guroodayal sah

guroodayal sah राजनीति, कॉमेडी, हास्य कविता, प्रेरणा, जीवन के बदलाव
lane ke liye hai

30/11/2025
30/11/2025

🤔
# @ये 20 वीडियो के छोटे-२अंश हैं,
ध्यान से देखें - सुनें और समझें कि आपके अस्तित्व पर संकट, दिन प्रतिदिन कितना बढ़ता जा रहा है !! # # @

*बांग्लादेश, बरेली, पहलगाम, दिल्ली के धमाके, मेडिकल डॉक्टर जिहाद, संसार के सब से विषैले विष से दस लाख हिन्दुओं को मारने की योजना; मदरसों में, अल फलाह यूनिवर्सिटी की असली तालीम, और संवेदनशील संस्थानों मे जिहादी दानवों की घुसपैठ का खुलासा !*

*पाकिस्तान हो, बाँग्लादेश या हिन्दुस्तान; हर स्थान पर मरने वाले हैं निरीह निहत्थे मानव और मारने वाला कोई न कोई जिहादी दानव!*

*बारूद के ढेर पर केवल दिल्ली नहीं, पूरा भारत ही है।*

*हर स्थान पर सेना और पुलिस साथ नहीं दे सकती। यदि चाहते हो कि आपका, आपके परिवार, समाज, धर्म का अस्तित्व बना रहे, तो आप सबको क्या करना है, समझ जाओ।*

_यह संग्राम आप पर थोपा गया है, तो चयन आपका, कुछ करोगे या यूं ही समाप्त हो जाओगे !_

इन बूढ़े हाथों को ज़रा ठहर कर देखिए…इन पर उभरी हर नस, हर झुर्री एक कहानी कहती है।ज़ूम करके देखिए…क्या याद आया?आपके पिता?...
26/11/2025

इन बूढ़े हाथों को ज़रा ठहर कर देखिए…
इन पर उभरी हर नस, हर झुर्री एक कहानी कहती है।
ज़ूम करके देखिए…
क्या याद आया?
आपके पिता?
आपके दादा?
या वो बुज़ुर्ग जिन्हें आपने बचपन में देवता जैसा सम्मान दिया था?

सोचिए…
उनकी उम्र जब 70–75 हुई होगी,
तब वो क्या करते थे?
शायद घर के आंगन में बैठे रामायण सुनते थे,
या बच्चों के सिर पर हाथ फेरकर आशीर्वाद देते थे।

क्योंकि सामान्य इंसान 60 के बाद विश्राम चाहता है,
शांति चाहता है…
पर यह आदमी?
यह तो रात-दिन एक कर चुका है,
अपने लिए नहीं…
उस भारत के लिए, जिसे हज़ारों सालों तक लूटा गया, अपमानित किया गया, बांटा गया।

कभी थोड़ा रुककर सोचिए—
हम में से कितने लोग 70 के बाद देश के लिए एक घंटा भी दे पाएंगे?
कितने लोग बिना किसी लालच, बिना किसी पुरस्कार की चाहत के,
बस देश को फिर से महान बनाने की जिद पर टिके रहेंगे?

इन झुर्रियों में सिर्फ उम्र नहीं,
एक तपस्वी का त्याग छुपा है।
इन उंगलियों में सिर्फ त्वचा नहीं,
असंख्य निर्णयों का भार है
जो एक-एक कर हिंदुस्तान की किस्मत बदल रहे हैं।

देखिए…
यह केवल हाथ नहीं हैं,
यह भारत की थकी हुई आत्मा को फिर से जगाने वाले हाथ हैं।
यह भारत के भविष्य को नई दिशा देने वाले हाथ हैं।

राजनीति को एक पल भूल जाइए।
नाम और दल को अलग रखिए।
सिर्फ इंसानियत के चश्मे से देखिए—

यह व्यक्ति आज भी 24×7 देश के लिए जी रहा है,
वो भी बिना किसी शिकायत, बिना किसी छुट्टी,
और बिना किसी इनाम की इच्छा के।

