Singh Ji Spices गरम मसाले तीखा, तेज, किफायती 100% शुद्ध

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जायफल और जावित्री दोनों एक ही वृक्ष मिरिस्टिका फ्रैग्रैन्स से प्राप्त होने वाले अत्यंत मूल्यवान मसाले हैं। यह वृक्ष मूल ...
05/03/2026

जायफल और जावित्री दोनों एक ही वृक्ष मिरिस्टिका फ्रैग्रैन्स से प्राप्त होने वाले अत्यंत मूल्यवान मसाले हैं। यह वृक्ष मूल रूप से इंडोनेशिया के मोलुकास द्वीपों का देशज है, लेकिन आज चीन, मलेशिया, भारत, श्रीलंका और दक्षिणी अमेरिका के कई क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से उगाया जाता है। यह वृक्ष सदाबहार होता है और इसकी पत्तियों में प्राकृतिक सुगंध मौजूद रहती है।

इसके फल छोटी नाशपाती के समान होते हैं। पकने पर फल दो हिस्सों में फट जाता है और अंदर लाल/सिंदूरी रंग की जालीदार परत दिखाई देती है, जिसे जावित्री कहते हैं। जावित्री के अंदर एक कठोर खोल होता है, जिसके भीतर वास्तविक जायफल पाया जाता है। एक ही फल से यह दोनों मसाले प्राप्त होते हैं। नया पौधा लगभग 7–8 वर्ष में फल देना शुरू करता है।

✴️ कब और कैसे लगाएँ?

🔹 उपयुक्त समय

जायफल का पौधा लगाने का सबसे अच्छा समय जून–जुलाई, यानी मानसून की शुरुआत है। गर्म और नम जलवायु में यह वृक्ष तेजी से बढ़ता है और अच्छी तरह विकसित होता है।

🌱 बीज से पौधा तैयार करना

पके हुए फलों से ताज़ा बीज निकालें। बीज को अधिक देर न रखें, क्योंकि इसकी अंकुरण क्षमता जल्दी कम हो जाती है। बीज को छाया वाली जगह में बोएं। सामान्यतः 4–6 सप्ताह में अंकुरण शुरू हो जाता है।

🌱 कलम द्वारा पौधा तैयार करना

मादा पौधों की संख्या बढ़ाने के लिए वनस्पति उद्यानों में छोटे पौधों पर मादा वृक्ष की टहनी की कलम लगाई जाती है। इससे फल जल्दी आते हैं और उत्पादन में सुधार होता है।
👉 शुरुआत के 2–3 साल तक पौधे को गमले में उगाया जा सकता है, लेकिन बाद में इसे जमीन में लगाना बेहतर है, क्योंकि यह वृक्ष बड़ा होता है।

🏡 मिट्टी, जगह और सिंचाई

जायफल के लिए हल्की, उपजाऊ, दोमट और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सर्वोत्तम होती है। मिट्टी में भरपूर जैविक खाद होनी चाहिए। पौधे को हल्की छाया पसंद है, पर पूरी छाया में इसकी वृद्धि धीमी पड़ सकती है।

गर्मियों में नियमित हल्की सिंचाईदें। मिट्टी को हमेशा नमीदार रखें, पर जलभराव न होने दें। साल में दो बार गोबर खाद, नीम खली या अन्य जैविक खाद देकर पौधे की वृद्धि को बेहतर बनाया जा सकता है। तेज धूप और तेज हवाओं से पौधे की रक्षा करें, क्योंकि यह धीरे-धीरे बढ़ने वाली प्रजाति है।

🌟 जायफल और जावित्री के फायदे

जायफल और जावित्री दोनों के फायदे अलग-अलग होते हैं। दोनों एक ही फल से आते हैं, लेकिन स्वभाव, प्रभाव और उपयोग अलग हैं।

🌟 जायफल के फायदे
जायफल बीज होता है और इसका प्रभाव थोड़ा गर्म, शांत करने वाला और पाचन सुधारने वाला होता है।

