14/07/2024
: अर्जक संघ का शिक्षा आंदोलन :
( सबको राष्ट्रीय, मानववादी और वैज्ञानिक समस्त शिक्षा एक समान व निशुल्क )
“ राष्ट्रपति, डी.एम. का बेटा, या निर्धन की हो संतान ।
भेदभाव पाखंड रहित, शिक्षा मुफ़्त व एक समान ।”
“ शिक्षा का उद्देश्य महान,
राष्ट्रीय एकता, स्वाभिमान ।”
भारतीय संविधान में सबको समान अवसर उपलब्ध कराने की प्रस्तावना है ।परन्तु भारतीय संविधान लागू होने के 74-75 वर्षों के बाद भी भारत में विपन्न, वंचित व साधनहीन समाज को शासक वर्ग की उदासीनता के कारण समान अवसर उपलब्ध नहीं हैं ।
भारत के नवनिर्माण एवं अन्यान्य समस्याओं के समाधान हेतु सर्वसुलभ, समान राष्ट्रीय शिक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता अपरिहार्य है ।
भारत में अधिकांश समस्याओं की जड़ शिक्षा का अभाव व पाखंड है । जिसके दुष्परिणामस्वरूप देश में लूट-खसोट, छल-प्रपंच, बेरोज़गारी, अंधविश्वास, अपराध, आतंक, महंगाई, नशाखोरी एवं भ्रष्टाचार चरम पर है ।
महान मानववादी संगठन अर्जक संघ अपने स्थापना काल 01 जून 1968 से ही सभी के लिये समान, निशुल्क , वैज्ञानिक व मानववादी राष्ट्रीय शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आंदोलनरत है । अर्जक संघ कई बार प्रखंड, जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर धरना-प्रदर्शन करके मांगपत्र केन्द्र व राज्य सरकारों के समक्ष प्रस्तुत कर चुका है । परन्तु शोषक प्रधान्य शासकदलों की अहमन्यता, स्वार्थपरता एवं राष्ट्रीयहितों के प्रति उपेक्षा के कारण स्थिति जस की तस है ।
अर्जक संघ फिर से राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति का आंदोलन प्रारंभ कर रहा है । जिसमें देश के प्रवुद्ध नागरिकों, छात्र-छात्राओं व शिक्षक-शिक्षकाओं का वांछित सहयोग अपेक्षित है ।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का स्वरूप:
1- शिक्षा का उद्देश्य राष्ट्रीय स्वाभिमान एवं राष्ट्रीय एकता का वातावरण निर्मित करना हो ।
2- राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा में एकरूपता लाने के लिए संविधान में संशोधन करके शिक्षा को केन्द्रीय सूची में शामिल किया जाय ।
3- सारी शिक्षा निशुल्क, राष्ट्रीयकृत, वैज्ञानिक व मानववादी हो, तथा दसवीं तक अनिवार्य हो ।
4- प्राथमिक शिक्षा में राष्ट्रीयता, नागरिकता, गणित, भूगोल व वैज्ञानिक उपलब्धियाँ ये 5 विषय अनिवार्य रूप से पढ़ाये जायं। किसी भी स्तर के पाठ्यक्रम में पाखंड, पुनर्जन्म, भाग्यवाद, जाति-पाँति, ऊँच-नीच का भेदभाव व चमत्कार न हो ।
5- प्राथमिक शिक्षा के बाद शिक्षा के दो भाग कर दिये जावें - तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा तथा माध्यमिक और उच्च शिक्षा ।
6- सभी स्तर की शिक्षा में मानव-मानव की बराबरी का सिद्धांत प्रतिपादित रहे और विद्यालयों में परस्पर समता का व्यवहार और आचरण करना अनिवार्य हो।
7- तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के पर्याप्त विद्यालय स्थापित किए जावें, ताकि प्रत्येक विद्यार्थी मनपसन्द रोज़गार की निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर कुशल बन जाय ।
8- शिक्षा के क्षेत्र में किसी सामाजिक व धार्मिक संस्था का प्रवेश व हस्तक्षेप निषिद्ध रहे ।
9- शिक्षा का बजट रक्षा बजट बराबर किया जाय ।
10- सभी पाठ्यक्रम क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार किए जायें और राष्ट्रभाषा के अतिरिक्त एक अन्य क्षेत्रीय भाषा सीखना अनिवार्य हो ।
चरणबद्ध समशिक्षा आंदोलन :
1- दिनॉंक 01 सितंबर से दिनॉंक 30 सितंबर 2024 तक :- जन जागरण एवं जन समर्थन हेतु पर्चे-पोस्टर व वाल पेंटिंग द्वारा प्रचार-प्रसार व जगह जगह गोष्ठियाँ, जनसभा एवं जन संपर्क ।
2- दिनॉंक 01 अक्टूबर से दिनॉंक 31 अक्टूबर 2024 तक :-प्रखंड, तहसील, जिला व राज्य स्तर पर धरना प्रदर्शन व ज्ञापन देना ।
3- दिनॉंक 15 नवम्बर 2024 को दिल्ली में जंतर मंतर पर राष्ट्रीय स्तर का धरना व ज्ञापन देना ।
निवेदक- प्रो.शिवकुमार भारती राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्जक संघ ।