25/06/2026
सिस्टम बदलना चाहता था। भ्रष्टाचार खत्म करना चाहता था। तरीका जो भी था, इरादे नेक थे। इसलिए आज भारत तिवारी के प्रति इतनी दीवानगी है।
8 दिनों में 2 लाख बढ़ गए सिस्टम बदलने के लिए पिस्टल उठाने वाले भरत के फॉलोअर्स
*ब्रेकआउट: एनकाउंटर से पहले फेसबुक पर 4.4K फ्रेंड्स थे, अब 204K से भी ज्यादा, गूगल पर टॉप ट्रेंडिंग
*17 जून की शाम से ‘भरत तिवारी’ की-वर्ड सर्च ट्रैफिक में आने लगा। 18 जून से शुरू हुई उछाल 21 जून की सुबह में टॉप पर रही, जो अभी भी 50 फीसदी के इर्द-गिर्द बनी हुई है।
राकेश कुमार सिंह * पटना
अपने फेसबुक पोस्ट में लोगों से ‘नो लाइक-नो कमेंट’ की अपील करने वाले भरत तिवारी के फॉलोअर्स 8 दिनों में ही 4.4 हजार से 2 लाख से भी ऊपर पहुंच गए। एनकाउंटर से पहले जिस भरत तिवारी को बेलौटी, जवइनिया और पुलिस-प्रशासन के कुछ अधिकारी जानते थे, उस भरत को अब लाखों लोग जानते हैं। पोस्ट व वीडियोज के व्यूज मीलियंस में पहुंच गए हैं। गूगल पर ‘भरत तिवारी एनकाउंटर’ टॉप ट्रेंड में है। सर्चिंग इतनी ज्यादा कि गूगल इसे ‘ब्रेकआउट’ बता रहा है।
बिहार में इससे पहले हाल के दिनों में कई एनकाउंटर हुए। पर इस मामले में खास यह रहा कि सरेंडर तक सबकुछ लाइव रहा। उसके बाद जो हुआ, वह सिर्फ पुलिस जानती है। इससे इस मामले में लोगों की जिज्ञासा बढ़ गई। पिस्टल उठाकर सिस्टम बदलने की चाहत रखने वाले भरत तिवारी के प्रति दीवानगी इसलिए है कि वह चाहता था, ‘नेता झूठे वादे न करें, करें तो निभाएं।’ लोगों का कहना है कि भरत ने जो रास्ता चुना वो गलत था, पर इरादा सही था। उसने अपने लिए कुछ नहीं मांगा। उसके समर्पण के बाद पुलिस ने जो किया वो अपराध था, छल था।
गूगल पर 43 सर्च टर्म ट्रेंडिंग, सभी के सभी ब्रेकआउट
इस मामले में लोगों की जिज्ञासा इतनी है कि गूगल पर कुल 43 सर्च टर्म ट्रेंडिंग में हैं और सभी के सभी ब्रेकआउट। सोशल मीडिया की भाषा में ब्रेकआउट तब होता है जब कोई सब्जेक्ट अचानक ट्रेंडिंग में आ जाए। जब किसी कीवर्ड की सर्च वॉल्यूम में 5000% से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हो जाती है, तो गूगल प्रतिशत लिखने के बजाय उसे ब्रेकआउट घोषित कर देता है।
जिन रील्स के व्यूज सैकड़े में भी नहीं, वे मीलियंस में ट्रेंड कर रहे
17 जून के एनकाउंटर के बाद लोग न सिर्फ फॉलो करना शुरू किए, बल्कि भरत के अपलोडेड वीडियो को देखा, लाइक किया और भारी संख्या में शेयर भी। जिन वीडियोज के व्यूज सैकड़ों में भी नहीं थे, देखते-देखते मीलियंस में पहुंच गए। एनकाउंटर वाले दिन के दोनों लाइव वीडियो को 1.2 मीलियन बार देखा जा चुका हैं। थानेदार पर पिस्टल तानने वाले वीडियो को 1.3 मीलियन बार देखा गया। फेसबुक पर पोस्ट एनकाउंटर का लास्ट लाइव को 22.6 हजार लाइक्स मिले हैं। अन्य वीडियोज की व्यूअरशिप भी लाखों में पहुंच गई है। 12 जून के वीडियो को 6.7 मीलियन व 25 मई का एक वीडियो 3.1 मीलियन बार देखा जा चुका है।
फॉलोअर्स बढ़ने की वजहें
• जानने की जिज्ञासा: जब किसी व्यक्ति की मौत एक बड़ी खबर बन जाती है, तो जो लोग उन्हें पहले से नहीं जानते थे, वे भी उनकी जीवनशैली, पुरानी पोस्ट या उनके बारे में जानने के लिए उनके अकाउंट को खोजने और फॉलो करने लगते हैं। इसके लिए उनकी प्रोफाइल से जुड़ते हैं।
• एल्गोरिदम पुश: जब अचानक किसी अकाउंट पर बहुत अधिक ट्रैफ़िक (विज़िट और कमेंट्स) आता है, तो फेसबुक का एल्गोरिदम उस प्रोफाइल को 'सजेस्टेड' या ट्रेंडिंग सर्च में दिखाने लगता है, जिससे नए लोगों तक उसकी पहुंच बढ़ जाती है।
सुशांत सिंह राजपूत और सिद्धू मूसेवाला केस में ऐसा हुआ था
जून 2020 में सुशांत के निधन के बाद इंस्टाग्राम और फेसबुक हैंडल पर प्रशंसकों की बाढ़ आ गई। कुछ ही दिनों के भीतर उनके इंस्टाग्राम पर 20 लाख से ज्यादा नए फॉलोअर्स बढ़ गए थे। सिद्धू मूसेवाला (पंजाबी गायक) की मई 2022 में हत्या के बाद उनके आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों पर दुनिया भर से करोड़ों लोगों ने फॉलो करना शुरू कर दिया।
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