Muslim Brotherhood

Muslim Brotherhood Assalamualaikum

ये मत सोचो की तुम हज को पैसे से जाते हो बल्कि तुम अल्लाह की इजाजत से जाते हो !!
19/06/2023

ये मत सोचो की तुम हज को पैसे से जाते हो बल्कि तुम अल्लाह की इजाजत से जाते हो !!

यूनान, मिस्र-ओ-रोम , सब मिट गये जहाँ से, अब तक मगर है बाकी ,नाम-ओ-निशां हमारा..
03/05/2023

यूनान, मिस्र-ओ-रोम , सब मिट गये जहाँ से,
अब तक मगर है बाकी ,नाम-ओ-निशां हमारा..

01/05/2023
01/05/2023

हमें तो कब्रिस्तान में जाते हुए भी अस्सलामु अलैकुम कहने की तालीम दी गयी है फिर पता नहीं हम में ये ज़िद, अना और अकड़ कहाँ से आ गयी कि हम ज़िंदा लोगों को भी सलाम नहीं करते। 😢😢😢

सुब्हानअल्लाहबेशकوَهُوَ ٱلَّذِى مَرَجَ ٱلۡبَحۡرَيۡنِ هَـٰذَا عَذۡبٌ۬ فُرَاتٌ۬ وَهَـٰذَا مِلۡحٌ أُجَاجٌ۬ وَجَعَلَ بَيۡنَہ...
01/05/2023

सुब्हानअल्लाह
बेशक

وَهُوَ ٱلَّذِى مَرَجَ ٱلۡبَحۡرَيۡنِ هَـٰذَا عَذۡبٌ۬ فُرَاتٌ۬ وَهَـٰذَا مِلۡحٌ أُجَاجٌ۬ وَجَعَلَ بَيۡنَہُمَا بَرۡزَخً۬ا وَحِجۡرً۬ا مَّحۡجُورً۬ا

"और वही तो है जिस ने दो दरियाओं को मिलाया, एक तरफ का पानी मीठा खुशगवार और दूसरा तल्ख़ बद'मज़ा है और उस ने इन दोनों के दर्मियान एक पर्दा और मजबूत आड़ बनाई।"
(सूरह अल'फुर्क़ान: आयत 53)

वो लोग जो इस बात से डरते हैं कि हर जगह हो रहे मुसलमानों के इस नरसंहार से इस्लाम ज़मीन से फ़ना हो जाएगा, तो में उनसे कहता...
01/05/2023

वो लोग जो इस बात से डरते हैं कि हर जगह हो रहे मुसलमानों के इस नरसंहार से इस्लाम ज़मीन से फ़ना हो जाएगा, तो में उनसे कहता हूँ के भले ही वो एक अरब मुसलमानों को ख़त्म करदें और सिर्फ़ एक मुसलमान बाक़ी रहे, तो उसी से इस्लाम नए सिरे से शुरू होगा।

~ डा० मुस्तफ़ा महमूद

भाई ने इस लड़की को सूरज की तपिश में  #नमाज़ पढ़ते हुए पाया,तो उसने अपने छाते से लड़की पर छांव की जब तक की वो  #नमाज़ ना पढ़ ले...
01/05/2023

भाई ने इस लड़की को सूरज की तपिश में #नमाज़ पढ़ते हुए पाया,
तो उसने अपने छाते से लड़की पर छांव की
जब तक की वो #नमाज़ ना पढ़ ले,,, ❤

✋ इंसानी जिस्म की उँगलियों में लकीरें तब नमूदार होने लगती हैं जब इंसान माँ के जिस्म में 4 माह तक पहुँचता है।✋ ये लकीरें ...
29/04/2023

✋ इंसानी जिस्म की उँगलियों में लकीरें तब नमूदार होने लगती हैं जब इंसान माँ के जिस्म में 4 माह तक पहुँचता है।
✋ ये लकीरें एक रेडियोएक्टिव लहर की सूरत में गोश्त पर बनना शुरू होती हैं इन लहरों को भी पैग़ामात DNA देता है।
✋ मगर हैरत की बात ये है कि पड़ने वाली लकीरें किसी सूरत भी पूर्वजों और धरती पे रहने वाले इंसानों से मेल नहीं खातीं।

✋ यानी लकीरें बनाने वाला इस कदर दाना और हिकमत रखता है कि वो खरबों की तादाद में इंसान जो इस दुनियाँ में हैं और जो दुनियाँ में नहीं रहे उनकी उँगलियों में मौजूद लकीरों की शेप और उनके एक एक डिजाइन से बा खबर है।
✋ यही वजह है कि वो हर बार एक नए अंदाज का डिजाइन उसके उँगलियों पर नक्श कर के ये साबित करता है........👇👇

👉 है कोई मुझ जैसा डिजाइनर ?
👉 है कोई मुझ जैसा कारीगर ?
👉 कोई है मुझ जैसा आर्टिस्ट ?
👉 कोई है मुझ जैसा कलाकार ?
👉कोई है मुझ जैसा तख़लीककार ?

