25/10/2025
अनिल मिश्रा जी का जीवन परिचय.. विरोध करने वाले जान लो उनके ज्ञान के बारे में
जी, मध्य प्रदेश बार काउंसिल में 1988 में पंजीकरण के उपरांत 37 वर्षों से वकालत के क्षेत्र में एक प्रखर नाम हैं।
उन्होंने ने 1993 से 1995 तक मध्य प्रदेश हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और 2015 से 2017 तक अध्यक्ष के रूप में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।
अनिल मिश्रा जी उन गिने-चुने अधिवक्ताओं में से हैं, जिन्होंने सिविल, आपराधिक, और संवैधानिक मामलों में असाधारण महारथ हासिल की है, उनके के 37 वर्षों के शानदार कार्यकाल में 200 से अधिक जूनियर अधिवक्ताओं ने आपके मार्गदर्शन में कार्य किया, 2500 से अधिक रिपोर्टेबल जजमेंट आपके नाम दर्ज हैं, इसके बावजूद कई ऐतिहासिक मामलों में उच्च न्यायालय द्वारा उनको Amicus Curiae नियुक्त कर आपकी विशेषज्ञ राय ली गई। यह उनकी विधिक गहनता और विश्वसनीयता का प्रतीक है।
अनिल मिश्रा जी की पारिवारिक विरासत भी न्याय के क्षेत्र में अनुकरणीय है।
▪️इनके दादा, स्व. श्री जस्टिस हरगोविंद मिश्रा जी, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के प्रतिष्ठित न्यायमूर्ति रहे।
▪️इनके बड़े भाई, श्री जस्टिस अरुण मिश्रा जी, भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सम्मानित न्यायमूर्ति रहे।
▪️इनके छोटे भाई, श्री जस्टिस विशाल मिश्रा जी, वर्तमान में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
इनके परिवार के अन्य सदस्य, जैसे श्री रोहित मिश्रा जी, मध्य प्रदेश शासन के अतिरिक्त महाधिवक्ता, और अन्य कई लोग न्याय के क्षेत्र में उच्च पदों पर आसीन हैं।
अनिल मिश्रा जी की विधिक क्षमताओं का लोहा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अधिवक्ता और न्यायमूर्ति समान रूप से मानते हैं। इनके द्वारा संभाले गए जटिल मामले, आपकी तर्कशक्ति, और कानूनी दृष्टिकोण ने न केवल मध्य प्रदेश बल्कि देश भर में आपको एक विशिष्ट स्थान दिलाया है।
जो इनका विरोध करते हैं, उन्हें शायद आपकी उपलब्धियों और योगदान का पूर्ण आकलन नहीं है। आपकी विधिक यात्रा न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल है