17/05/2026
🏃♂️ नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी, हरनौत (नालंदा)
जीवनी, स्थापना, उद्देश्य एवं प्रेरणादायक यात्रा
कोच: कुंदन कुमार पांडे
प्रस्तावना
भारत की धरती पर खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, अनुशासन और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है। हर गांव, हर कस्बे और हर परिवार में एक खिलाड़ी छिपा होता है, जिसे केवल सही दिशा, मार्गदर्शन और अवसर की आवश्यकता होती है।
इसी विचारधारा को साकार करने के उद्देश्य से नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी की स्थापना की गई—एक ऐसा संस्थान जो खिलाड़ियों को केवल खेल नहीं सिखाता, बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
यह अकादमी नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड में स्थित है और धीरे-धीरे यह बिहार के प्रमुख खेल प्रशिक्षण केंद्रों में अपनी पहचान बना रही है।
स्थापना का इतिहास
नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी की स्थापना 3 दिसंबर 2022 को की गई, जो कि International Day of Persons with Disabilities (दिव्यांग दिवस) के रूप में पूरे विश्व में मनाया जाता है।
इस दिन को चुनना केवल एक संयोग नहीं था, बल्कि एक मजबूत संदेश था—
👉 खेल हर व्यक्ति का अधिकार है
👉 दिव्यांग और सामान्य खिलाड़ी एक समान मंच पर आगे बढ़ सकते हैं
यह अकादमी शुरुआत से ही समावेशी (Inclusive) सोच के साथ काम कर रही है।
स्थापना के पीछे की कहानी
इस अकादमी की सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि इसे किसी बड़े संसाधन या संस्थागत सहयोग से नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के जुनून और समर्पण से खड़ा किया गया।
👤 कोच कुंदन कुमार पांडे
उन्होंने अकेले अपने प्रयास से:
खिलाड़ियों को इकट्ठा किया
प्रशिक्षण की शुरुआत की
समाज को जोड़ा
और एक मजबूत संगठन खड़ा किया
यह यात्रा संघर्षों से भरी रही—
कभी संसाधनों की कमी,
कभी मैदान की समस्या,
कभी आर्थिक बाधाएँ—
लेकिन इन सबके बावजूद उनका संकल्प कभी कमजोर नहीं हुआ।
“नालंदा लक्ष्य” नाम का अर्थ
नालंदा – ज्ञान, इतिहास और गौरव का प्रतीक
लक्ष्य – उच्च उद्देश्य और सफलता की दिशा
इस प्रकार यह नाम एक संदेश देता है:
👉 ज्ञान + लक्ष्य = सफलता
अकादमी का मिशन और विज़न
🎯 मिशन:
खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना
ओलंपिक पोडियम तक खिलाड़ियों को तैयार करना
तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान बजवाने का गौरव दिलाना
🌍 विज़न:
“नालंदा और बिहार के खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर पहचान दिलाना।”
प्रशिक्षण प्रणाली
अकादमी में वैज्ञानिक और अनुशासित प्रशिक्षण दिया जाता है:
🏃♂️ शारीरिक प्रशिक्षण:
रनिंग (स्प्रिंट, मिडल डिस्टेंस)
हाई जंप, लॉन्ग जंप
शॉट पुट, डिस्कस थ्रो
🧠 मानसिक प्रशिक्षण:
आत्मविश्वास
लक्ष्य निर्धारण
दबाव में प्रदर्शन
🧘 नैतिक प्रशिक्षण:
अनुशासन
समय प्रबंधन
टीमवर्क
समावेशी खेल मॉडल (Inclusive Sports Model)
यह अकादमी विशेष रूप से:
✔ दिव्यांग (Para) खिलाड़ियों
✔ सामान्य खिलाड़ियों
दोनों को समान अवसर देती है।
यहाँ किसी भी खिलाड़ी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता—
सभी को समान मंच, समान प्रशिक्षण और समान सम्मान मिलता है।
उपलब्धियाँ (संक्षेप में)
40+ राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
3+ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
कई राज्य स्तरीय विजेता
🌟 विशेष उपलब्धि:
गोल्डी कुमारी
अंतरराष्ट्रीय शॉट पुट – स्वर्ण पदक
राष्ट्रपति बाल पुरस्कार
समाज में योगदान
अकादमी केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम भी है:
नशा मुक्ति जागरूकता
फिटनेस अभियान
महिला सुरक्षा जागरूकता
पर्यावरण संरक्षण
चुनौतियाँ और संघर्ष
अकादमी की यात्रा आसान नहीं रही:
संसाधनों की कमी
आर्थिक बाधाएँ
खेल सुविधाओं का अभाव
लेकिन हर चुनौती को अवसर में बदला गया।
भविष्य की योजनाएँ
आधुनिक स्टेडियम और प्रशिक्षण केंद्र
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में नियमित भागीदारी
अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण एक्सपोजर
डिजिटल कोचिंग सिस्टम
कोच कुंदन कुमार पांडे की भूमिका
वे केवल एक कोच नहीं, बल्कि:
👉 मार्गदर्शक
👉 प्रेरक
👉 और एक सच्चे नेता हैं
उनका सपना है:
हर खिलाड़ी को उसके लक्ष्य तक पहुँचाना।
निष्कर्ष
नालंदा लक्ष्य खेल अकादमी एक संस्था नहीं, बल्कि एक आंदोलन है—
👉 प्रतिभा को पहचानने का
👉 उसे तराशने का
👉 और उसे विश्व मंच तक पहुँचाने का
यह अकादमी आने वाले समय में भारत के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
अंतिम संदेश
“यहाँ हर खिलाड़ी एक सपना लेकर आता है,
और एक पहचान बनाकर जाता है।”