Bhoomgaadi - The Collective of Organic Farmers of Dantewada

Bhoomgaadi - The Collective of Organic Farmers of Dantewada Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Bhoomgaadi - The Collective of Organic Farmers of Dantewada, Organic Grocery Store, Old Janpad Bhavan, besides Petrol Pump, Bacheli Road, Dantewada.

A collective of tribal organic farmers and women groups in Dantewada in Chhattisgarh engaged in sustainable agriculture, conservation of traditional seeds and connecting indigenous produce to the market

हमारे विज़न-बिल्डिंग अभ्यास के दूसरे चरण में, हमने दंतेवाड़ा के किसानों के साथ मिलकर यह स्पष्ट किया कि वे कौन-कौन सी फसल...
23/04/2026

हमारे विज़न-बिल्डिंग अभ्यास के दूसरे चरण में, हमने दंतेवाड़ा के किसानों के साथ मिलकर यह स्पष्ट किया कि वे कौन-कौन सी फसलें उगाएँगे और कब उगाएँगे। इस प्रक्रिया का नेतृत्व हमारे थीमैटिक लीड साई रमना ने किया।

इस साझा योजना को मिलकर विकसित करने से किसान चरणबद्ध (स्टैगर्ड) खेती की पद्धतियाँ अपना सकते हैं, जिससे खरीफ मौसम के दौरान सब्जियों की निरंतर और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकती है।

15 अप्रैल को दंतेवाड़ा के कुटुलनार गांव में आगामी खरीफ मौसम के लिए सब्जी उत्पादन की योजना बनाने हेतु एक बैठक आयोजित की ग...
17/04/2026

15 अप्रैल को दंतेवाड़ा के कुटुलनार गांव में आगामी खरीफ मौसम के लिए सब्जी उत्पादन की योजना बनाने हेतु एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कुटुलनार और बिंजाम के 17 किसानों ने हमारे साथ भाग लिया। बैठक के दौरान वर्षा ऋतु के लिए उपयुक्त सब्जियों पर चर्चा की गई।

किसानों को दो समूहों में विभाजित किया गया ताकि वे कल्पतरु मॉडल, उससे जुड़ी समस्याओं, उसके लाभ तथा मानसून के दौरान सब्जी उत्पादन न कर पाने के कारणों को बेहतर तरीके से समझ सकें। समूह चर्चा के बाद किसानों ने अपने-अपने निष्कर्ष प्रस्तुत किए।

यह बैठक हमारे थीमैटिक लीड साई रमना के नेतृत्व में आयोजित की गई। इस दौरान ऐसे कल्पतरु किसानों का चयन किया गया जो मानसून के मौसम में सब्जी उत्पादन करने के इच्छुक हैं। आगे की योजना के लिए अगली बैठक 21 अप्रैल को निर्धारित की गई है।

दिनांक 15.04.2026 को जैविक खाद एवं दवा उत्पादन केंद्र (BRC), बिंजाम का नीति आयोग, जिला प्रशासन, कृषि विभाग एवं उद्यानिकी...
17/04/2026

दिनांक 15.04.2026 को जैविक खाद एवं दवा उत्पादन केंद्र (BRC), बिंजाम का नीति आयोग, जिला प्रशासन, कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग – दंतेवाड़ा की संयुक्त टीम द्वारा भ्रमण किया गया।

इस दौरान टीम ने केंद्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों का विस्तारपूर्वक अवलोकन किया। जैविक खाद जैसे-जीवामृत, घनजीवामृत तथा जैविक दवाएं जैसे-हांडी दवा/ब्रह्मास्त्र, 3G दवा, मछली टॉनिक आदि के निर्माण प्रक्रिया का निरीक्षण किया गया।
उत्पादन क्षमता में वृद्धि, गुणवत्ता बनाए रखने एवं किसानों तक अधिक से अधिक जैविक खाद एवं दवाएं पहुंचाने हेतु आवश्यक सुझाव प्रदान किए गए।

इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना, स्थानीय स्तर पर तैयार जैविक खाद एवं दवाओं के उपयोग को प्रोत्साहित करना तथा किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।

16 अप्रैल को, नीति आयोग के सचिव तरुण कुमार पिथोड़े ने जिला प्रशासन, कृषि और उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ...
17/04/2026