💠 पाचन के लिए श्रेष्ठ
पाचन को सामान्य करता है। गैस, अपच, दस्त, पेट दर्द में राहत।

💠 नींद लाने में मदद
रात्रि में दूध में चुटकी भर जायफल नींद सुधारने में उपयोगी हैं।

💠 दर्द और सूजन में राहत
जोड़, मांसपेशियों, सिरदर्द में लाभ देता है।

💠 तनाव और चिंता कम
दिमाग को शांत करता है

💠 त्वचा के लिए
इसके एंटीबैक्टीरियल गुण मुंहासे कम करके चेहरे की चमक बढ़ाता है

💠 पुरुष स्वास्थ्य
प्राकृतिक शक्ति और ऊर्जा बढ़ाने में सहायक।

🌺 जावित्री के फायदे
जावित्री बीज के ऊपर की लाल झिल्ली है। इसका प्रभाव सुगंधित, पाचक और रक्त-संचार बढ़ाने वाला होता है।

💠 भूख बढ़ाने और पाचन सुधारने में
खाने में सुगंध देकर पाचन एंजाइम बढ़ाती है। गैस, पेट फूलना, अपच में उपयोगी होता है।

💠 एंटीबैक्टीरियल गुण
संक्रमण, फंगल, बैक्टीरिया से लड़ने में सहायक हैं।

💠 रक्त संचार में सुधार
थकान और कमजोरी में लाभ मिलता है। शरीर में गर्माहट बढ़ाती है

💠 दर्द निवारक
जावित्री का तेल मांसपेशियों के दर्द, जोड़ों के दर्द में उपयोग है।

💠 महिलाओं के लिए लाभकारी
शरीर को गर्माहट देता है। मासिक धर्म के दर्द में राहत मिलता है।

💠 स्वाद और सुगंध बढ़ाने में सर्वश्रेष्ठ
बिरयानी, सूप, सॉस में उपयोगी हैं। रंग व सुगंध दोनों बढ़ाती है

✳️ जायफल और जावित्री में मुख्य अंतर

जायफल और जावित्री भले ही एक ही फल से आते हैं, लेकिन दोनों का स्वाद, उपयोग और औषधीय प्रभाव अलग-अलग होता है। जायफल एक कठोर बीज होता है जिसका स्वाद हल्का मीठा और प्रभाव अधिक गर्म माना जाता है। यह नींद सुधारने, तनाव कम करने, पाचन सुधारने और दर्द में राहत देने में विशेष रूप से उपयोगी है। जायफल का प्रयोग मिठाइयों, दूध और हल्के व्यंजनों में किया जाता है। इसकी दैनिक मात्रा ½–1 ग्राम पर्याप्त है, इससे अधिक मात्रा नहीं लेनी चाहिए।

दूसरी ओर, जावित्री बीज के बाहर की सुगंधित लाल परत होती है। यह जायफल की तुलना में अधिक सुगंधित और हल्की तीखी होती है। इसका प्रभाव रक्त संचार बढ़ाने, पाचन सुधारने और भोजन की सुगंध बढ़ाने में प्रमुख है। इसका उपयोग बिरयानी, पुलाव, गरम मसाला, सूप और मसालेदार व्यंजनों में अधिक होता है।

इस प्रकार, भले ही दोनों एक ही वृक्ष से प्राप्त होते हैं, उनके औषधीय गुण, स्वाद और पाक उपयोग स्पष्ट रूप से अलग हैं।

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कल शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन शानदार 114 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली। यह उनके टेस्ट कर...
03/07/2025

कल शुभमन गिल ने इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन शानदार 114 रनों की नाबाद शतकीय पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का सातवां शतक और कप्तान के तौर पर लगातार दूसरा शतक है।

