10/08/2026
राजस्थान मौसम अपडेट — 10 अगस्त पश्चिमी राजस्थान जोधपुर, जैसलमेर, फलोदी, बाड़मेर, बालोतरा, जालौर, सिरोही, सांचौर, पाली और राजसमंद के आसपास के इलाकों मे आज अलसुबह पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। जोधपुर, पाली, जालौर तथा सिरोही के उत्तरी हिस्सों में कहीं-कहीं बादल, हल्की बौछार या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। सुबह के शुरुआती घंटों में दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के साथ मौसम में परिवर्तन बना रहेगा। वहीं फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर और बालोतरा के अधिकांश इलाकों में सुबह के समय मौसम अपेक्षाकृत साफ या आंशिक रूप से बादलों वाला रह सकता है। हालांकि करीब 10 से 11 बजे के बाद धीरे-धीरे स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव शुरू हो सकता है। दोपहर के बाद जोधपुर से पाली, राजसमंद, जालौर और सिरोही के उत्तरी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम खंड वर्षा की गतिविधियां हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर बादल अचानक विकसित होकर थोड़े समय के लिए तेज बौछार भी दे सकते हैं। बाड़मेर के कुछ हिस्सों और फलोदी-जोधपुर बेल्ट में भी स्थानीय स्तर पर खंड वर्षा की संभावना रहेगी। मौसम का स्वरूप ऐसा हो सकता है कि कुछ समय बादल घिरें, फिर मौसम साफ हो जाए और दोबारा गरज वाले बादल विकसित हो जाएं।
दक्षिणी राजस्थान उदयपुर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में इन क्षेत्रों में आज सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं कोटा संभाग में मौसम अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रह सकता है। मध्य प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश के सेल विकसित हो सकते हैं। दोपहर और शाम के समय कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधि बढ़ सकती है। इसके अलावा भीलवाड़ा, टोंक और सवाई माधोपुर की तरफ भी शाम के समय सक्रिय बादल बनने की संभावना है। कुछ स्थानों पर बहुत तेज बौछार हो सकती है, लेकिन यह बारिश पूरे जिले में एक समान नहीं होगी। जहां सक्रिय गरज वाले बादल पहुंचेंगे, वहां थोड़े समय में ज्यादा बारिश हो सकती है।
नागौर, डीडवाना-कुचामन, अजमेर, ब्यावर, टोंक और आसपास के इलाके हैं। सुबह के समय इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के साथ कहीं-कहीं हल्की बौछार और बूंदाबांदी हो सकती है। नागौर, डीडवाना-कुचामन और अजमेर-ब्यावर बेल्ट में मौसम परिवर्तनशील रहेगा। यदि सुबह या दोपहर में कोई सक्रिय गरज वाला बादल विकसित होता है तो उसके नीचे सीमित क्षेत्र में थोड़े समय के लिए अच्छी बारिश हो सकती है। लेकिन अभी नागौर या अजमेर जिले के लिए पूरे जिले में भारी बारिश का संकेत नहीं माना जाना चाहिए।
दोपहर के बाद स्थानीय गरज वाले बादल बनने की संभावना अधिक रहेगी। ऐसे में एक गांव में अच्छी बारिश और आसपास के दूसरे गांवों में केवल बादल रहने की स्थिति बन सकती है। शाम के समय भीलवाड़ा, टोंक और सवाई माधोपुर की ओर बारिश की गतिविधियां कुछ ज्यादा सक्रिय हो सकती हैं, जबकि नागौर और अजमेर में मुख्य रूप से खंडित बारिश की संभावना रहेगी।
बीकानेर संभाग बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर और झुंझुनूं सुबह के शुरुआती समय में बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है। हालांकि दक्षिणी बीकानेर, चूरू और झुंझुनूं के आसपास कहीं-कहीं बादल और हल्की बौछार देखने को मिल सकती है। सुबह करीब 10 से 11 बजे के बाद उमस के कारण नए बादल विकसित हो सकते हैं। इसके बाद चूरू, सीकर और झुंझुनूं में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना रहेगी। दोपहर बाद शेखावाटी से लेकर जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर और धौलपुर की तरफ बारिश का प्रभाव अधिक सक्रिय हो सकता है। विशेष रूप से पूर्वी चूरू, सीकर, झुंझुनूं और जयपुर-दौसा बेल्ट में जहां गरज वाले बड़े बादल बनेंगे, वहां अच्छी बारिश हो सकती है। इसके विपरीत गंगानगर और हनुमानगढ़ में आज बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत कम रह सकती है। कहीं-कहीं स्थानीय स्तर पर हल्की या खंड वर्षा संभव है, लेकिन पूरे क्षेत्र में व्यापक बारिश की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।
जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर और करौली दोपहर के बाद जयपुर, दौसा, अलवर, कोटपूतली, बहरोड़, विराटनगर, भरतपुर, धौलपुर और करौली के आसपास बादलों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बौछारें संभव हैं। कुछ स्थानों पर बारिश थोड़े समय के लिए काफी तेज भी हो सकती है। सवाई माधोपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी शाम के समय सक्रिय वर्षा वाले बादल विकसित होने की संभावना बनी रहेगी।
11, 12 और 13 अगस्त तक राजस्थान में बारिश की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं होंगी। कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। शेखावाटी, बीकानेर संभाग, कोटा संभाग, अजमेर, जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रह सकती है। लेकिन एक बात विशेष रूप से समझना जरूरी है बारिश का वितरण बहुत असमान रहेगा। कहीं पूरे दिन बादल छाए रह सकते हैं लेकिन बारिश कम हो सकती है, जबकि किसी दूसरे स्थान पर अचानक गरज वाला बादल विकसित होकर थोड़े समय में तेज बारिश कर सकता है। पश्चिमी राजस्थान में भी 11 और 12 अगस्त के दौरान जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों, पाली, फलोदी और जैसलमेर के आसपास खंड वर्षा की संभावना रहेगी। दक्षिणी राजस्थान में उदयपुर-कोटा-अजमेर-जयपुर संभाग के कई हिस्सों में भी स्थानीय बारिश हो सकती है। 14 अगस्त के बाद राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना दिखाई दे रही है। दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव बढ़ सकता है और मानसून ट्रफ उत्तर की तरफ खिसक सकती है। इससे राजस्थान के ऊपर बारिश के लिए आवश्यक नमी और सिस्टम का प्रभाव कमजोर हो सकता है। 14 से 25-26 अगस्त के बीच फिलहाल राजस्थान में अपेक्षाकृत शुष्क मौसम की संभावना जताई जा रही है। हालांकि यह लंबी अवधि का पूर्वानुमान है, इसलिए इसमें बदलाव संभव है। बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनेंगे, ऐसा नहीं है कि वहां बिल्कुल कोई गतिविधि नहीं होगी। लेकिन यदि बनने वाले सिस्टम कमजोर रहते हैं और उनका ट्रैक राजस्थान की तरफ नहीं आता है, तो राजस्थान को उनका पर्याप्त लाभ नहीं मिल पाएगा। 15 और 16 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी से बनने वाली गतिविधियों का असर बांग्लादेश, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की तरफ अधिक रह सकता है। यदि सिस्टम कमजोर रहता है और पूर्वी भारत में ही सीमित रहता है, तो उसका राजस्थान तक पहुंचना मुश्किल होगा। इसलिए उस समय राजस्थान में बारिश की कमी बनी रहने की संभावना बढ़ सकती है। इसी अवधि में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश का वितरण बदल सकता है। 25-26 अगस्त के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक और कमजोर परिसंचरण/सिस्टम बनने की संभावना दिखाई जा सकती है। लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि वह राजस्थान तक पहुंचेगा या नहीं। उस समय सिस्टम की ताकत, उसकी दिशा, मानसून ट्रफ की स्थिति और नमी के प्रवाह को देखकर ही राजस्थान के लिए वास्तविक संभावना तय की जा सकेगी।
इसलिए किसान साथियों, 25 अगस्त के बाद का मौसम अभी पक्का पूर्वानुमान नहीं माना जाना चाहिए।