकर सेवा दल के द्वारा संयुक्त रूप से शहीद भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु के शहादत दिवस ( शहीद दिवस ) के अवसर पर राजौरा सार्वजनिक दुर्गा मंदिर परिसर में रक्तदान शिविर लगाया गया। शिविर में 106 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। सभी रक्तदाता को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मौके पर राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष (स्वास्थ्य प्रकोष्ठ ) डॉ प्रभात कुमार उर्फ सोनू जी एवं जिलाध्यक्ष अंशुमान शुभम भी रक्तदान किये। मौके पे संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र कुमार, मो0 एजाज, सन्नी कुमार, महेश कुमार एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं राष्ट्रकवि दिनकर सेवादल के संस्थापक नीलू सोनू मौर्या, विकास कुमार, ऋषि राणा, अरुण कुमार, नवीन कुमार एवं अन्य पदाधिकारियों का योगदान सराहनीय रहा।
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आज राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत  के दो पदाधिकारी सन्नी कुमार जिला संयोजक बेगुसराय एवं मो0 एजाज ज...
18/03/2026

आज राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत के दो पदाधिकारी सन्नी कुमार जिला संयोजक बेगुसराय एवं मो0 एजाज जिला सचिव (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ), बेगुसराय को आई कार्ड एवं नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। दोनों पदाधिकारियों को बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं 💐 आशा मानव सेवा के लिए आपलोग सदैव तत्पर रहेंगे
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