मुझे नहीं पता इतिहास उन्हें कैसे याद रखेगा…
पर यकीन मानिए—
अगर तपस्या का कोई दूसरा नाम होगा,
तो वह इन हाथों की सिलवटों में मिलेगा।

और मैं गर्व से कहता हूँ—
मेरे देश का भाग्य विधाता अभी भी थका नहीं है। 🇮🇳
वो अब भी चल रहा है,
अब भी लड़ रहा है,
अब भी भारत को फिर से विश्वगुरु बनाने का सपना जी रहा है।

🙏 हमारे मोदी जी ❣️
एक जीवित तपस्वी,
एक अटूट संकल्प का नाम।

*मेरा भी कुछ पैगाम है”*1 कुत्ता 4 कुतिया और 40 पिल्लों को जोड़ दे तो एक ही नस्ल के कुल कितने जानवर होंगे...खैर....इन बात...
23/11/2025

*मेरा भी कुछ पैगाम है”*

1 कुत्ता 4 कुतिया और 40 पिल्लों को जोड़ दे तो एक ही नस्ल के कुल कितने जानवर होंगे...

खैर....

इन बातों को छोड़िए, आइए मुद्दे पर बात करते हैं।

भारत में लगभग 30 करोड़ मुस्लिम है..

(इसमे 6 करोड़ रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को मैने नहीं जोड़ा है)

बाकी लेख . पढ़िए..

सिर्फ 30 करोड़ मुसलमानों की बात करते हैं..

जिनमें महिलाओं को नमाज पढ़ने का अधिकार नहीं है। तो इस हिसाब से नमाज पढ़ने वाले कुल 15 करोड़ लोग हुए.....

इनमें भी लगभग 3 करोड़ ऐसे हैं जो नमाज नहीं पढ़ते जैसे वृद्ध जो झुक नहीं सकते, नवजात बच्चे। बाकी बचे 12 करोड़....

भारत में लगभग 6 लाख मस्जिदें हैं। इस हिसाब से प्रति 20 व्यक्ति पर 1 मस्जिद है। अगर तुम्हारी मस्जिद इतनी छोटी है कि उनमें 20 लोग नहीं आ सकते तो लाउडस्पीकर लगाकर आखिर बुलाते किसे हो......?

अगर जुमा और ईद की नमाज घर पर नहीं पढ़ सकते तो क्या सड़क पर पढ़ सकते हैं....? वक्फ के पास इतनी जमीन है, जाओ पढ़ो उसपर नमाज....

ज्यादा तो पता नहीं लेकिन वक्फ़ के पास लगभग 8 लाख एकड़ जमीन है.... (ऐसा दावा किया जाता है)

अब नमाज़ पढ़ने वाले अगर 30 करोड़ भी हैं तो प्रति एकड़ 375 मुस्लिम होते हैं। एक एकड़ में होते हैं 43,560 sq फ़ीट । शहर में आमतौर पर एक 2bhk 900 sq फ़ीट का होता है जिसका मतलब है कि 375 लोगों के पास लगभग 48, 2BHK है नमाज़ पढ़ने के लिए......

इसमें से कुछ ज़मीन अगर निकाल भी दें तो भी 375 लोगों पर 40, 2BHK बैठते हैं.....

इसका मतलब ये है कि 20 में मर्द और 20 में औरत नमाज़ पढ़ सकती हैं। मतलब ये कि एक 900 sq feet जगह में मात्र 9 लोग ही बैठते है।

यानी कि ढंग से वक्फ़ की ज़मीन का इस्तेमाल हो तो कोई भीड़ नहीं है और 900 sq feet में मात्र 9 लोग ही आएंगे।

इसके अलावा औरतों के लिए भी अलग से इंतज़ाम किया जा सकता है बहुत ही आराम से...

पर,

क्योंकि इनका मानना ही यही कि जहां एक बार नमाज पढ़ी तो कयामत तक वो मस्जिद रहेगी, इसीलिए ये सड़क पर ही......

और पूरी सड़क अल्लाह की.....

अर्थात अपरोक्ष शक्तिप्रदर्शन....