उनकी इस पारी की मुख्य बातें:
- उन्होंने 199 गेंदों का सामना करते हुए अपना शतक पूरा किया।
- इस पारी में उन्होंने 11 चौके लगाए।
- उन्होंने यशस्वी जायसवाल (87 रन) के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की और दिन का खेल खत्म होने तक रवींद्र जडेजा (41 रन) के साथ 99 रनों की अटूट साझेदारी कर चुके हैं।
- गिल ने दबाव में एक छोर संभाले रखा और भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया, जब टीम के कुछ विकेट जल्दी गिर गए थे।
- उनकी इस संयमित और नियंत्रित पारी की काफी सराहना हो रही है। आज शुभमन के दोहरा शतक लगाने की कामना करते हैं |🌹
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कल्पना कीजिए—एक असीम सूनापन, जहाँ चारों ओर बस अंधकार और अनिश्चितता है। हर दिन सूरज उगता और ढलता है, लेकिन वहाँ, अंतरिक्ष...
19/03/2025

कल्पना कीजिए—एक असीम सूनापन, जहाँ चारों ओर बस अंधकार और अनिश्चितता है। हर दिन सूरज उगता और ढलता है, लेकिन वहाँ, अंतरिक्ष में, समय जैसे थम गया हो। 9 महीने तक अकेले रहना… न कोई अपना, न कोई आवाज़, बस धैर्य की परीक्षा!

लेकिन हौसला अटूट था!

यह वही जज़्बा था, जो एक माँ अपने गर्भ में पल रहे शिशु के लिए रखती है—हर दर्द सहकर भी, हर मुश्किल झेलकर भी, बस आगे बढ़ते रहने का विश्वास।

सुनीता विलियम्स के लिए ये 9 महीने सिर्फ समय नहीं थे, बल्कि हर पल अपने इरादों को और मजबूत करने की घड़ी थी। जब तकनीकी खराबी ने उनकी धरती पर वापसी की राह कठिन बना दी, तब भी उन्होंने हार नहीं मानी। हर दिन, अपने अंदर के डर को हराकर, खुद को संभाला, रिसर्च जारी रखी और मन में भरोसा बनाए रखा—"मैं लौटूंगी!"

धरती पर लोग उनकी बहादुरी की कहानियाँ सुन रहे थे, उनके साहस की मिसालें दी जा रही थीं। बच्चे, महिलाएँ, युवा—हर कोई उनसे प्रेरणा ले रहा था कि मुश्किलें आएंगी, लेकिन आत्मविश्वास के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती।

और फिर वह दिन आया! अंतरिक्ष यान से बाहर कदम रखते ही, उनकी आँखों में खुशी के आंसू थे। लेकिन चेहरे पर वही आत्मविश्वास था, जो उन्होंने हर कठिन घड़ी में बनाए रखा था।

उन्होंने दुनिया को सिखाया कि धैर्य, साहस और आत्मविश्वास के आगे कोई भी कठिनाई टिक नहीं सकती।

जब मन में दृढ़ निश्चय हो, तो कोई भी चुनौती असंभव नहीं!

10/12/2024

कोई भी या सब मिलाकर आर्डर कर सकते हैं आप, 100ग्राम से 1 kg तक,
यकीन मानियेगा आप खाने के बाद कि ये जो गरम मसाला है ऐसा सुगंध और स्वाद पूरी जिंदगी नहीं मिला 🌹🌹🙏🙏

मिलावट के जहर से बचे, बाजार से पैकेट बंद पीसे मसाले बिल्कुल नहीं खरीदें। घर में बनाएं खड़े मसालों से किचन किंग मसाला,
किचन किंग मसाला एक मिश्रण है, जिसमें विभिन्न मसालों का संतुलित अनुपात होता है। यह स्वाद में तीव्र और खुशबूदार होता है, जो भारतीय व्यंजनों को विशेष बनाता है।🌶️🫚
आवश्यक सामग्री 👇👇
6 बड़ी इलायची
12 छोटी हरी इलायची
1 चम्मच सहजीरा
1 चम्मच सोंठ पाउडर
2 बड़े चम्मच काली मिर्च
2 बड़े चम्मच मेथी
2 चम्मच सौंफ
1/2 छोटा चम्मच जायफल
दालचीनी का 1 टुकड़ा
2 जावित्री
12 लौंग
2 स्टार ऐनीज़
2 बड़े चम्मच जीरा
4 चम्मच धनिया
8-10 कश्मीरी मिर्ची
2 बड़े चम्मच उड़द दाल
2 बड़े चम्मच चना दाल
2 बड़े चम्मच राई (पीली)
1 बड़े चम्मच पिपली
2 तेज पत्ते
2 बड़े चम्मच कसूरी मेथी
1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 चम्मच काला नमक
1 चम्मच नमक
1 चम्मच अमचूर पाउडर

