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18/01/2026

18/01/2026

Funny SaNaya Bhumij @

यदि आप दफ्तर में सारा दिन ढेरों काम करके, बसों के पीछे भाग-भागकर हलकान होकर थके मांदे, परेशानहाल घर लौटें और आप की पत्नी...
14/01/2026

यदि आप दफ्तर में सारा दिन ढेरों काम करके, बसों के पीछे भाग-भागकर हलकान होकर थके मांदे, परेशानहाल घर लौटें और आप की पत्नी पूरी सजधज के साथ दरवाजे पर आपका स्वागत करे, आपके साथ बगलगीर होकर आपको भीतर लाये, सबसे आरामदेय कुर्सी पर आपको बिठाकर प्यार से साथ आपके जूते उतारे फौरन आप का पसन्दीदा जाम पेश करे और बताये कि डिनर भी टेबल पर लग चुका था तो जानते हैं इसका क्या मतलब होता है ?

इसका मतलब होता है कि आप किसी गलत घर में घुस आये हैं।

वैसे इनका रियल नेम नवोदिता शर्मा है। मगर जब ये फिल्मों में आई थी तब इन्होंने अपना नाम चांदनी कर लिया था। सलमान खान की फि...
11/01/2026

वैसे इनका रियल नेम नवोदिता शर्मा है। मगर जब ये फिल्मों में आई थी तब इन्होंने अपना नाम चांदनी कर लिया था। सलमान खान की फिल्म सनम बेवफ़ा में आपने इन्हें ज़रूर देखा होगा। उस फिल्म के गाने तो वैसे भी बहुत मशहूर हुए थे। और तब इन्हें भी खूब शोहरत हासिल हुई थी। वैसे तो इनकी जन्मतिथि को लेकर बड़ा कन्फ्यूज़न है।

मगर कुछ जगहों पर कहा जाता है कि इनका जन्म 9 जनवरी 1970 को हुआ था। इस हिसाब से आज इनका जन्नमदिन है। बाकि, यकीनी तौर पर फिलहाल नहीं कहा जा सकता कि ये सही तारीख़ है कि नहीं। बाकि, ये दिल्ली में जन्मी थी। रहने वाली हैं पंजाब के फाज़िल्का ज़िले के अबोहर शहर की।

इनके दादा थे पंडित हेत राम शर्मा। पंडित हेत राम शर्मा अबोहर शहर के गणमान्य लोगों में से एक थे। चांदनी उर्फ नवोदिता शर्मा जी का जन्म व परवरिश दिल्ली में हुई थी। बचपन से ही इन्हें क्लासिकल डांस की तालीम भी मिली थी। और छोटी उम्र से ही इन्हें फिल्में, फिल्म स्टार्स और फिल्मी दुनिया बहुत आकर्षित करते थे।

ये भी एक्ट्रेस बनने के ख्वाब देखने लगी। एक दिन इन्होंने अखबार में एक विज्ञापन देखा, जिसमें लिखा था कि सलमान खान के अपोज़िट सनम बेवफ़ा नाम की फिल्म में काम करने के लिए एक नई लड़की की तलाश है। अखबार में ही फॉर्म भी था। नवोदिता शर्मा ने भी वो फॉर्म भरा और अपनी एप्लीकेशन भेज दी।

किस्मत नवोदिया पर महरबान रही। उन्हें सनम बेवफ़ा फिल्म की हीरोइन चुन लिया गया। और सनम बेवफ़ा उस साल की बड़ी हिट फिल्मों में से एक साबित हुई। सबको लगा कि सलमान खान की हीरोइन बनकर नवोदिता, जो अब चांदनी के नाम से मशहूर हो चुकी थी, उन्हें एक ज़बरदस्त शुरुआत मिली है। और अब वो एक बड़ी एक्ट्रेस बनेंगी।

लेकिन एक कॉन्ट्रैक्ट की वजह से ऐसा हो ना सका। बात कुछ यूं थी कि सनम बेवफ़ा फिल्म के प्रोड्यूसर-डायरेक्टर सावन कुमार टाक ने चांदनी के साथ कुछ ऐसा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था जिसमें लिखा था कि चांदनी तीन सालों तक चांदनी तीन सालों तक किसी और कंपनी की फिल्म में काम नहीं कर सकेंगी।

सनम बेवफ़ा की ज़बरदस्त कामयाबी के बाद चांदनी के पास बड़े तगड़े-तगड़े ऑफर्स आ रहे थे। फिल्म इंडस्ट्री का लगभग हर बड़ा डायरेक्टर उनके साथ खाम करना चाहता था। मगर उस कॉन्ट्रैक्ट की वजह से चांदनी किसी के साथ काम नहीं कर पाई। उन्होंने सावन कुमार टाक से कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने की रिक्वेस्ट की।

सावन कुमार टाक ने भी कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर दिया। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चांदनी को मुख्य हीरोइन के रोल मिलने बंद हो गए। मजबूरन उन्होंने कुछ फिल्में साइन की जिसमें उनके सपोर्टिंग एक्ट्रेस वाले किरदार थे। मिस्टर आज़ाद, जय किशन और आजा सनम जैसी फिल्मों में चांदनी सपोर्टिंग कैरेक्टर्स में ही दिखी थी।