16 अप्रैल को, नीति आयोग के सचिव तरुण कुमार पिथोड़े ने जिला प्रशासन, कृषि और उद्यानिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दंतेवाड़ा में हमारी रीपा, झोड़ियाबाड़म प्रसंस्करण इकाई का दौरा किया।

उन्होंने हमारी चावल, मिलेट्स और पोहा प्रसंस्करण इकाइयों का निरीक्षण किया तथा हमारे जैविक खेती के प्रयासों, प्रसंस्करण कार्यों और देशव्यापी वितरण व्यवस्था पर चर्चा की। उन्होंने हमारे पैकेटबंद उत्पादों की सराहना की और बाजार में इनकी उपलब्धता के बारे में जानकारी ली।

यह सकारात्मक मूल्यांकन हमारे जैविक कृषि उत्पादों की बाजार में पहुंच बढ़ाने के हमारे रणनीतिक फोकस को और अधिक मजबूत करता है।

14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के अवसर पर, कृषि और ग्रामीण विकास की पहलों पर चर्चा करने के लिए दंतेवाड़ा के विभिन्न गांवों म...
17/04/2026

14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के अवसर पर, कृषि और ग्रामीण विकास की पहलों पर चर्चा करने के लिए दंतेवाड़ा के विभिन्न गांवों में ग्राम सभा की बैठकें आयोजित की गईं। इस बैठक में भूमगादी के क्लस्टर-स्तरीय अधिकारियों और फील्ड समन्वयकों ने हिस्सा लिया और सुगंधित धान के खेती के क्षेत्र का विस्तार करने तथा पारंपरिक मोटे अनाजों जैसे कोसरा और कोदो को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने पर चर्चा की। इसके साथ ही रबी फसलों के कुल कृषि क्षेत्र को बढ़ाने का एक प्रमुख लक्ष्य भी निर्धारित किया गया।

खेती की दक्षता और स्थिरता को बेहतर बनाने के लिए, धान की बुवाई के लिए 'लाइन विधि' अपनाने और मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार के लिए हरी खाद के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, संसाधनों के संतुलित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए सभा में पशुधन प्रबंधन और स्थानीय मवेशी चराई व्यवस्था के संबंध में आवश्यक उपायों पर चर्चा कर उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई।

30 मार्च को दंतेवाड़ा में हमारी एकीकृत प्रसंस्करण इकाई में चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री अजय सिंह चौहान और इंडिया पोस्ट की उ...
31/03/2026

30 मार्च को दंतेवाड़ा में हमारी एकीकृत प्रसंस्करण इकाई में चीफ पोस्टमास्टर जनरल श्री अजय सिंह चौहान और इंडिया पोस्ट की उनकी विशिष्ट टीम का स्वागत करते हुए हमें अत्यंत सम्मान की अनुभूति हो रही है!

उन्होंने हमारी विशेष मिलेट (मोटे अनाज) प्रसंस्करण क्षमताओं पर विशेष ध्यान देते हुए इकाई का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान, हमने अपने जैविक खेती के प्रयासों, व्यापक प्रसंस्करण कार्यों और राष्ट्रव्यापी वितरण पर चर्चा की। हमारे मार्केटिंग अधिकारी, प्रियांशु जैन ने हमारी अखिल भारतीय बिक्री रणनीतियों के बारे में बताया, जबकि ऑपरेशंस मैनेजर शार्दूल कटियार ने यूनिट प्रबंधन और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।

एक सार्थक संवाद के दौरान, हमने इंडिया पोस्ट की सेवाओं में आने वाली जमीनी स्तर की चुनौतियों पर अपना फीडबैक साझा किया, जिसके बारे में उन्होंने बहुत ही गंभीरता से जानकारी ली। हमने उनके लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के माध्यम से B2C (बिजनेस-टू-कंज्यूमर) सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए सहयोग के अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया। उनके इस दौरे और ग्रामीण वास्तविकताओं को समझने व उनका समाधान करने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए हम हृदय से आभारी हैं!

