01/05/2026
हर सफर में एक नई उम्मीद और नहीं किरण
रुक नहीं हम ना रखेंगे
थके नहीं हम ना थकेंगे
चलेंगे उसे दरियां के पार
अभी थमेंगी ही कहां है
सफर तो अभी बाकी है
हवा चलेगी ना
अंधिया भी तो आएगी
पर रुकेंगे तो नहीं
चलेंगे और चलते रहेंगे
जब तक मिले ना मंजिल
तब तक रुकेंगे नहीं ना