चांदनी ने ये सोचकर सपोर्टिंग और सेकेंड लीड कैरेक्टर्स साइन करने शुरू किए थे कि वो धीरे-धीरे खुद को फिर से ट्रैक पर ले आएंगी और फिर से हीरोइनों वाले किरदार निभाना शुरू कर देंगी। मगर वो भी ना हो सका। किसी ने उन्हें लीड हीरोइन का रोल नहीं दिया। जो लीड हीरोइन का रोल ऑफर कर भी रहे थे उनकी फिल्में बहुत घटिया थी।

बी-ग्रेड फिल्में थी वो सब। चांदनी के लिए बड़ी चुनौती तब खड़ी हो गई जब फिल्म इंडस्ट्री में और भी कई नई और टैलेंटेड एक्ट्रेसेज की एंट्री होने लगी। ऐसे में चांदनी को अहसास हो गया कि अब वो फिल्म इंडस्ट्री में कभी भी टॉप की हीरोइन नहीं बन सकेंगी। सिर्फ सपोर्टिंग एक्ट्रेस बनकर रह जाएंगी।

आखिरकार चांदनी ने फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर घर बसाने का फैसला किया। 27 अगस्त साल 1994 को उन्होंने अमेरिका में रहने वाले बिजनेसमैन सतीश शर्मा से शादी कर ली। शादी के बाद चांदनी उर्फ नवोदिता शर्मा ने कुछ और फिल्मों में काम किया था। आखिरी दफ़ा वो दिखी थी हाहाकार नामक एक फिल्म में जो साल 1996 में रिलीज़ हुई थी।

उसके बाद चांदनी भी पति संग अमेरिका शिफ्ट हो गई। उनकी दो बेटियां हुई जिनके नाम उन्होंने रखे करिश्मा शर्मा और करीना शर्मा। चांदनी अब अमेरिका में अपनी खुद की डांस एकेडेमी चलाती हैं। और दुनियाभर में डांस शोज़ भी करती हैं। वो अमेरिका के ओरलैंडो में रहती हैं। उनकी डांस एकेडेमी का नाम है सी स्टूडियोज़। अपने पारिवारिक जीवन में चांदनी बेहद खुश हैं।

हरी बाबू ने सुबह अपनी बीवी को बुलाया और गमगीन लहजे में बोले - "कमला, मैं मर गया हूं। कल रात को किसी वक्त मेरे प्राण निकल...
03/01/2026

हरी बाबू ने सुबह अपनी बीवी को बुलाया और गमगीन लहजे में बोले - "कमला, मैं मर गया हूं। कल रात को किसी वक्त मेरे प्राण निकल गये। लेकिन जो हुआ सो हुआ, अब तू घर बार सम्भालना और बच्चों का ख्याल रखना ।"

"अरे, पागल हो गये हो क्या?" बीवी कलप कर बोली-"जो ये वाही तबाही बक रहे हो ?"

"मैं सच कह रहा हूं, कमला, पिछली रात मेरा काम हो गया। अब तू दो काम और करना। एक तो सुनिश्चित करना कि 'आशिक का जनाजा है, जरा धूम से निकले', और दूसरे, जितनी जल्दी हो सके, दोबारा शादी कर लेना ।"

"अरे, तुम मरे कहां हो जो..."

"ऊपर बैडरूम में मरा न रात को ! अरे मेरी बन्नो, ऐसा होना कोई बड़ी बात नहीं; अक्सर हो जाता है। किसी के भी साथ हो जाता है।"

"तुम यूं नहीं मानोगे। मैं डाक्टर को बुलाती हूं।"

"अब वो भी कुछ नहीं कर सकेगा क्योंकि..."

"मैं बुलाती हूं।"

डाक्टर आया तो वो उससे बोली "डाक्टर साहब, ये पागल हो गये हैं। इनका मगज हिल गया है। कहते हैं रात को मर गये। भगवान के लिये कुछ करो इनका ।"

"अभी करता हूं।" - डाक्टर बोला और फिर हरी बाबू से सम्बोधित हुआ - "जानते हो न कि मुर्दे में से खून नहीं निकलता ?"

"हां" - हरी बाबू बोले "मैं क्या, सारा जमाना जानता है।"

डाक्टर ने एक सुई जोर से उसके हाथ में चुभाई तो फौरन हाथ में से बूंद बूंद करके खून टपकने लगा।

"देखा ?" - डाक्टर विजेता के से स्वर में बोला ।

"देखा ।" - हरी बाबू बोले ।

"समझा ?"

"समझा।"

"क्या ?"