26 मार्च 2026 को राम नवमी के अवसर पर, मोटे अनाज (मिलेट्स) के फायदों को बढ़ावा देने के लिए गायत्री शक्तिपीठ दंतेवाड़ा में...
27/03/2026

26 मार्च 2026 को राम नवमी के अवसर पर, मोटे अनाज (मिलेट्स) के फायदों को बढ़ावा देने के लिए गायत्री शक्तिपीठ दंतेवाड़ा में "श्री अन्न" पर एक जागरूकता व प्रचार कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन 'मिरेकल मिलेट्स प्रोग्राम' के तहत 'निर्माण संस्था' और 'भूमगाड़ी जैविक कृषक उत्पादक कंपनी मर्यादित' द्वारा किया गया था। इस अवसर पर निर्माण दंतेवाड़ा टीम के अधिकारी और गायत्री परिवार के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम में किसान, कामकाजी पेशेवर, गृहिणियां और बच्चों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम के दौरान कुछ प्रेरक अनुभव भी साझा किए गए। एक पेशेवर किसान ने जैविक खेती के अपने वर्षों के अनुभव को साझा किया और रासायनिक खेती की जगह जैविक खेती को चुनने के फायदों पर प्रकाश डाला। एक गायत्री परिवार के सदस्य ने प्रतिभागियों को बताया कि कैसे मोटे अनाज के सेवन से उन्हें अपनी पुरानी मधुमेह (डायबिटीज) की बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिली तथा एक कामकाजी पेशेवर ने बताया कि मोटे अनाज के सेवन से उन्हें एक स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने में किस प्रकार मदद मिली।

सभी प्रतिभागियों ने अपने दैनिक आहार में मोटे अनाज को शामिल करने की शपथ ली। इस सत्र के बाद, प्रतिभागियों ने गायत्री विद्यापीठ परिसर में एक स्वस्थ और पौष्टिक दोपहर के भोजन का आनंद लिया। इसमें स्थानीय पारंपरिक मोटे अनाज का उपयोग करके पारंपरिक 'मंडरा भात' और 'खीर' बनाई गई थी। लोगों को पारंपरिक व्यंजनों में मोटे अनाज के इस अभिनव मिश्रण का स्वाद बहुत पसंद आया और उन्होंने भूमगादी से मोटे अनाज (श्री अन्न) खरीदने में अपनी गहरी रुचि दिखाई।

Nirmaan Organization WHH India - Welthungerhilfe Welthungerhilfe GIZ,German International Cooperation

‘निर्माण संस्था’ और ‘भूमगादी जैविक कृषक उत्पादक कंपनी मर्यादित’ द्वारा दंतेवाड़ा, गीदम, कुआकोंडा और कटेकल्याण विकासखंडों...
27/03/2026

‘निर्माण संस्था’ और ‘भूमगादी जैविक कृषक उत्पादक कंपनी मर्यादित’ द्वारा दंतेवाड़ा, गीदम, कुआकोंडा और कटेकल्याण विकासखंडों के सहायता समूह एवम संबंधित ब्लॉक समन्वयक, कार्यकर्ताओ के लिए जैविक इनपुट संसाधन केंद्र (BRC) पर दिनांक 23/03/2026 से 04/04/2026 तक प्रत्येक ब्लॉक के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जिसमें कटेकल्याण ब्लॉक के लिए प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। इस आवासीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक, जैविक और टिकाऊ खेती को बड़े पैमाने पर अपनाना है। इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण का विवरण निम्नलिखित है।

🔹 पहला दिन - अवधारणा और समझ: कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण और स्वागत के साथ हुई। महिलाओं ने BRC की कल्पना, दिशा-निर्देशों और इसके महत्व को समझा, इसके साथ ही केंद्र के घटकों, जैसे पक्का फ्लोर कंस्ट्रक्शन पर विस्तार से चर्चा की गई। विषय को गहराई से और रोचक तरीके से समझने के लिए रोल प्ले, डेमो और ग्रुप वर्क जैसी गतिविधियाँ आयोजित की गई।

🔹 दूसरा दिन - व्यावहारिक प्रशिक्षण: यह दिन पूरी तरह से ज़मीनी प्रयोगों पर केंद्रित था। महिलाओं ने स्वयं जीवामृत, घनजीवामृत, गौ कृपामृत और मछली टॉनिक जैसी जैविक खाद बनाना सीखा। साथ ही, फसलों में लगने वाले कीटों और रोगों की पहचान करना सीखा। इन बीमारियों के नियंत्रण के लिए उन्होंने ब्रह्मास्त्रम, नीमास्त्रम और 3G दवा जैसी जैविक दवाइयाँ तैयार कीं, और उनकी सही खुराक व उपयोग के तरीके भी जाने।

