07/10/2025
हिन्दुओं! अपने हिन्दू शासन/ हिन्दू शासक का प्रभाव महसूस कीजिए कल सुबह #6/10/2025 को भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर अधिवक्ता #राकेशकिशोर को जूता फेंकने का प्रयास किया,
शाम होते होते दिल्ली पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया,
पता चला कि जस्टिस गवई ने अधिवक्ता राकेश किशोर को माफ़ कर दिया है।
क्या आपको लगता है आज अगर कांग्रेस के सरकार होती तो ऐसा ही होता???? नहीं होता क्योंकि कांग्रेस राज में कभी भी सनातन के लिए आवाज उठाने वालों को मौत के घाट उतार दिया गया !
ये सब राकेश किशोर की उस हुंकार का नतीजा है जो उसने जूता फेंकने के बाद लगाई थी #सनातनकाअपमान, #नहींसहेगाहिंदुस्तान"
दरअसल मामला कुछ ऐसे है कि जस्टिस गवई कुछ ही महीनों में रिटायर होने वाला है,
और जिस तरह से ये भाजपा की दलित लॉबी के साथ घूम रहा है, अभी पिछले महीने ही मोदी जी के खास और करीबी माने जाने वाले भारत सरकार के कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के गृहजिले में जस्टिस गवई का दौरा हुआ जिसमें गवई ने भरे मंचो पर अर्जुनराम जी के बारे में कसीदे गढ़े थे, आमजन उसी समय गवई के लालच का पता लग गया था,
लगता है जल्द ही भाजपा-मोदी सरकार इसे राज्यसभा सदस्य या अन्य कोई मजबूत पद देगी
आज का मोदीजी का जूता प्रकरण में गवई के धैर्य का बयान इस बात को अधिक गहरा और स्पष्ट करता है
अधिवक्ता राकेश किशोर ने समय को देखते हुए जूता मारा है,
सनातनियों की सरकार- जस्टिस के लालच को भुना लिया,
आज अगर सनातनियों की सरकार नहीं होती तो अधिवक्ता का अब तक एनकाउंटर ठोक देते या आजीवन जेल में पड़ा सड़ता रहता
तो कुलमिलाकर निर्णायक बात ये है कि हिन्दुओं को अपने वर्तमान और भविष्य आने वाली पीढ़ियों के हिट के लिए शासन-सत्ता के प्रति जागरूक, सचेत रहना ही होगा, और होना चाहिए
कम से कम मुल्लों से सीखों वो कैसे वोट और सत्ता के प्रति सतर्क रहते है