सभी मोमिन भाइयों को ईद की राम राम...

बदलाव संसार का नियम है..

आइए कट्टरता छोड़कर फ्रैंडली ईद मनाते हैं।

ईद की नमाज अपने घरों में..

या मस्जिद में...

आओ वादा करते हैं कि सड़कों पर नमाज पढ़कर लोगों के लिए परेशानी की सबब नहीं बनेंगे। *(PC- CA Rajiv Chandak 9881098027)*

23/11/2025

कर्नाटक से पकड़ी गई अलकायदा की मास्टरमाइंड भारत में पूरा नेटवर्क चलाती थी ,, 👆 #@

16/11/2025

#@घूसखोर

कागज का टुकड़ा, नोटों की गड्डी,
बेचताहै इंसानियत, लेता है घूस अड़ी।
ऊपर सेईमानदार का ढोंग रचता,
अंदर सेसियार, मौका मिलते ही कचता।

फाइलों के जंगल में अपना जाल बिछाता,
लालफीताशाहीका जहर सबको पिलाता।
गरीब कीराहों में रोड़े अटकाता,
अमीर कासाथ दे, खजाना भरता जाता।

कानून की आड़ में करता है अन्याय,
सच्चाई कीआवाज को दबाता है सदाय।
पद और पावर काअभिमानी सिकंदर,
देश कोखोखला करने वाला यह अंधर।

लेकिन एक दिन आएगा इन्साफ का सूरज,
ढह जाएंगेझूठे महल, टूटेगा यह पूरज।
इतिहास केपन्नों में लिखा रहेगा सच,
घूसखोर काअंत, होगा बहुत ही बुरा अंजाम। #@

इनके साथ Dr. Kumar Vishwas – मुझे अभी-अभी इनके उभरते हुए फ़ैन्स में शामिल किया गया है! 🎉
16/11/2025

इनके साथ Dr. Kumar Vishwas – मुझे अभी-अभी इनके उभरते हुए फ़ैन्स में शामिल किया गया है! 🎉

Wak board bill ko bhagane wala
16/11/2025

Wak board bill ko bhagane wala

Bihar ke Rajniti  #@
16/11/2025

Bihar ke Rajniti #@

13/11/2025

---
#@ dekhiae yah momin mein Kitna jahar bhara hai Hinduo ke prati #@

टूटी हुई दीवारें

दिलों में जब जहर भरा,
तोइंसानियत मर गई।
नफरत कीआग में जलकर,
सब कुछ तोहर गई।

हर एक चेहरा इंसान का,
हर एक जान प्यारीहै।
किसीके दर्द में दुखी होना,
यहीतो तमीज है, सार है।

जो बोया है वही काटोगे,
यह दुनियाका नियम है।
प्यार बोओ,शांति बोओ,
यहीजीवन का विज्ञान है।

दीवारें तोड़ो, हाथ मिलाओ,
यहीवक्त की पुकार है।
"जियोऔर जीने दो"
यहीसच्चा संसार है। #@

13/11/2025

#@यह कॉरपोरेट का चक्रव्यूह है,
जहाँहर सुबह एक नई लड़ाई है।
लैपटॉप खोलो,लॉग इन करो,
इनबॉक्स कीभीड़ से दो-चार हो।

कभी मीटिंगों के झंझट में,
कभीडेडलाइन की मार में।
बॉस कीडाँट, क्लाइंट की शिकायत,
यहीतो है मॉडर्न जिंदगी की रायत।

दोपहर का लंच डेस्क पर ही,
आँखोंमें नींद, दिमाग में घंटी।
"वर्क-लाइफ बैलेंस"सब झूठ है,
यहाँतो बस "टारगेट" ही सच है।

शाम ढले, छुट्टी की घंटी बजे,
पर दिल बोझिल,मन अशांत है।
क्योंकिकल फिर वही दिनचर्या,
वहीदौड़, वही भागमभाग है। #@

Address

Kapasia Kochas Rohats
Sasaram
2244

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm
Sunday 9am - 5pm

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when guroodayal sah posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share