Jaivik Bhog - जैविक भोग

Jaivik Bhog - जैविक भोग जीणा है तो शुद्ध खाओ

हमें है आपके स्वास्थ्य का ख्याल !!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! प्रिय उपभोक्ता, हमारे सभी उत्पाद यथासंभव पारंपरिक विधि से तैयार होते हैं व सभी उत्पाद 100% रसायन-रहित और मिलावट-रहित होते हैं। हमारे यहाँ गुणवत्ता व स्वच्छता के उच्च मानकों का दृढ़ता से पालन किया जाता है

14/11/2025

साथियों नमस्कार।

हम पारंपरिक रसायन-रहित विधि से खांडसारी उत्पाद बनाते हैं। हमारे सभी उत्पाद अत्यंत साफ सफाई से बनते हैं। गुड़, शक्कर, खांड, तिलकुट गुड़ व ड्रायफ्रूट्स गुड़ लगातार बन रहा है। ड्रायफ्रूट्स और तिलकुट गुड़ बनाते वक्त भरपूर मात्रा में माल डाला जाता है। पार्सल से देशभर में सामान भेजा जाता है। शुद्ध खाने के इच्छुक जन मंगवा सकते हैं।

मूल्य सूची :-

1. देसी गुड़ व देसी शक्कर ₹ 110/kg
2. देसी खांड ₹ 120/kg
3. तिलकुट गुड़ ₹ 210/kg
4. ड्रायफ्रूट्स गुड़ ₹ 350/kg

Parcel charge ₹ 60/kg

WhatsApp number 9817800355

04/08/2025
साथियों नमस्कार।आजकल चौमासा चल रहा है। इस समय गुड़ व तेल/घी से बनी हुई देसी मिठाइयां (पूड़े, सुहाली, गुलगुले आदि) खाई जा...
24/07/2025

साथियों नमस्कार।

आजकल चौमासा चल रहा है। इस समय गुड़ व तेल/घी से बनी हुई देसी मिठाइयां (पूड़े, सुहाली, गुलगुले आदि) खाई जाती हैं। लेकिन इसके लिए बाजार में ताज़ा दिखने वाला गुड़ भूल कर भी न खरीदें। यह गुड़ कोल्हू पर गन्ने के रस की बजाय पुराने बढा गुड़ और खराब चीनी को मिलाकर उसमें अत्यधिक खतरनाक रसायन डालकर बनाया जाता है।

वर्तमान में गुड़-शक्कर का रंग गहरा भूरा (dark brown) हो जाता है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। चमक के चक्कर में न पड़ें। इस समय कच्ची चाशनी से बना गुड़ बैठ जाता है माने बह जाता है और फफूंद लग जाती है। हमारा गुड़ पक्की चाशनी से तैयार होता है। सिर्फ रंग पलटा है, कड़कपन एकदम नए जैसा है।

नीचे आजकल बाजार में उपलब्ध ताज़े गुड़ को बनाने में प्रयुक्त होने वाले माल के फोटो डाल रहा हूं। इसमें बढ़ा गुड़, खराब चीनी, हाइड्रोसल्फाइड व कोल्हू के फोटो हैं। कोल्हू वाले फोटो में आप देख सकते हैं कि बढ़े गुड़ को घन/हथौड़े से फोड़ा जा रहा है।

एक फोटो हमारे माल का है।

बढ़िया गुड़, शक्कर, खांड आदि के लिए हमसे संपर्क कर सकते हैं।

जैविक भोग
भैंसवांन खुर्द, गोहाना
सोनीपत, हरियाणा

वाट्सअप नम्बर 9817800355

साथियों नमस्कार।"हाम तो 5 साल तैं खांड खावां हां जी" "चीनी छड दीत्ती ए, खंड खांदे हां"उपरोक्त शब्द अक्सर सुनने को मिलते ...
12/07/2025

साथियों नमस्कार।

"हाम तो 5 साल तैं खांड खावां हां जी"
"चीनी छड दीत्ती ए, खंड खांदे हां"

