15/07/2023
#कौन #कहता #है #कि #पहाड़ों #में #कुछ #नहीं #होता
#यहां #बहुत #कुछ #होता #है #साहब
#नेक #इरादे #और #बुलंद #हौसले #हो #तो
#यहां #बहुत #कुछ #होता #है,
चौबीस वर्ष भारतीय सेना मे रहने के बाद सेना से सेवानिवृत्त श्री रेवत सिह रावत पलायन की देखादेखी और शहर की चकाचौंध को छोडकर आज भी रिखणीखाल विकास खण्ड के पट्टी पैनो के अपने पैतृक गांव पठोलगांव मे अपने परिवार के साथ निवास करते है। उम्र ६० साल, पेशा-खेती बाडी,पशुपालन, उधानीकरण,मुर्गीपालन,सब्जी उत्पादन, उन्होने आज हमे भी साथियों के साथ आमंत्रित किया था। तो हम भी उनके घर पर पहुचे, तो उन्होंने सबसे पहले अपने बगीचे दिखाये जिसमे आम,कटहल,संतरा,नीबू,केला,तेजपत्ता के नये और पुराने पेड थे, मौसम के हिसाब से आम और कटहल,केले तो तैयार है लेकिन नींबू, नांरगी , सतरा अभी छोटे है,जिससे वह लाखों रूपये की आमदनी भी करते है और हम जैसे लोगों और रिस्तेदारो को भी खिलाते है।इसके साथ साथ उनके सब्जी उत्पादन के लिए दो पोलीहाउस भी लगा रखे है जिसके माध्यम से समय समय पर मौसमी एवं बेमौसमी सब्जी भी उगाते है और नाना प्रकार के फूल भी गाते है,साथ ही घर मे गाय और एक जोडी बैल और मुर्गा और मुर्गियां भी पाल रखी है और काफी अच्छा मुनाफा भी करते है।
श्री रावत इतनी ब्यस्तता के बाद भी राजनीति और सरकारी, समाजिक कार्यक्रम के लिए भी समय निकाल लेते है,
रेवत सिह जी को सल्यूट