12/07/2025
साथियों नमस्कार।
"हाम तो 5 साल तैं खांड खावां हां जी"
"चीनी छड दीत्ती ए, खंड खांदे हां"
उपरोक्त शब्द अक्सर सुनने को मिलते हैं। आज की पोस्ट खांड पर ही लिख रहा हूं। वैसे तो काफी लंबे समय से खानपान के प्रति जागरूक हूं , लेकिन पिछले दस साल से इस क्षेत्र में काफी गहनता से कार्य करते हुए जो समझ पाया हूं ; उसी को कलमबद्ध करने की कोशिश कर रहा हूं।
करीब 4 साल पहले बहादुरगढ़ के एक यूट्यूबर ने खांड संबंधी वीडियो डाली और उसमें कई गलत जानकारी दी। मैंने उनके पास वीडियो में दिखाए गए किसान के कोल्हू के भयंकर गंदगी वाले फोटो भेजे और वो भाई कोई जवाब नहीं दे पाया। करीब 6 माह पहले रोहतक के एक ब्लॉगर ने एक नौसिखिए के साथ एक वीडियो बना कर डाली जिसमें एकदम सतही और कुछ गलत जानकारी दी गई।
खांड बनाने के लिए गन्ने के रस को कड़ाह में उबाला जाता है। उबालने की प्रक्रिया में इसकी अशुद्धियां दूर करने हेतु इसमें सुकलाई (जंगली भिंडी) का रस मिलाया जाता है। इससे अशुद्धियां मैली के रूप में ऊपर आ जाती हैं, जिसे उतार कर रस को साफ किया जाता है। फिर रस को गाढ़ा करके इसकी चाशनी crystalizer नामक यन्त्र में डाली जाती है। यह यंत्र धीरे-धीरे घूमता है जिससे यह चाशनी ठंडी हो जाती है और इसमें रवा/दाना (crystal) बन जाता है। 3-4 दिन के बाद यह चाशनी एक गाढ़े द्रव के रूप में बदल जाती है, जिसमें रवा और शीरा; दोनों एक साथ होते हैं। फिर इस गाढ़े द्रव को centrifuge नामक यन्त्र में डाला जाता है जो कि अपकेंद्रिय बल पर आधारित होता है। यह यंत्र शीरे को बाहर निकाल देता है। शीरे को रवा / दाना से पूरी तरह अलग करने हेतु इसमें साफ पानी की पिचकारी मारी जाती हैं। तपश्चात रवा को यंत्र से बाहर निकालकर सुखा देते हैं। यह रवा ही खांड है।
1 क्विंटल गन्ने में औसतन 4.5 kg खांड बनती है। अक्टूबर-नवम्बर में कोल्हू शुरु होने पर लगभग 4 kg, दिसम्बर-मार्च में लगभग 5 kg, अप्रैल-मई में फिर लगभग 4 kg । यह उत्पादन क्षेत्रवार कम/अधिक हो सकता है।
नोट: बाज़ार हेतु उत्पादन-प्रक्रिया में रस में चीनी मिलाई जाती है। सफाई हेतु शुकलाई के साथ-साथ hydrosulfide नामक खतरनाक रसायन भी प्रयुक्त होता है। पिचकारी वाले पानी में भी खतरनाक रसायन मिलाए जाते हैं जिससे कि खांड एकदम सफेद बने।
खांड के बारे में कुछ भ्रम फैलाए गए हैं, उन्हें जानिए:
1. खांड खाने से शुगर नहीं होती।
वास्तविकता - इसमें चीनी की अपेक्षा sugar level कम होता है लेकिन यह sugar free नहीं होती है। हां, इसमें कई पोषक तत्व होते हैं, जो चीनी में नहीं होते।
2. असली खांड पीली होती है।
वास्तविकता - खांड को पीली रखने के लिए बनाते समय उसमें सीरे की कुछ मात्रा छोड़ देते हैं या पीले रंग की पिचकारी मारकर उसका रंग पीला कर दिया जाता है।
3. असली खांड में गुड़ जैसा स्वाद आता है।
वास्तविकता - गुड़ जैसा स्वाद आता है लेकिन आजकल 10:1 के अनुपात में चीनी व गुड़ को मिलाकर नकली खांड बनाई जाती है। इसका स्वाद भी गुड़ वाला होगा!
4. खांड चीनी पीसकर बनती है।
वास्तविकता - हमने आज तक नहीं देखा। कई कोल्हू पर grinder machine जरूर देखी हैं, लेकिन चीनी पिसते हुए नहीं देखी।इसलिए कुछ कह नहीं सकते।
5. देसी खांड - गौमाता के दूध से साफ की गई।
वास्तविकता - तथाकथित देसी खांड का स्वाद बड़े-बुजुर्गों को चखा कर उनसे पूछिए। इसका स्वाद कुछ-कुछ शहद जैसा-सा होता है। सिर्फ पैकिंग पर देसी लिखा होता है, अंदर कुछ भी देसी नहीं होता। हो सकता है कि सिर्फ धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ हो रहा हो।
6. हमारी खांड नंबर-1 है।
वास्तविकता - ये ठीक वैसे ही है जैसे कि
सोनीपत का एक चाय व्यापारी कहता है कि हमारी चाय "संसार की सर्वोत्तम चाय" है।
वहीं
रोहतक का दूसरा चाय व्यापारी कहता है कि हमारी चाय "विश्व की सर्वश्रेष्ठ चाय" है।
और बाकी देश में कौन-कौन क्या-क्या दावा करते होंगे ?
नीचे 3 फोटो डाल रहा हूं। पहला पीली खांड बनाने हेतु पीला रंग घुले हुए ड्रम का , दूसरा घुटाई-प्रक्रिया में सामान्यतः प्रयुक्त होने वाले रासायनिक तेल का और तीसरा रस-सफाई हेतु प्रयुक्त होने वाले रसायन hydrosulfide का।
साथियों, आजकल खांड की मांग अत्यधिक बढ़ गई है। लेकिन खांड बनाने वाले कोल्हू बहुत ही कम हैं, जो हैं; उनमें भी साफ-सफाई का ध्यान ना के बराबर रखा जाता है। खांड की मांग और पूर्ति में अंतर की इस खाई को पाटने के लिए व्यापारियों ने चीनी:गुड़ को मिलाकर नकली खांड बनानी शुरू कर दी है। गुड़-मंडी या बाज़ार में उपलब्ध खांड पर मेरा भरोसा तो न के बराबर है, अपनी आप देखिए।
हमारे सभी खांडसारी उत्पाद (गुड़, शक्कर, खांड, राब) 100% रसायनरहित व मिलावटरहित परम्परागत विधि से देसी घी में घुटाई करके तैयार होते हैं। गन्ना, किसानों से तसल्ली करके लिया जाता है; लेकिन हम उसके जैविक होने का दावा नहीं करते हैं। शुद्ध खांड व अन्य गन्ना-उत्पाद, जैसे गुड़, शक्कर, राब आदि खाने के इच्छुक साथी हमसे संपर्क कर सकते हैं।
रोहतक में लगभग सभी sectors में हमारे उत्पाद मिलते हैं।
वाट्सअप नम्बर - 9817800355
जैविक भोग
भैंसवान खुर्द, गोहाना
सोनीपत, हरियाणा।