15/12/2023
किसी प्रंशषक ने ये पंक्तियां मुझे भेजी है।
*धीरे-धीरे एक एक शब्द पढियेगा, हर एक वाक्य में कितना दम है ।*
*"आंसू" जता देते है, "दर्द" कैसा है?*
*"बेरूखी" बता देती है, "हमदर्द" कैसा है?*
*"घमण्ड" बता देता है, "पैसा" कितना है?*
*"संस्कार" बता देते है, "परिवार" कैसा है?*
*"बोली" बता देती है, "इंसान" कैसा है?*
*"बहस" बता देती है, "ज्ञान" कैसा है?*
*"ठोकर" बता देती है, "ध्यान" कैसा है?*
*"नजरें" बता देती है, "सूरत" कैसी है?*
*"स्पर्श" बता देता है, "नीयत" कैसी है?*
*और "वक़्त" बता देता है, "रिश्ता" कैसा समाज में बदलाव क्यों नहीं आता क्योंकि गरीब मैं हिम्मत नहीं मध्यम को फुर्सत नहीं और अमीर को जरूरत नहीं
*सुबह की "चाय" और बड़ों की "राय"*
समय-समय पर लेते रहना चाहिए.....
*पानी के बिना, नदी बेकार है*
अतिथि के बिना, आँगन बेकार है।*
*प्रेम न हो तो, सगे-सम्बन्धी बेकार है।*
पैसा न हो तो, पाकेट बेकार है।
*और जीवन में गुरु न हो*
तो जीवन बेकार है।
इसलिए जीवन में
"गुरु"जरुरी है।
"गुरुर" नही है
जय श्री राम।।।।