उपरोक्त शब्द अक्सर सुनने को मिलते हैं। आज की पोस्ट खांड पर ही लिख रहा हूं। वैसे तो काफी लंबे समय से खानपान के प्रति जागरूक हूं , लेकिन पिछले दस साल से इस क्षेत्र में काफी गहनता से कार्य करते हुए जो समझ पाया हूं ; उसी को कलमबद्ध करने की कोशिश कर रहा हूं।

करीब 4 साल पहले बहादुरगढ़ के एक यूट्यूबर ने खांड संबंधी वीडियो डाली और उसमें कई गलत जानकारी दी। मैंने उनके पास वीडियो में दिखाए गए किसान के कोल्हू के भयंकर गंदगी वाले फोटो भेजे और वो भाई कोई जवाब नहीं दे पाया। करीब 6 माह पहले रोहतक के एक ब्लॉगर ने एक नौसिखिए के साथ एक वीडियो बना कर डाली जिसमें एकदम सतही और कुछ गलत जानकारी दी गई।

खांड बनाने के लिए गन्ने के रस को कड़ाह में उबाला जाता है। उबालने की प्रक्रिया में इसकी अशुद्धियां दूर करने हेतु इसमें सुकलाई (जंगली भिंडी) का रस मिलाया जाता है। इससे अशुद्धियां मैली के रूप में ऊपर आ जाती हैं, जिसे उतार कर रस को साफ किया जाता है। फिर रस को गाढ़ा करके इसकी चाशनी crystalizer नामक यन्त्र में डाली जाती है। यह यंत्र धीरे-धीरे घूमता है जिससे यह चाशनी ठंडी हो जाती है और इसमें रवा/दाना (crystal) बन जाता है। 3-4 दिन के बाद यह चाशनी एक गाढ़े द्रव के रूप में बदल जाती है, जिसमें रवा और शीरा; दोनों एक साथ होते हैं। फिर इस गाढ़े द्रव को centrifuge नामक यन्त्र में डाला जाता है जो कि अपकेंद्रिय बल पर आधारित होता है। यह यंत्र शीरे को बाहर निकाल देता है। शीरे को रवा / दाना से पूरी तरह अलग करने हेतु इसमें साफ पानी की पिचकारी मारी जाती हैं। तपश्चात रवा को यंत्र से बाहर निकालकर सुखा देते हैं। यह रवा ही खांड है।
1 क्विंटल गन्ने में औसतन 4.5 kg खांड बनती है। अक्टूबर-नवम्बर में कोल्हू शुरु होने पर लगभग 4 kg, दिसम्बर-मार्च में लगभग 5 kg, अप्रैल-मई में फिर लगभग 4 kg । यह उत्पादन क्षेत्रवार कम/अधिक हो सकता है।

नोट: बाज़ार हेतु उत्पादन-प्रक्रिया में रस में चीनी मिलाई जाती है। सफाई हेतु शुकलाई के साथ-साथ hydrosulfide नामक खतरनाक रसायन भी प्रयुक्त होता है। पिचकारी वाले पानी में भी खतरनाक रसायन मिलाए जाते हैं जिससे कि खांड एकदम सफेद बने।

खांड के बारे में कुछ भ्रम फैलाए गए हैं, उन्हें जानिए:

1. खांड खाने से शुगर नहीं होती।
वास्तविकता - इसमें चीनी की अपेक्षा sugar level कम होता है लेकिन यह sugar free नहीं होती है। हां, इसमें कई पोषक तत्व होते हैं, जो चीनी में नहीं होते।

2. असली खांड पीली होती है।
वास्तविकता - खांड को पीली रखने के लिए बनाते समय उसमें सीरे की कुछ मात्रा छोड़ देते हैं या पीले रंग की पिचकारी मारकर उसका रंग पीला कर दिया जाता है।

3. असली खांड में गुड़ जैसा स्वाद आता है।
वास्तविकता - गुड़ जैसा स्वाद आता है लेकिन आजकल 10:1 के अनुपात में चीनी व गुड़ को मिलाकर नकली खांड बनाई जाती है। इसका स्वाद भी गुड़ वाला होगा!

