18/05/2023
पहला उदाहरण अपने रुपयों से पानीपुरी खाते हैं, तब प्लेट का पानी भी पी जाते हैं, एक-दो पानीपुरी दुकानदार से माग भी लेते है और दूसरा उदाहरण आइसक्रीम खाते वक्त ढक्कन भी चाट लेते हैं, मूँगफली खाने के बाद छिलके मे दाना तक ढूढ़ते हैं..! तो फ़िर किसी के कार्यक्रम में हम भोजन करते हैं, तो अन्न जूठा क्यों छोड़ते हैं...?
एक मेजबान अपने जीवन भर की पूंजी लगाकर आपके लिये अच्छे व स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था करता है! इस तरह भोजन को बर्बाद करके मेहनत की पूँजी का अपमान ना करें! तथा इस मुहिम में सहयोग करे "उतना ही लो थाली में व्यर्थ न जाए नाली में...!! 🙏