17/04/2026
गन्ने में टॉप बोरर (शीर्ष छेदक) एक गंभीर कीट है, जो गन्ने के ऊपरी हिस्से को नुकसान पहुँचाता है। यह कीट मुख्य रूप से 'सिरोपोफागा एक्ससर्प्टलिस' (Scirpophaga excerptalis) नामक पतंगे के द्वारा होता है।
गन्ने में टॉप बोरर के लक्षण:
गन्ने में टॉप बोरर के मुख्य लक्षण निम्नलिखित हैं:
गन्ने के ऊपरी हिस्से में छेद: यह कीट मुख्य रूप से गन्ने के शीर्ष (ऊपरी भाग) को लक्षित करता है। छेद मुख्य रूप से शीर्ष वाले हिस्से में पाए जाते हैं।
गन्ने के ऊपरी भाग का सूखापन: टॉप बोरर के कारण गन्ने का शीर्ष भाग सूख जाता है और उसकी वृद्धि रुक जाती है। यह कीट गन्ने के शीर्ष के कोमल हिस्सों को खाकर उसे नुकसान पहुँचाता है।
गन्ने के पत्तों का पीला पड़ना: टॉप बोरर के हमले के कारण गन्ने के ऊपरी पत्तों का रंग पीला पड़ जाता है। यह पत्तों की सामान्य वृद्धि को प्रभावित करता है।
गन्ने के शीर्ष में "शव" जैसा दिखना: टॉप बोरर का हमला तीव्र होने पर गन्ने के शीर्ष भाग में "शव" जैसा दिखाई देने लगता है। यह "शव" मरे हुए और सड़े हुए पौधों के रूप में होता है।
गन्ने की वृद्धि में रुकावट: टॉप बोरर के हमले के कारण गन्ने की ऊर्ध्वाधर वृद्धि रुक जाती है। यह गन्ने की कुल पैदावार को प्रभावित करता है।
कटे हुए पत्ते और सड़ांध: गन्ने के ऊपरी भाग में कटे हुए पत्ते और सड़ांध के संकेत भी टॉप बोरर के हमले को दर्शाते हैं।
टॉप बोरर की रोकथाम के उपाय:
टॉप बोरर की रोकथाम के लिए निम्नलिखित उपायों का पालन किया जा सकता है:
कृषि सम्बन्धी उपाय:
जल निकासी: गन्ने के खेतों में जल निकासी का उचित प्रबन्ध होना चाहिए। अत्यधिक नमी वाले क्षेत्रों में टॉप बोरर का प्रकोप अधिक होता है।
खेतों की सफाई: गन्ने के खेतों की नियमित रूप से सफाई करनी चाहिए। खरपतवारों और मरे हुए पौधों को हटा देना चाहिए।
बुवाई का समय: गन्ने की बुवाई का समय भी महत्वपूर्ण है। टॉप बोरर का प्रकोप मुख्य रूप से मध्य मई के बाद अधिक होता है, इसलिए बुवाई का समय इसके अनुसार तय किया जा सकता है।
जैविक उपाय:
परजीवी कीड़ों का उपयोग: ट्राइकोग्रामा जैव-नियंत्रण प्रयोगशाला से खरीदे गए परजीवी कीड़ों को खेत में छोड़ना प्रभावी हो सकता है। यह कीड़े टॉप बोरर के अंडों को खा जाते हैं।
रासायनिक उपाय:
कीटनाशकों का उपयोग: टॉप बोरर की रोकथाम के लिए कीटनाशकों का उपयोग किया जा सकता है। फिप्रोनिल या क्लोरेंट्रानिलिप्रोले जैसे कीटनाशकों का छिड़काव किया जा सकता है।
कीटनाशकों की मात्रा और समय: कीटनाशकों की मात्रा और छिड़काव का समय महत्वपूर्ण है। इसे फसल की स्थिति और टॉप बोरर के प्रकोप के स्तर के अनुसार तय किया जाना चाहिए।
ग्रेन्यूल्स का उपयोग: कोराजेन या फर्टेरा जैसे कीटनाशक ग्रेन्यूल्स का उपयोग भी प्रभावी हो सकता है। इसे गन्ने की बुवाई के समय या बाद में खेत में डाला जा सकता है।
इन उपायों का पालन करके गन्ने में टॉप बोरर के प्रकोप को कम किया जा सकता है और गन्ने की पैदावार को बचाया जा सकता है। इसके अलावा, गन्ने की खेती में विशेषज्ञ की सलाह लेना भी महत्वपूर्ण है।
# Sugarcane Industries Department, Government of Bihar