बनाने की विधि -

नमक और हल्दी को छोड़कर सभी सूखे मसालों को पैन में 5-6 मिनिट तक भून लीजिए ।

धीमी आंच पर भूनकर खड़े मसालों को ठंडा करके,मिक्सर में बारीक पीस लीजिये ।

आखिर में हल्दी और नमक डालकर पीसे, एक एयर टाइट जार में स्टोर करें। आपका दुनिया का No1 घर पर किचन किंग मसाला तैयार हैं।

हर तरह की ग्रेवी और सब्जियों को जायकेदार बनाने के लिए किचन किंग मसाला का इस्तेमाल करें ।।

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Grocery Store

बिहार वालों ने सारे रिकॉर्ड की धज्जियां उड़ा दी, दुनिया में पहली बार किसी फिल्म के ट्रेलर लॉन्च (Pushpa 2) पर वर्ल्ड रिक...
18/11/2024

बिहार वालों ने सारे रिकॉर्ड की धज्जियां उड़ा दी, दुनिया में पहली बार किसी फिल्म के ट्रेलर लॉन्च (Pushpa 2) पर वर्ल्ड रिकॉर्ड बन गया।

अल्लू अर्जुन Allu Arjun और रश्मिका मंदाना को देखने के लिए गांधी मैदान हाउस फुल हो गया 🔥


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🇮🇳  #आंवला❤️ प्रकृति का सर्वश्रेष्ठ उपहार अमृतफल आंवला...🙏 आंवले की एक डाली पर पत्ते एवं प्रथमेश ईपपर यह करीब २० फीट से ...
17/11/2024

🇮🇳 #आंवला
❤️ प्रकृति का सर्वश्रेष्ठ उपहार अमृतफल आंवला...

