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Story kahani मैं आप को जोभी परेशानी घर मै होगी उससे छुटकारा दिलाऊंगा और

14/12/2023

सूर्य ग्रहण में हुऐ बच्चे को खतरा है.
ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए.surya grahan pregnancy tamil.आपका स्वागत है हमारे वीडियो में अगर कोई बच्चा सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण के दिन हुआ है तो उसको क्या खतरा है सूर्य ग्रहण पर हुआ है जन्म तो जरूर करें लाल किताब के ये अचूक उपाय कुछ तिथि, योग, नक्षत्र और विशेष ग्रहों की स्थिति में जन्म लेने को अशुभ माना जाता है। उन्हीं तिथि में एक है अमावस्या तिथि में जन्म लेना। जिस तरह पितृदोष होता है उसी तरह इसे अमावस्या दोष माना जाता है कुछ तिथि, योग, नक्षत्र और विशेष ग्रहों की स्थिति में जन्म लेने को अशुभ माना जाता है। उन्हीं तिथि में एक है अमावस्या तिथि में जन्म लेना। जिस तरह पितृदोष होता है उसी तरह इसे अमावस्या दोष माना जाता है। इसी के साथ यदि कुंडली में सूर्य और चंद्र की युति है तब भी यह अमावस्या दोष बनता है। इस दोष का समाधान कर लेने से जातक का जीवन संघर्ष में नहीं रहता है।अमावस्या तिथि में जब अनुराधा नक्षत्र का तृतीय व चतुर्थ चरण होता है तो सर्पशीर्ष कहलाता है। सर्पशीर्ष में शिशु का जन्म दोषपूर्ण माना जाता है। हालांकि उस समय शुभ नक्षत्र हो तो दोष कुछ हद तक दूर हो जाते हैं सूर्य और चंद्र की युति का प्रभाव वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में जब सूर्य और चंद्र एक ही भाव में हो तब भी इस दोष का निर्माण होता है। परंतु यह दोष अलग-अलग भाव अनुसार अलग-अलग फल देता है। उदाहरणार्थ प्रथम भाव में सूर्य चंद्र की युति है तो ऐसे जातक को अपने माता-पिता से कभी सुख नहीं मिलता और वाद-विवाद होता रहता है। दशम भाव में यह युति है तो जातक शारीरिक रूप से मजबूत तो होता है परंतु उसे अपने जीवन में अपमान झेलते रहना पड़ता है। भविष्य में स्त्री, पुत्र, कुल, धन आदि को लेकर हानि उठानी पड़ सकती है अमावस्या दोष का प्रभाव अमावस्या की तिथि को जन्म लेने वाले जातक का जीवन बहुत ही संघर्ष में गुजरता है वह जैसे जैसे बड़ा होता जाता है घर-परिवार में आर्थिक संकट भी गहराता जाता है अमावस्या में जन्मा बच्चा व्याकुल, अस्थिर, आत्मबल से कमजोर, आलसी आदि होता है। जातक का अपनी माता से मधुर संबंध नहीं रह पाता है जीवन में घटना और दुर्घटना का योग बना रहता है शारीरिक और मानसिक रोग होने की संभावना रहती है करियर के क्षेत्र में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है लाल किताब के अचूक उपाय श्राद्ध कर्म करते रहने से भी यह दोष दूर हो जाता है चंद्र के उपाय करना चाहिए। जैसे सोमवार करना और मंदिर में चंद्र से संबंधित वस्तुओं का दान करनाहमेशा सफेद रंग का रूमाल अपने पास रखें।अधिकतर मौकों पर सफेद वस्त्र पहनना चाहिए काले, नीले, मेहरून और कत्थई रंग से बचना चाहिए मोती पहनना चाहिए पक्षियों को चावल या सफेद ज्वार डालना चाहिए थोड़े से सौंफ लेकर भूमि में दबाना चाहिए घर में चांदी की थाली रखें। चांदी के गिलास से पानी पिएं रात में दूध का सेवन न करें प्रतिदिन माता के पैर छूना चाहिए पानी या दूध को साफ पात्र में सिरहाने रखकर सोएं और सुबह कीकर के वृक्ष की जड़ में डाल दें चावल, सफेद वस्त्र, शंख, वंशपात्र, सफेद चंदन, श्वेत पुष्प, चीनी, बैल, दही और मोती आदि का दान करना चाहिए अगर आप को हमारी विडियो पसंद आई हो तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और आप को यह नहीं पता है कि सोमवार, मगंलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को क्या करें तो आप हमारा चैनल आजाद स्टोरी पर जाकर के देख सकते हैं वीडियो को अंत तक देखने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद जय हिंद

