19/08/2026
बुद्ध वाणी, संत वाणी --जगत का प्रकाश
✍️सत्संग प्रकाश की तरह है जो गलतफहमियाँ दूर करता है✍️
व्यक्ति एक दूसरे के बारे में गलतफहमियाँ सुनकर दूरियाँ बना लेते है। जबकि दोनो के मन में वास्तव में वो भाव नहीं होते।
गलतफहमियों के कारण ही दीवारें बन जाती है। अगर दीवारे गिराने की बात करें तो सबसे पहले खुद से ही शुरूआत करनी होगी। मन में दीवार बनाई भी खुद है और गिरानी भी खुद है।
किसी ने कुछ कह दिया तो गलतफहमियाँ मन में घर करने लग जाती है। लेकिन आपसी बात से ही सब सुलझ सकता है। खुलकर जब बात होगी तो सब गलतफहमियाँ भी दूर हो जाऐगी।
बौद्धाचार्य गुरनाम रूपगढ