🙏 आंवले की एक डाली पर पत्ते एवं प्रथमेश ईपपर यह करीब २० फीट से २५ फुट तक लंबा झारीय पौधा होता है।
यह एशिया के अलावा यूरोप और अफ्रीका में भी पाया जाता है। हिमालयी क्षेत्र और प्राद्वीपीय भारत में आंवला के पौधे बहुतायत मिलते हैं। इसके फूल घंटे की तरह होते हैं। इसके फल सामान्यरूप से छोटे होते हैं।, लेकिन प्रसंस्कृत पौधे में थोड़े बड़े फल लगते हैं। इसके फल हरे, चिकने और गुदेदार होते हैं। स्वाद में इनके फल कसाय होते हैं। ज्यादातर खट्टापन कटारे में पाया जाता है.संस्कृत में इसे अमृता, अमृतफल, आमलकी, पंचरसा इत्यादि, अंग्रेजी में 'एँब्लिक माइरीबालन' या इण्डियन गूजबेरी तथा लैटिन में 'फ़िलैंथस एँबेलिका' (Phyllanthus emblica) कहते हैं। यह वृक्ष समस्त भारत में जंगलों तथा बाग-बगीचों में होता है। इसकी ऊँचाई 20 से 25 फुट तक, छाल राख के रंग की, पत्ते इमली के पत्तों जैसे, किंतु कुछ बड़े तथा फूल पीले रंग के छोटे-छोटे होते हैं। फूलों के स्थान पर गोल, चमकते हुए, पकने पर लाल रंग के, फल लगते हैं, जो आँवला नाम से ही जाने जाते हैं। वाराणसी का आँवला सब से अच्छा माना जाता है। यह वृक्ष कार्तिक में फलता है।आयुर्वेद के अनुसार हरीतकी (हड़) और आँवला दो सर्वोत्कृष्ट औषधियाँ हैं। इन दोनों में आँवले का महत्त्व अधिक है। चरक के मत से शारीरिक अवनति को रोकनेवाले अवस्थास्थापक द्रव्यों में आँवला सबसे प्रधान है। प्राचीन ग्रंथकारों ने इसको शिवा (कल्याणकारी), वयस्था (अवस्था को बनाए रखनेवाला) तथा धात्री (माता के समान रक्षा करनेवाला) कहा है।इसका प्रयोग किसी भी रूप में किया जाय इसके गुणों में कोई कमी नहीं आती है. प्राचीन काल से ही इसे सर्वगुण सम्पन्न फल माना जाता रहा है. विटामिन्स और भी कई रासायनिक गुणों से समृद्ध ये फल सर्दियों में खासकर उपलब्ध होता है.अचार, सब्जी, छुन्दा, मुरब्बा व सुपारी के रूप में विभिन्न प्रकार से इसका उपयोग हम किया करते हैं.हर साल की तरह इस साल भी हमने बना ली "आंवला कैंडी".बिल्कुल सादा और सरल तरीके से. एक किलो ताजा रसीला आंवला लेकर उन्हें एक दिन के लिए पानी में भिगोकर रखें और दूसरे दिन आंवला को अच्छी तरह से धोकर स्टीमर में 12-15 मिनट तक मध्यम आंच पर भाप से पका लें.बाद में स्टीमर से निकालकर उन्हें हल्का सा ठंडा होने दें और उनकी फांके निकालकर गुठलियों को अलग कर लें.आंवला की फांको को एक गहरे बर्तन में लेकर उन पर एक इंच ऊपर तक चीनी भर लें और ढक्कन लगाकर रख दें.एक दिन बाद आप देखेंगे कि चीनी पूरी तरह घुलकर रस बन गई है और आंवले ऊपर तैर रहे हैं, तो आप इस मिश्रण को एक साफ चम्मच से अच्छी तरह हिलाकर वापस ढककर 2-3 दिन के लिए रख दें, ध्यान रखें कि इसे दिन में एक दो बार चम्मच से चलाते रहें, ताकि फफूंद नही लगे.दो दिन के बाद आप देखेंगे कि आंवले रस से भरकर नीचे डूब गए हैं. इसे एक दिन के लिए और रखकर आंवलों को रस में से निकालकर एक बड़े थाल में फैलाकर धूप में रखें. दिनभर की तेज धूप से इसका रस सूख जाता है.बाद में इन सूखे हुए आंवलों को एक बर्तन में रखकर उन पर पिसी हुई चीनी, कालीमिर्च पाउडर और पिसा हुआ काला नमक डालकर अच्छी तरह से चलाएं ताकि सभी आंवलों पर कोटिंग हो जाये.बाद में इस चटपटी ज़ायकेदार स्वास्थ्यवर्धक आंवला कैंडी को एक साफ कांच के मर्तबान में भरकर रख दें और फिर इसे अपनी सुविधानुसार खाने का आनंद लें.।
#नेचुरल Priyanka Tiwari
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शोएब अख्तर ने कहा इतिहास मे जब भी बेस्ट टेस्ट कप्तान का नाम लिया जाएगा तब रोहित शर्मा का नाम जरूर लिया जाएगा और ये बताया...
04/10/2024

शोएब अख्तर ने कहा इतिहास मे जब भी बेस्ट टेस्ट कप्तान का नाम लिया जाएगा तब रोहित शर्मा का नाम जरूर लिया जाएगा और ये बताया जाएगा की क्रिकेट मे नामुमकिन कुछ भी नहीं होता 2 दिन मे टेस्ट की चार पारी खेलना आसान नहीं होता जहां गेंदबाजों के लिए कुछ भी न हो रोहित आधुनिक क्रिकेट के वन डे, टेस्ट के बेस्ट कप्तान है।
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'जब तक तोङेंगे नहीं तब तक छोङेंगे नहीं' लगता है टीम इंडिया के खिलाङियों ने यही ठानकर कानपुर टेस्ट मैच में चौथे दिन मैदान...
01/10/2024