4. खांड चीनी पीसकर बनती है।
वास्तविकता - हमने आज तक नहीं देखा। कई कोल्हू पर grinder machine जरूर देखी हैं, लेकिन चीनी पिसते हुए नहीं देखी।इसलिए कुछ कह नहीं सकते।

5. देसी खांड - गौमाता के दूध से साफ की गई।
वास्तविकता - तथाकथित देसी खांड का स्वाद बड़े-बुजुर्गों को चखा कर उनसे पूछिए। इसका स्वाद कुछ-कुछ शहद जैसा-सा होता है। सिर्फ पैकिंग पर देसी लिखा होता है, अंदर कुछ भी देसी नहीं होता। हो सकता है कि सिर्फ धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ हो रहा हो।

6. हमारी खांड नंबर-1 है।
वास्तविकता - ये ठीक वैसे ही है जैसे कि
सोनीपत का एक चाय व्यापारी कहता है कि हमारी चाय "संसार की सर्वोत्तम चाय" है।
वहीं
रोहतक का दूसरा चाय व्यापारी कहता है कि हमारी चाय "विश्व की सर्वश्रेष्ठ चाय" है।
और बाकी देश में कौन-कौन क्या-क्या दावा करते होंगे ?

नीचे 3 फोटो डाल रहा हूं। पहला पीली खांड बनाने हेतु पीला रंग घुले हुए ड्रम का , दूसरा घुटाई-प्रक्रिया में सामान्यतः प्रयुक्त होने वाले रासायनिक तेल का और तीसरा रस-सफाई हेतु प्रयुक्त होने वाले रसायन hydrosulfide का।

साथियों, आजकल खांड की मांग अत्यधिक बढ़ गई है। लेकिन खांड बनाने वाले कोल्हू बहुत ही कम हैं, जो हैं; उनमें भी साफ-सफाई का ध्यान ना के बराबर रखा जाता है। खांड की मांग और पूर्ति में अंतर की इस खाई को पाटने के लिए व्यापारियों ने चीनी:गुड़ को मिलाकर नकली खांड बनानी शुरू कर दी है। गुड़-मंडी या बाज़ार में उपलब्ध खांड पर मेरा भरोसा तो न के बराबर है, अपनी आप देखिए।

हमारे सभी खांडसारी उत्पाद (गुड़, शक्कर, खांड, राब) 100% रसायनरहित व मिलावटरहित परम्परागत विधि से देसी घी में घुटाई करके तैयार होते हैं। गन्ना, किसानों से तसल्ली करके लिया जाता है; लेकिन हम उसके जैविक होने का दावा नहीं करते हैं। शुद्ध खांड व अन्य गन्ना-उत्पाद, जैसे गुड़, शक्कर, राब आदि खाने के इच्छुक साथी हमसे संपर्क कर सकते हैं।

रोहतक में लगभग सभी sectors में हमारे उत्पाद मिलते हैं।

वाट्सअप नम्बर - 9817800355

जैविक भोग
भैंसवान खुर्द, गोहाना
सोनीपत, हरियाणा।

17/05/2025

आवश्यकता है

1 हेल्पर - पुरुष
योग्यता - 10वीं पास
वेतन : 10000/- से 12000/-

गोहाना के आस-पास वाले को प्राथमिकता
दूर वाले के लिए रहने की व्यवस्था

जैविक भोग
भैंसवान खुर्द, गोहाना, सोनीपत
वॉट्सएप नंबर 9817800355

*जैविक भोग* एक ऐसा नाम जो हम सब का प्रिय है, विशेषकर, जो लोग ऋतुचर्या और दिनचर्या का महत्व समझते हैं। हमारा प्रयास रहता ...
31/01/2025

*जैविक भोग* एक ऐसा नाम जो हम सब का प्रिय है, विशेषकर, जो लोग ऋतुचर्या और दिनचर्या का महत्व समझते हैं। हमारा प्रयास रहता है कि, हम उन सभी खाद्य पदार्थों को उपलब्ध कराए, जिनको हम स्वयं द्वारा शुद्ध रूप (प्रोसेस) से तैयार कर सकें या करवा सके।