✋ हैरानी की इंन्तेहा इस बात पर खत्म हो जाती है कि अगर जलने से जख्म लगने या किसी वजूहात की बुनियाद पर ये फिंगरप्रिंट मिट जाए तो दुबारा हु बहु वही लकीरें जिनमें एक खुलबे (कोशिका) की कमी-बेशी नहीं होती जाहिर हो जाती है। माशाअल्लाह 😘

✋ पूरी दुनियाँ जमा होकर इंसानी उंगली पर किसी वजूहात के बुनियाद पर मिट जाने वाली एक फिंगरप्रिंट नहीं बना सकती।

🥀 कोई तो है जो निजाम ए हस्ती चला रहा है 🥀
🥀वो अल्लाह है, वो अल्लाह है, वो अल्लाह है,,,,!!!🥀

इंडोनेशिया में इस्लाम की आमदइंडोनेशिया में इस्लाम की आमद 59 हिजरी में हुई और सियासी ताक़त मुसलमानों ने वहाँ 602 हि०(1206...
28/04/2023

इंडोनेशिया में इस्लाम की आमद

इंडोनेशिया में इस्लाम की आमद 59 हिजरी में हुई और सियासी ताक़त मुसलमानों ने वहाँ 602 हि०(1206 ई०) में हासिल की।

बाज़ मुहक़्क़िक़ीन ने ज़िक्र किया है के इंडोनेशिया में इस्लाम की पहली आमद ख़ुलाफ़ाए राशिदीन के दौर में हुई और जज़ाएर में बाज़ अरब ताजिरों के मक़बरे पहली सदी हिजरी दौर के मिलते हैं जो हाल ही में दरयाफ़्त किये गए हैं।

(तस्वीर में इंडोनेशिया के जज़ीरा बाली की एक मस्जिद)

आपके बच्चे आपसे पूछे या ना पूछे, आप उन्हें ज़रूर ये बताया कीजिए कि हम "फलस्तीन" से इसलिए मुहब्बत करते हैं कि!.....* ये फ...
12/04/2023

आपके बच्चे आपसे पूछे या ना पूछे, आप उन्हें ज़रूर ये बताया कीजिए कि हम "फलस्तीन" से इसलिए मुहब्बत करते हैं कि!.....
* ये फलस्तीन नबियों का मसकन और सरजमीं रही है।
* हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने फ़लस्तीन की तरफ हिजरत फ़रमाई।
* अल्लाह ने हज़रत लूत अलैहिस्सलाम को उस अज़ाब से निजात दी जो उनकी क़ौम पर इस जगह नाज़िल हुआ था।

*हज़रत दाऊद अलैहिस्सलाम ने इस सरज़मीन पर सकूनत रखी और यहां अपना एक मेहराब भी तामीर फ़रमाया।

* हज़रत सुलेमान अलैहिस्सलाम इस मुल्क में बैठ कर सारी दुनिया पर हूकूमत करते थे।

* कुर‌आन में सूरह नमल में चींटी का वो मशहूर किस्सा जिसमें एक चींटी ने बाकी साथियों से कहा था " ऐ चींटियों! अपने बिलों में घुस जाओ" ये किस्सा यहीं फलस्तीन के "असक़लान" शहर की वादी में पेश आया था।

* हज़रत ज़करिया अलैहिस्सलाम का मेहराब भी इसी शहर में है।
* हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने इस मुल्क के बारे में अपने साथियों से कहा था, इस मुकद्दस शहर में दाखिल हो जाओ! उन्होंने इस शहर को मुकद्दस इसलिए कहा था कि ये शिर्क से पाक और नबियों की सरज़मीन है।

* इस शहर में क‌ई मोजज़े हुए हैं, जिनमें एक कुंवारी बीबी हज़रत मरयम अलैहिस्सलाम के बतन से हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की पैदाइश हुई।

* हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम को जब उनकी क़ौम ने क़त्ल करना चाहा तो अल्लाह ने उन्हें इसी शहर से आसमान पर उठा लिया था।
* क़यामत की अलामत में से एक हज़रत ईसा की वापसी और जमीन पर उतरने का मुकाम इस शहर के सफेद मीनार के पास होगा।
* इस शहर के मुकाम " बाब ए लुद" पर ईसा अलैहिस्सलाम दज्जाल को क़त्ल करेंगे।
* इसी शहर से ही याजूज माजूज का क़िताल और फसाद शुरू होगा।
* फलस्तीन को नमाज़ के फ़र्ज़ होने के बाद "क़िब्ला ए अव्वल" होने का एज़ाज़ भी हासिल है। हिजरत के बाद अल्लाह के तरफ से नमाज़ के दौरान ही नबी अकरम ﷺ को मस्जिद ए अक्सा से बैतुल्लाह (खाना काबा) की तरफ रुख़ करने का हुक्म आ ग‌या, जिस मस्जिद में ये वाकिया पेश आया था वो मस्जिद आज भी मस्जिद ए क़िब्लातैन कहलाती है।

* नबी अकरम ﷺ मेराज की रात आसमान पर ले जाने से पहले मक्का मुकर्रमा से बैतुल मुकद्दस (फलस्तीन) लाए गए।
* अल्लाह के रसूल ﷺ की इक़्तेदा में सारे नबियों ने यहां नमाज़ अदा फरमाई।
* इस्लाम के सुनहरी दौर फारूकी में दुनिया भर की फतह को छोड़ कर महज़ फ़लस्तीन की फ़तह के लिए खूद हज़रत उमर रज़ी अल्लाह अन्हो का जाना और यहा जाकर नमाज अदा करना यहा की अजमत को बताता है।

रमज़ान-उल-मुबारक में जामा मस्जिद, दिल्ली .!! 🕌
08/04/2023

रमज़ान-उल-मुबारक में जामा मस्जिद, दिल्ली .!! 🕌

Address

Paonta Sahib
173025

Telephone

+918219927520

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Muslim Brotherhood posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Muslim Brotherhood:

Share

Category