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BIO INDIA Media News Company

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01/12/2024
01/12/2024

In a remarkable display of collective action, 25 SJY households in Akbarpur, Rohtas, have initiated a group-based livelihood activity with the support of JEEVIKA's intervention and the Dalmia Foundation's resource training. Aatmabal CLF identified these households for 10 comprehensive training programs, focusing on entrepreneurial skills, production skills, and finance management.
This collaborative effort has yielded impressive results, particularly during the Dhanteras Festival, where their handmade brooms saw high demand and generated significant profits. Although sourcing raw materials from Gaya and Bengal poses challenges due to reliance on wholesalers, affecting supply continuity, the SJY DIDIs have persevered and become an exemplary model of collective action.

01/12/2024

क्या आप घर के गीले कचरे से खाद बनाना चाहते हैं, लेकिन बदबू और लंबी प्रक्रिया से डरते हैं? पावनी लोला का आविष्कार आपके लिए है! हैदराबाद की पावनी ने एक ऐसा कम्पोस्टर विकसित किया है, जो गीले कचरे को सिर्फ 7 दिन में बिना बदबू के खाद में बदल सकता है। यह कम्पोस्टर छोटे परिवारों और कम जगह के लिए परफेक्ट है। पावनी का स्टार्टअप 'Vapra' इसे देशभर में बेच रहा है और अब तक 6000 से ज्यादा कम्पोस्टर बिक चुके हैं। घर के कचरे को कम करने का यह स्मार्ट तरीका अपनाएं!

01/12/2024

मेरठ के मनीष भारती ने MBA के बाद गाँव लौटकर अपनी पहचान बनाई। ‘भारती मिल्क स्पलैश’ ब्रांड से डेयरी बिज़नेस की शुरुआत करने वाले मनीष ने मार्केटिंग की मदद से खेती को भी नया रूप दिया। 2014 में 10 गायों से शुरू हुई उनकी डेयरी अब 80 गायों तक पहुँच चुकी है, और हर दिन 300 लीटर दूध बेचते हैं। इसके अलावा, उनके ऑर्गेनिक फार्म से ‘फार्मर्स नेस्ट’ ब्रांड के उत्पाद भी बिकते हैं। मनीष ने गाँव के सुकून में रहकर शहर की भागदौड़ से दूर एक सफल बिज़नेस खड़ा किया है।

30/11/2024

भोपाल की प्रतिभा तिवारी, जो कभी गणित पढ़ाती थीं, अब ऑर्गेनिक खेती के ज़रिए करोड़ों का बिज़नेस कर रही हैं। उन्होंने 2016 में जैविक खेती शुरू की और ‘भूमिशा ऑर्गेनिक्स’ नाम से अपना ब्रांड खड़ा किया। आज, वह 70 से अधिक जैविक उत्पाद बेचती हैं और 1200 किसानों को केमिकल-मुक्त खेती अपनाने में मदद कर रही हैं। उनकी कंपनी का सालाना कारोबार 1 करोड़ से अधिक है। प्रतिभा ने बाजरा उत्पादों का निर्यात भी शुरू किया है। वह आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ वातावरण बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।


जीवामृत, घनजीवाअमृत और बीजाअमृत कैसे बनाएं
30/11/2024

जीवामृत, घनजीवाअमृत और बीजाअमृत कैसे बनाएं

वर्मीकम्पोस्ट बिज़नेस शुरू करें 2000₹079760 47469 किसानों के लिए खाद कितनी अहम है, ये तो हर कोई समझता है. अगर ये खाद रास...
29/11/2024

वर्मीकम्पोस्ट बिज़नेस शुरू करें 2000₹

079760 47469

किसानों के लिए खाद कितनी अहम है, ये तो हर कोई समझता है. अगर ये खाद रासायनिक ना होकर, ऑर्गेनिक यानी जैविक हो तब तो और भी अच्छा है. ऑर्गेनिक खाद में गोबर की खाद, किचन या एग्री वेस्ट से बना कंपोस्ट और वर्मी कंपोस्ट (Vermi Compost) जैसी खाद आती हैं. तमाम किसान वर्मी कंपोस्ट अपने खुद के खेतों में इस्तेमाल करने के लिए तो बनाते ही हैं, कुछ किसान को इसका बिजनेस भी करते हैं. ऐसे भी बहुत से लोग हैं, जो खेती नहीं करते, बल्कि सिर्फ वर्मी कंपोस्ट का बिजनेस (Vermi Compost Business) ही करते हैं. अब सवाल ये है कि आखिर ये वर्मी कंपोस्ट बनता कैसे है और इसमें ऐसा क्या होता है कि लोग इसे अपना बिजनेस तक बना रहे हैं?

कैसे बनाया जाता है वर्मी कंपोस्ट?

वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए सबसे पहले तो आपको कुछ जगह की जरूरत होगी. आप इसे बंजर खेत या पथरीली जगह पर भी बना सकते हैं. इसके लिए आपको गोबर के कुछ बेड बनाने होंगे. ये बेड 3-4 फुट चौड़े और 1-2 फुट ऊंचे हो सकते हैं. इन बेड की लंबाई चौड़ाई सब आप अपने हिसाब से रख सकते हैं. बस ध्यान ये रखें कि बीच-बीच में आपको इसे मेंटेन करना होगा. साथ ही यह भी ध्यान रखना होगा कि पहले गोबर लाकर गिराने और फिर खाद उठाकर निकालने के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली के आने-जाने की जगह हो. गोबर के बेड बनाने के बाद उस पर आपको केंचुए डालने होंगे, जो गोबर को खा-खा कर उसे खाद में बदल देंगे. बेड के ऊपर पराली आदि बिछाई जाती है, ताकि गोबर में नमी बनी रहे. वहीं बीच-बीच में उस पर पानी का छिड़काव भी किया जाता है, वरना केंचुए मर सकते हैं. करीब 3 महीने में केंचुए गोबर को खाद में बदल देते हैं. यानी साल में आप 3-4 बार आसानी से वर्मी कंपोस्ट बना सकते हैं.

Business Of Vermicompost

अगर आप घर पर वर्मीकम्पोस्ट बनाना चाहते हैं, तो आपके लिए कुछ सुझाव दिए हैं:

💥स्वस्थ केचुआ चुनना एक महत्वपूर्ण कदम है और वर्मीकंपोस्टिंग की शुरुआत आस-पास के किसानों या विशेषज्ञों की मदद से करें।
💥अगला कदम उनकी देखभाल करना और उन्हें मुर्गियों व कुत्तों जैसे जानवरों से बचाना है। इन जानवरों की पहुंच से दूर बेड तैयार करें।
💥कमरे का तापमान (25-27 डिग्री सेल्सियस) सही बनाए रखना ज़रूरी है। कीड़ों को सीधी धूप से दूर रखना चाहिए। उन्हें ढककर या फिर छाये में रखना बेहतर होता है।
💥वर्मीकम्पोस्ट तैयार होने में 60 दिन लगते हैं।
इसे अपने बगीचे में प्रयोग करें और पड़ोसियों/दोस्तों के साथ साझा करें। या बड़े व्यवसाय की तरह जैविक खाद बनाए!
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*गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना**उद्देश्य* गाय के गोबर से वर्मी कंपोस्ट इकाई बनाकार जैविक खाद बनाना।।*कोन किसान आवदेन कर सकत...
27/11/2024

*गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना*

*उद्देश्य* गाय के गोबर से वर्मी कंपोस्ट इकाई बनाकार जैविक खाद बनाना।।

*कोन किसान आवदेन कर सकता है*
वह किसान जिसके पास खेती योग्य भूमि तथा कम से कम 5 गोवंश (गाय) हो

किसान को 20 फिट लंबी, 3फिट चौड़ी और 1.5से 2 फिट गहरी कंपोस्ट बेड का निर्माण करना होगा
या किसान 10 फिट लंबी,3फिट चौड़ी,, 1.5से 2 फिट गहरी दो कंपोस्ट बेड का निर्माण भी कर सकता है।।

*अनुदान*
किसान को लागत का 50% या अधिकतम 10, हजार रुपए जो भी कम हो अनुदान देय है

किसान जमाबंदी से आवदेन ऑनलाइन राज़ किसान साथी पोर्टल पर कर सकता है ।।

🙏 किसान परिवार 🌾 🙏
#खेत #खेती #किसान #गाँव #बिगोद

27/11/2024

केरल की 56 वर्षीय रेमा देवी ने अपने घर की छत को आय का ज़रिया बना लिया है। 20 सालों से ऑर्गेनिक गार्डनिंग कर रहीं रेमा अपने उगाए सब्जियों और फलों से बीज तैयार कर सोशल मीडिया के ज़रिए बेचती हैं। उनके बीजों की कीमत ₹25-40 प्रति पैकेट है, जिससे वह हर महीने ₹60,000 तक कमा रही हैं।

रेमा का कहना है कि सस्टेनेबल और किफ़ायती तरीकों से टेरेस गार्डनिंग करना आसान है। गार्डनिंग के टिप्स देने के लिए उन्होंने यूट्यूब चैनल भी शुरू किया है। रेमा की कहानी हर उस शहरी गार्डनर के लिए प्रेरणा है, जो छत पर हरियाली लाना चाहता है।

26/11/2024

Organic pomegranate in shekhawati kirshi farm
Tem visit ROCA

*आवश्यकता है  #कोटा,  #बारा,  #बुंदी,  #झालावाड़,  #सवाई_माधोपुर के लिए* अपने क्षेत्र में रहकर पार्ट टाइम फुल टाइम परसें...
25/11/2024

*आवश्यकता है #कोटा, #बारा, #बुंदी, #झालावाड़, #सवाई_माधोपुर के लिए*
अपने क्षेत्र में रहकर पार्ट टाइम फुल टाइम परसेंटेज बेस पर काम करने वाले स्टाफ की जो निम्न उत्पाद
IPM उत्पाद •-
•सभी फेरोमोन ल्युर, पीपी डिस्पोजल ट्रैप, एच डी ट्रैप, शंकु एफ ट्रैप, स्टिकी कार्ड/चिपचिपा ट्रैप, फनल ट्रैप, डेल्टा ट्रैप, वाटर ट्रैप,ऑटोमेटीक सोलर लाइट ट्रैप,नीम,करंज,अरंडी,महुआ तेल,
•ट्राइकोडर्मा, स्युडोमोनास, बवेरिया, मेटाराइजीयम, माइकोराइजा आदी
बायो/जैविक फर्टिलाइजर, बायो/जैविक फंगीसाइड, बायो/जैविक इंसेक्टिसाइड, बायो/जैविक ग्रोथ प्रमोटर,
•घरेलु चुहा ट्रैप, दिमक, मक्खी,मच्छर, कोकरोच, खटमल रेडी टु स्प्रे
•सभी प्रकार के इंडोर आउटडोर पेस्ट कन्ट्रोल उत्पाद आदि कि मार्केटिंग का नॉलेज रखते हो और मार्केटिंग कर सके।
अधिक जानकारी के लिए।
*राजस्थान ऑर्गेनिक एग्रो किसान संस्था - चौमु जयपुर*
WhatsApp +91 9529250150
[email protected]

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