तभी तो हम कहते हैं...
"शुद्धता हमारी पहचान, गुणवत्ता हमारी परम्परा"

चलिए एक नजर ऋतुचर्या पर भी डालते हैं...
हेमंत ऋतु खत्म होकर अब शिशिर ऋतु की शुरुआत 15 जनवरी से हो गई है। जो 14 मार्च तक रहेगी। इसके बाद बसंत ऋतु शुरू हो जाएगी। ठंड के मौसम के दो हिस्से होते हैं, हल्की गुलाबी ठंड वाला वक्त हेमंत ऋतु का होता है तो तेज ठंड शिशिर ऋतु के समय होती है। इन ऋतुओं के मुताबिक ही हमारी परंपराएं, त्यौहार(पर्व) और हमारा भोजन बनाए गए हैं। जो सेहत के लिए भी फायदेमंद हैं।

*इसको वैज्ञानिक नजरिये से देखा जाए तो इन दिनों में कैल्शियम की कमी दूर करने के लिए तिल और गुड से बनी चीजें खाई जाती हैं।* इसलिए हमारे देश में गुड-शक्कर बनाने की परंपरा हजारों सालों से है।
ओर उसी परंपरा को शुद्ध प्रोसेस से निभाने का निश्चय "जैविक भोग" ने भी किया है, ताकि हम भी इस परंपरा का एक छोटा सा हिस्सा बन सके।।

/शिशिर ऋतु/ का समय- माघ, फाल्गुन (जनवरी -फरवरी) सूर्य का उत्तरायण काल होता है, इस दौरान शरीर में रूखापन बढ़ जाता है, शारीरिक ताकत में भी कमी आने लगती है। साथ ही लकवा, बुखार, खांसी, दमा आदि रोगों की सम्भावना बढ़ जाती है।

पथ्य आहार-विहार (क्या सेवन करें ?)
१.विविध प्रकार के पाक एवं लड्डू, *गुड-शक्कर*, तिल, अदरक, लहसुन की चटनी, पोषक आहार आदि सेवन करें।
२.गाय के दूध का सेवन विशेष रूप से करें।
३.तेल मालिश, धूप का सेवन, गर्म पानी का उपयोग करें।
४.ऊनी एवं गहरे रंग के कपड़े, जूते-मौजे आदि से शरीर को ढककर रखें।

अपथ्य आहार-विहार (क्या सेवन न करें ?)
१.बरसात एवं ठण्डी हवा से बचें।
२.हल्का, रूखा एवं वायुवर्धक आहार न लें।

धन्यवाद सहित।
आपका मित्र और सहयोगी
(आप है, तो हम हैं)

साथियों नमस्कार।आजकल अनेक लोगों द्वारा संक्रांत के मौके पर बुआ-बाहण को दिए जाने वाले 'सीधे' में मिठाई की जगह 'देशी मिठाई...
09/01/2025

साथियों नमस्कार।

आजकल अनेक लोगों द्वारा संक्रांत के मौके पर बुआ-बाहण को दिए जाने वाले 'सीधे' में मिठाई की जगह 'देशी मिठाई' माने गुड़-शक्कर दिया जा रहा है। ये खान-पान के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। इसके लिए ड्राई फ्रूट गुड़, तिलकुट गुड़ व मूंगफली गुड़ तैयार किया गया है।

अभी बारिश के कारण जिन साथियों को गुड़-शक्कर नहीं मिल पाया था, वे अब ले सकते हैं। लगातार गुड़ बन रहा है। हम 'जैविक भोग' ब्रांड नाम से खाद्य-पदार्थों विशेषकर खांडसारी वस्तुओं का उत्पादन रसायन-रहित और मिलावट-रहित विधि से करते हैं।

देशी खांड और देशी गुड़ से दो प्रकार का च्यवनप्राश देशी घी में बनाया गया है।

इनके अलावा कई अन्य उत्पाद भी बनाते हैं।

ऑर्डर करने के बाद, धैर्य का परिचय दें। पैकिंग करने और पार्सल करने में समय लगता है।

मूल्य-सूची वॉट्सएप नंबर पर वॉट्सएप करके ली जा सकती है। पार्सल चार्ज ₹50/kg की दर से अलग लगेगा जी।

