19/04/2026
बिस्मिल्ला हिर्रहमान निर्रहीम
मोहतरम बुज़ुर्गाने दीन, मुअज्ज़ज़ हाज़रीन और प्यारे भाइयों!
अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाहि व बरकातुहू
आज का दिन हमारे लिए बहुत खुशी और मसर्रत का दिन है। अल्लाह तआला का जितना भी शुक्र अदा करें, कम है कि उसने हमें दीन की खिदमत का एक अज़ीम मौका अता फरमाया। तालीम-ए-कुरआन वह नूर है जो न सिर्फ हमारे दिलों को रौशन करता है, बल्कि हमारी दुनिया और आख़िरत को संवारने का ज़रिया भी बनता है।
हम सब की यह जिम्मेदारी है कि हम अपनी आने वाली नस्लों को दीन-ए-इस्लाम की सही तालीमात से रुबरु कराएं, ताकि वह एक अच्छे इंसान और सच्चे मुसलमान बन सकें। क्योंकि कुरआन पाक की तालीम ही वह बुनियाद है, जिस पर एक मजबूत और बाअख़लाक समाज कायम होता है।
इसी नेक जज़्बे और अल्लाह की रज़ा को सामने रखते हुए हमने यह कदम उठाया है, ताकि हमारे बच्चे कुरआन पाक की तालीम हासिल करें और दीन के रास्ते पर चल सकें।
इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए, अल्हम्दुलिल्लाह, अल्लाह के फज़्ल व करम से जामा मस्जिद घुस्याना में 12 अप्रैल, रोज़ इतवार से मदरसे का आग़ाज़ हो चुका है, जिसमें बच्चों को कुरआन पाक की नाज़रा तालीम दी जा रही है।
आप हज़रत से, ख़ास तौर पर अहल-ए-मोहल्ला घुस्याना से गुज़ारिश है कि अपने बच्चों को इल्म-ए-दीन से मालामाल करने के लिए उन्हें मस्जिद भेजें।