29/10/2024
ेरस (धन त्र्योदशी)
धनतेरस के मूल स्वरूप को ही बिगाड़ दिया गया है। धनतेरस मे धन से अभिप्राय पैसा, रुपया सोना-चाँदी आदि नही है, धनतेरस मे धन से अभिप्राय भगवान धन्वतंरी है ।
भगवान धन्वंतरी आयुश के देवता है। इस दिन को भौतिक सोना-चाँदी खरीद कर नही बल्की आरोग्यता का स्वरूप मानकर clelebrate करना चाहिये और वैसे ही कर्म करने चाहिए। जो लोग बीमार रहते है, वे lifestyle ठीक करने का संकल्प ले, और गौ-आधारित जीवन-यापन का संकल्प ले ।
भगवान धन्वंतरी के हाथों मे पवित्र वस्तू...
१. #सुदर्शन_चक्र
२. #शंख
३. #अमृत_कलश
४. #लीच_जन्तू - शरीर के रक्त से विष चूसने वाला ।
जीवन मे स्वास्थ्य और आरोग्य से बड़ा कोई धन नहीँ।
तो अगर खरीदना ही है तो, अपने बच्चों के लिये किसी खेल (कराटे, फुटबाल, badminton आदि) का subscription, अपने लिये योग क्लास का subscription, और पूरे परिवार के लिये देशी गाय का दूध-घी, refined तेल को त्याग कर शुद्ध घाणी के तेल, जैविक अनाज, सब्जी, फल आदि खरीदें, न कि सोना-चाँदी हीरा मोती ।
आज के दिन भगवान धनवंतरी समुद्र मंथन से अमृत कलश ले के प्रकट हुये थे, इसी कारण आज के दिन को धनतेरस (भगवान धनवंतरी जयंती) कहते हैं ।