🔹 तीसरा दिन - उद्यमिता और बाज़ार प्रबंधन: अंतिम दिन उत्पादों को बाज़ार तक पहुँचाने की व्यावसायिक रणनीति पर केंद्रित था। समूहों ने खाद और दवा की पैकेजिंग, स्टीकर लगाना, उनका सही मूल्य निर्धारण करना और मार्केटिंग के गुर सीखे। BRC की कार्य प्रणाली और सुचारू संचालन को समझने के लिए विशेष गतिविधियाँ हुईं। अंत में, सभी ने अपने अनुभव साझा किए और प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन के लिए उन्हें सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।

इस पूरे प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक और सफल बनाने में हमारे विषय विशेषज्ञों और कुशल सत्र संचालकों - सुरेश नाग, यामलेश्वर भोयर, मनोज सायरे, साईं रमना और उदय नाग का विशेष योगदान रहा।

आकाशवाणी केंद्र आकाशवाणी जगदलपुर के किसानवाणी कार्यक्रम अंतर्गत कांग (Foxtail Millet) फसल पर 3 मार्च को विशेष प्रसारण कि...
05/03/2026

आकाशवाणी केंद्र आकाशवाणी जगदलपुर के किसानवाणी कार्यक्रम अंतर्गत कांग (Foxtail Millet) फसल पर 3 मार्च को विशेष प्रसारण किया गया जिसमें हमारी भूमगाड़ी टीम के Suresh Kumar Nag को विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस कार्यक्रम में किसानों को कांग फसल की संपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में निम्न बिंदुओं पर चर्चा की गई –

- कांग फसल की अवधि (लगभग 80–90 दिन)
- उन्नत बुवाई पद्धति (लाइन बुवाई, लाइन रोपाई एवं SMI पद्धति)
- बीज दर एवं खेत की तैयारी
- फसल उत्पादन एवं संभावित उपज
- पीओपी (Package of Practice) एवं समुचित रखरखाव

पोषण महत्व एवं दैनिक भोजन में उपयोग
किसानों ने कांग की खेती, देखभाल, उत्पादन तथा इसे अपने आहार में शामिल करने से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे। सभी प्रश्नों का विस्तारपूर्वक समाधान प्रस्तुत करते हुए किसानों को कांग जैसी पोषक लघु अनाज फसल को अपने खेत और भोजन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

On February 26, the Traditional Seed Festival was successfully organized at the RIPA Center in Jhoriyabadam, Dantewada, ...
04/03/2026

On February 26, the Traditional Seed Festival was successfully organized at the RIPA Center in Jhoriyabadam, Dantewada, through a collaboration between Bhoomgaadi, Nirmaan Organization WHH India - Welthungerhilfe and the Department of Agriculture. The primary goal was to promote traditional seed conservation and organic farming practices among local communities. The event successfully mobilized over 500 farmers from 100 villages, demonstrated high-yield organic techniques like the SRI method (achieving 55 quintals per hectare) and secured a collective pledge to prevent forest fires and preserve indigenous crop biodiversity.

The seed festival featured an attractive exhibition of traditional seeds, including grains, vegetables, pulses, oilseeds, kodo, kosra (millets) and other local crops. The festival concluded with the distribution of merit certificates and mango saplings to progressive organic farmers in the presence of various district officials and community leaders.

Welthungerhilfe



Last week, a cluster level meet was organized by bhoomgaadi to discuss our strategy and plan to promote organic farming ...
04/03/2026

Last week, a cluster level meet was organized by bhoomgaadi to discuss our strategy and plan to promote organic farming in Dantewada, Chhattisgarh.

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Old Janpad Bhavan, Besides Petrol Pump, Bacheli Road
Dantewada
494449

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Monday 10am - 6pm
Tuesday 10am - 6pm
Wednesday 10am - 6pm
Thursday 10am - 6pm
Friday 10am - 6pm
Saturday 10am - 6pm

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+919406489449

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