रोहतक में सेक्टर 2, 3 व Suncity में हमारा सामान मिलता है।

नरेन्द्र

वॉट्सएप नंबर - 9817800355

जैविक भोग
रोहतक-गोहाना रोड़, भैंसवान खुर्द
सोनीपत (हरियाणा)

21/11/2024

वॉट्सएप नंबर - 9817800355

जैविक भोग
रोहतक रोड़,भैंसवान खुर्द
गोहाना, सोनीपत

साथियों नमस्कार।कल और आज, फिर देसी मिठाई माने खांडसारी उत्पाद बने हैं। कल से इच्छुक जन इन्हें आवश्यकतानुसार फर्म से ले स...
15/11/2024

साथियों नमस्कार।

कल और आज, फिर देसी मिठाई माने खांडसारी उत्पाद बने हैं। कल से इच्छुक जन इन्हें आवश्यकतानुसार फर्म से ले सकते हैं। भाव पिछली पोस्ट में लिखे गए थे।

किसी भी उत्पाद की निर्माण - प्रक्रिया में कोई भी रसायन प्रयुक्त नहीं होता है जी।

मूल्य सूची वॉट्सएप से ली जा सकती है।

वॉट्सएप नंबर 9817800355

नरेन्द्र
जैविक भोग
रोहतक रोड़, भैंसवान खुर्द
गोहाना, सोनीपत

साथियों नमस्कार।नवम्बर में ताज़ा गुड़-शक्कर बनना शुरू हो चुका है। गुड़ के शौकीन लोगों के लिए ड्राई फ्रूट वाला 'मेवा गुड़...
11/11/2024

साथियों नमस्कार।

नवम्बर में ताज़ा गुड़-शक्कर बनना शुरू हो चुका है। गुड़ के शौकीन लोगों के लिए ड्राई फ्रूट वाला 'मेवा गुड़' , तिलकुट गुड़ व मूंगफली गुड़ तैयार किया गया है। गुड़ - शक्कर ताज़ा गन्ने से पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है। निर्माण- प्रक्रिया के किसी भी चरण में कोई भी रसायन प्रयुक्त नहीं किया जाता है। घुटाई - प्रक्रिया में देसी घी का प्रयोग किया जाता है।

शुद्ध खाने के इच्छुक लोगों के लिए गुड़ - शक्कर पैकिंग में उपलब्ध है। निकटवर्ती क्षेत्र के लोग स्वयं आकर ले जा सकते हैं। दूर वालों को पार्सल से भेजा जा सकता है।

वॉट्सएप नंबर : 9817800355

जैविक भोग
रोहतक - गोहाना रोड़, भैंसवान खुर्द
सोनीपत - 131301

साथियो नमस्कार.नया गुड़ - शक्कर बनना शुरू हो चुका है. मेवा गुड़, तिलकुट गुड़ व मूंगफली गिरी गुड़ भी तैयार कर दिया है. अब सर्...
05/11/2024

साथियो नमस्कार.
नया गुड़ - शक्कर बनना शुरू हो चुका है. मेवा गुड़, तिलकुट गुड़ व मूंगफली गिरी गुड़ भी तैयार कर दिया है. अब सर्दियों में गुड़, शक्कर जी भरकर खाइये. यह हमारी ऐसी पारंपरिक मिठाई है जो कि पोषक तत्वों से भरपूर है.

खांड अगले सप्ताह में मिलेगी.

हमारे किसी भी उत्पाद की निर्माण -प्रक्रिया में किसी भी रसायन का प्रयोग नहीं किया जाता है.

जैविक भोग
NH-709, भैंसवान खुर्द
गोहाना, सोनीपत (हरियाणा)

व्हाट्सप्प - 9817800355

Address

NH709, Bhainswan Khurd
Gohana
131301

Opening Hours

Monday 7am - 6pm
Tuesday 7am - 6pm
Wednesday 7am - 6pm
Thursday 7am - 6pm
Friday 7am - 6pm
Saturday 7am - 6pm
Sunday 7am - 6pm

Telephone

+919817800355

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