"यही कि जमाना जो जानता है, गलत जानता है। मुर्दे में से भी खून निकलता है, बराबर निकलता है।" 😂😂😂😂😂😂

"हमसे एक बीवी नहीं संभाली जाती। तुम कैसे दो बीवियों को संभालते हो भाई?" जैसे ही दादामुनि अशोक कुमार ने ने सबके सामने ज़ो...
02/01/2026

"हमसे एक बीवी नहीं संभाली जाती। तुम कैसे दो बीवियों को संभालते हो भाई?" जैसे ही दादामुनि अशोक कुमार ने ने सबके सामने ज़ोर से दिलीप कुमार से ये सवाल पूछा, दिलीप कुमार झेंप गए। और सिर्फ दिलीप कुमार ही नहीं, सेट पर मौजूद अन्य लोग भी शॉक्ड रह गए। इस किस्से का ज़िक्र ऋषि कपूर जी ने अपनी बुक "खुल्लम खुल्ला: ऋषि कपूर अनसेंसर्ड" में किया है।

किस्से के मुताबिक, 1984 में फिल्म दुनिया की शूटिंग के दौरान की ये कहानी है। दुनिया फिल्म को रमेश तलवार डायरेक्ट कर रहे थे। जिस वक्त दादामुनि ने ये सवाल दिलीप कुमार से किया था उस वक्त दिलीप कुमार एक सीन की तैयारी कर रहे थे। सेट पर उस समय ऋषि कपूर, प्राण, प्रेम चोपड़ा, अमरीश पुरी व अमृता सिंह भी मौजूद थे। जिस सीन की तैयारी दिलीप कुमार कर रहे थे वो काफी इंटेंस था। दिलीप कुमार कैरेक्टर के फुल मूड में थे।

लेकिन अशोक कुमार जी को अंदाज़ा नहीं था कि इस वक्त दिलीप कुमार कैरेक्टर में डूबे हुए हैं। उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में चिल्लाते हुए दिलीप कुमार से कहा,"अरे भई यूसुफ, मुझे ये बताओ। हमसे एक बीवी नहीं संभाली जाती। तुम दो बीवियां कैसे संभालते हो?" अशोक कुमार के उस बेबाक से हैरान सेट पर मौजूद अन्य लोगों को लगा कि शायद दिलीप कुमार नाराज़ होंगे। लेकिन वैसा कुछ नहीं हुआ।

दिलीप कुमार ने एकदम शांतचित्त रहकर दादामुनि अशोक कुमार जवाब दिया,"पहले मुझे ये सीन खत्म करने दीजिए अशोक भैया। इस बारे में हम इस सीन के बाद में बात करते हैं।" फिर वाकई में वो सीन खत्म करने के बाद दिलीप कुमार ने अशोक कुमार को एक साइड ले जाकर बात की। दरअसल, उन दिनों असमा रहमान नामक एक महिला से दिलीप कुमार की सीक्रेट शादी चर्चा का विषय बनी हुई थी। कहा जाता है कि दिलीप कुमार को बहुत ज़्यादा आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था उस समय।

कुछ लोग गाजर का हलवा बनाने के लिए गाजर सस्ती होने का इंतजार करते है जबकि 800-1000 रुपये किलो के काजू बादाम किशमिश एवं अन...
02/01/2026

कुछ लोग गाजर का हलवा बनाने के लिए गाजर सस्ती होने का इंतजार करते है जबकि 800-1000 रुपये किलो के काजू बादाम किशमिश एवं अन्य ड्राईफ्रूट हलवे में डालने के लिए खरीद लेंगे लेकिन 50 रुपये किलो गाजर नही खरीदेंगे, बस इंतजार करेंगे कब 5 रु किलो हो और कब हम हलवा बनाकर खाएं

भाइयो ये किसान का उत्पाद है उसके भी घर परिवार बीबी बच्चे और रिश्तेदार है उसे यदि फसल का उचित मूल्य नही मिलेगा तो उसका जीवन कैसे चलेगा

आपसे आग्रह है किसान से सीधा खरीददारी को प्राथमिकता दें और ज्यादा मोलभाव करने से भी बचें मॉल में जाकर आप फिक्स रेट पर 3 हजार की जिंस खरीद सकते है लेकिन खेत मे जाकर 30 रुपये किलो की गाजर को 20 रुपये किलो खरीदने की जिद करते है मात्र 10 रुपये बचाने के लिए इतना झंझट करते है जबकि होटल में जाकर आप 100 रुपये टिप देकर आ जाते है, सहमत हो और बात सही लगी हो तो शेयर कर देना आप भी जुड़े रहना और दोस्तो को भी जोड़कर रखना

बस सोच को बदलिए सितारे बदल जाएंगे

नजर को बदलिए नजारे बदल जाएंगे

किसान पुत्र राम सिंह सोलंकी

01/01/2026

Lalu humorous 1 funnyvideos

दो हफ्ते के हनीमून ट्रिप के बाद एक युवती मायके लौटी तो उसने मां को रिपोर्ट पेश की - "बहुत अच्छा है, रमेश ! जिस चीज की भी...
01/01/2026

दो हफ्ते के हनीमून ट्रिप के बाद एक युवती मायके लौटी तो उसने मां को रिपोर्ट पेश की - "बहुत अच्छा है, रमेश ! जिस चीज की भी मांग करती हूं, फौरन मुझे ले देता है।"

“इससे एक ही बात साबित होती है ।" - तजुर्बेकार मां बोली

"क्या ?"

"तेरी मांग कमजोर है, नाकाफी है ।"

😁😁😁😁😁😁

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