09/05/2024
सोयाबीन की उपज बढ़ाना हे तो जिप्सम डालो
जिप्सम एक महत्वपूर्ण उर्वरक, उपज बड़ाने में करेगा मदद
रासायनिक रूप से जिप्सम कैल्शियम सल्फेट है, जिसमें 42.3 प्रतिशत कैल्शियम और 32.5 प्रतिशत सल्फर होता है।
जब यह पानी में घुलता है। तो कैल्शियम और सल्फर आयन प्रदान करता है।
सबसे पहले यह जानें.. खेतों में जिप्सम क्यों डालें?
*कैल्शियम और सल्फर की आवश्यकता की पूर्ति करने के लिए।
*फसलों में जड़ों की सामान्य वृद्धि विकास के लिए
*जिप्सम का उपयोग फसल संरक्षण में भी किया जा सकता है। क्योंकि इसमें सल्फर उचित मात्रा में होता है।
*तिलहनी फसलों में जिप्सम डालने से सल्फर की पूर्ति होती है, जो बीज उत्पादन पौधे और तेल से आने वाली विशेष गन्ध के लिए मुख्यतयाः उत्तरदायी होता है।
*जिप्सम देने से मृदा में पोषक तत्वों सामान्यतः नत्रजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम और सल्फर की उपलब्धता में वृद्धि होती है।
*जिप्सम कैल्शियम का एक मुख्य स्त्रोत है
एजिप्सम मृदा में कठोर परत बनने को रोकता है। मृदा में जल प्रवेश को बढ़ाता है।
*कैल्शियम की कमी के कारण ऊपरी बढ़ती पत्तियों के अग्रभाग का सफेद होना, लिपटना और संकुचित होना होता है। अत्यधिक कमी की स्थिति में पौधों की वृद्धि रूक जाती है। वर्धन शिखा भी सूख जाती है जो कि जिप्सम डालने से पूरी की जा सकती है।
*जिप्सम अम्लीय मृदा में एल्युमिनियम के हानिकारक प्रभाव को कम करता है।
जिप्सम का उपयोग फसलों में अधिक उपज और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जाता है।
पाटीदार ऑर्गेनिक्स
गांव रणायरा तहसील पिपलोदा जिला रतलाम
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