'जब तक तोङेंगे नहीं तब तक छोङेंगे नहीं' लगता है टीम इंडिया के खिलाङियों ने यही ठानकर कानपुर टेस्ट मैच में चौथे दिन मैदान पर कदम रखा था और लगभग ढाई दिन में ही बांग्लादेश को 7 विकेट से हराकर दो टेस्ट मैचों की सिरीज को 2-0 से जीत लिया है। जब बारिश के कारण लगभग तीन दिन कानपुर टेस्ट के खराब हो गये थे तो किसी भी क्रिकेट को प्रशंसक को उम्मीद नहीं थी कि इस टेस्ट मैच का नतीजा निकलेगा लेकिन भारतीय कोच और कप्तान तथा खिलाङियों ने अलग ही ठान लिया और मैच के चौथे दिन ही भारत की पहली पारी में ताबङतोङ बल्लेबाजी करके निर्णय लायक स्थिति में पहुंचा दिया था।

भारतीय टीम ने बांग्लादेश के पहली पारी के 233 रन के जवाब में अपनी पहली पारी में महज 34.4 ओवर में ही 9 विकेट खोकर 285 रन ठोंक डाले थे और चौथे दिन आखिरी वक्त पर पहली पारी घोषित करके बांग्लादेश की दूसरी पारी के दो विकेट चौथे दिन के आखिरी वक्त ही गिरा दिया था। पांचवें दिन भारतीय गेंदबाजों ने बांग्लादेश को दूसरी पारी में महज 146 रनों पर आलआउट करके भारतीय टीम के लिए जीत के रास्ते खोल दिए थे। पहली पारी में भारतीय टीम ने बांग्लादेश पर 52 रन की बढत ली थी और इस तरह भारतीय टीम को जीत के लिए 95 रन बनाने थे जिसे बङी ही आसानी से भारतीय टीम ने हासिल कर लिया। पहली पारी में भारत की तरफ से ताबङतोङ 72 रनों की पारी खेलने वाले युवा ओपनर बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने दूसरी पारी में भी 45 गेंद पर 51 रन की तूफानी अर्द्धशतकीय पारी खेली।

यह वही बांग्लादेश की टीम है जो पाकिस्तान को उसके घर में ही दो ही टेस्ट मैचों की सिरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप करके भारतीय दौरे पर आई थी लेकिन भारतीय टीम ने बांग्लादेश को दोनों टेस्ट मैचों में हराकर बांग्लादेश को अपनी ताकत का एहसास करा दिया है। बांग्लादेश के खिलाफ कानपुर टेस्ट मैच अब सदियों तक भारतीय टीम के द्वारा पहली पारी में बल्लेबाजी के दौरान बनाए गये रिकार्डो के लिए याद रखा जाएगा। वेल डन टीम इंडिया!

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1100 रुपये किलो खाने वाला घी मिलता है और वहीं पुजा करने वाला घी 270 से 400 रुपये बिकता है... कभी सोचकर देखिये की क्या का...
24/09/2024

1100 रुपये किलो खाने वाला घी मिलता है और वहीं पुजा करने वाला घी 270 से 400 रुपये बिकता है... कभी सोचकर देखिये की क्या कारण है की पुजा करने वाला घी इतना सस्ता मिलता है... और उसपर सिधा लिखा होता है की खाने के लिये नहीं है या कोई भी खाद्य पदार्थ ना बनाये पैकेट पर पढ़ना... क्यो ऐसा लिखा होता है आखिर उसमें ऐसा क्या है की खा नहीं सकते और सिर्फ पुजा कर सकते हैं...🤔🤔

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