12/12/2023

मंदिर में घंटी क्यों बजाते हैं.mandir mein ghanti bajane se kya.मंदिर में घंटी बजाने से क्या होता है आप का स्वागत है हमारे विडिओ में क्या आप को यह पता है कि जब आप मन्दिर में जाते हैं तो घंटी क्यों बजाते हैं अगर नहीं पता हैं तो हम आप को बताएंगे की आखिर घंटी क्यों बजाते हैं तो विडिओ को सुरु करते है मंदिर की घंटी से क्या है भगवान विष्णु का कनेक्शन, क्या इससे बदलती है आपकी किस्मत मान्यता है कि घंटी बजाने से निगेटिव एनर्जी दूर होती हैं. अक्सर आपने देखा होगा पूजा की घंटी पर देवता का चित्र बना हुआ होता है. क्या आपने सोचा है आखिर घंटी पर कौन से देवता का चित्र होता है और क्या है घंटी का महत्व? चलिए जानते हैं मंदिर में रखी घंटी से जुड़ी कुछ जरुरी बातें हिंदू धर्म में पूजा करने के लिए लोग मंदिर जाते हैं, मंदिरों के मुख्य दरवाजों पर घंटियां बंधी हुई होती हैं, जिन्हें लोग मंदिर के अंदर प्रवेश करने से पहले जरूर बजाते हैं, जिसके बाद ही भगवान की पूजा और दर्शन करते हैं. मंदिरों के बाहर और अंदर घंटी बांधने की परंपरा सदियों से चली आ रही है.हिंदू धर्म के अनुसार, पूजा पाठ से पहले घंटी बजाने से सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है और आस पास का वातावरण शुद्ध होता है. धार्मिक मान्यता है कि घर या मंदिर में पूजा करते समय घंटी बजाने से वातावरण में मौजूद सूक्ष्म जीव और कीटाणु नष्ट हो जाते हैं और निगेटिव एनर्जी भी दूर होती है मंदिर में क्यों होती है घंटी मंदिरों में अलग-अलग तरह की घंटियों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इन सभी घंटियों में से गरुड़ घंटी को सबसे अधिक शुभ माना जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार, सृष्टि की रचना में ध्वनि और नाद का अत्यधिक योगदान है. माना जाता है कि सृष्टि की रचना के समय जो नाद निकला था, वही नाद गरुड़ घंटी को बजाने से निकलता है. मान्यता है कि गरुड़ घंटी की ध्वनि से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और साथ ही वातावरण भी पवित्र होता है, मंदिर और घर के पूजा स्थल में गरुड़ घंटी को रखना शुभ जाता है हिंदू धर्म के सिद्धांत के अनुसार माना जाता है कि ध्वनि से प्रकाश की उत्पत्ति होती है और बिंदु रूप प्रकाश से ही ध्वनि की उत्पत्ति होती है. इसलिए घंटी के रूप में ध्वनि को मंदिर और पूजा घर में रखने की मान्यता है. पूजा से पहले और पूजा के दौरान घंटी बजाने से नकारात्मक ऊर्जा और कई प्रकार के वास्तु दोष दूर होते हैं, साथ ही साथ घर में सुख-समृद्धि भी बढ़ती है गरुड़ घंटी का भगवान विष्णु जी से संबंध धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, गरुड़ भगवान को हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण पक्षी माना जाता है और साथ ही इनका भगवान के रूप में पूजन भी किया जाता है. गरुड़ भगवान को भगवान विष्णु का वाहन माना जाता है. भगवान विष्णु की पूजा में गरुड़ घंटी बजाने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और भक्तों की प्रार्थना सीधे भगवान तक पहुंचती है. यदि कोई व्यक्ति गरुड़ घंटी के साथ भगवान विष्णु जी का पूजा और आरती करता है तो उसे चंद्रायण व्रत करने का पुण्य मिलता है और उसके अगले पिछले कई जन्मों के पाप दूर हो जाते है. पूजा की घंटी में गरुड़ भगवान का चित्र होने के पीछे यह कारण है कि गरुड़ घंटी भगवान विष्णु के वाहन के रूप में उनके भक्तों का संदेश विष्णु जी तक शीघ्र ही पहुंच जाता है गरुड़ घंटी का महत्व मान्यता के अनुसार, गरुड़ घंटी के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है. आरती के बाद लोग घंटी बजाने से सभी इच्छाएं भगवान तक पहुंचती हैं. पूजा में गरुड़ घंटी का इस्तेमाल करने से विशेष मिलता है. गरुड़ घंटी आकार में छोटी होती है, जिसको एक हाथ से बजाया जा सकता है. मान्यता है की पूजा में गरुड़ घंटी के इस्तेमाल से मोक्ष की प्राप्ति होती है और घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है मान्यता है सुबह नहाने के बाद घर में प्रतिदिन गरुड़ घंटी बजाने से धन की देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और उस घर में सदैव अपनी कृपा बनाए रखतीं हैं. गरुड़ घंटी के इस्तेमाल से घर में कंगाली नहीं आती है और आय के स्रोत बढ़ने लगते हैं. प्रतिदिन गरुड़ घंटी बजाने से पारिवारिक संबंध मधुर होता हैं और परिजनों में आपसी तालमेल बना रहता है. माना जाता है कि गरूड़ घंटी बजाने से तन मन को शांति मिलती है और मानसिक तनाव भी कम हो जाता है अगर आप को हमारी विडियो पसंद आई हो तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और आप को यह नहीं पता है कि सोमवार, मगंलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को क्या करें तो आप हमारा चैनल आजाद स्टोरी पर जाकर के देख सकते हैं वीडियो को अंत तक देखने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद जय हिंद

12/12/2023

28 दिसंबर साल का अंतिम सूर्य ग्रहण..chandra grahan kb h 2023..सूर्य ग्रहण कितने बजे से कितने बजे आपका स्वागत है हमारे वीडियो में 28 दिसंबर के दिन लगेगा सूर्य ग्रहण जाने कितने बजे से कितने बजे तक रहेगा इस वीडियो के अंत तक बन रहे और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें तो वीडियो को शुरू करते हैं इस समय लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, यहां जानिए किस समय से होगा शुरू साल 2023 का पहला सूर्य ग्रहण 20 अप्रैल 2023 को लगा था. अब साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण दिसंबर महीने में यानी आज लगने वाला है ऐसा संयोग कई वर्षों में एक बार होता है जब सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण एक ही महीने में लगना हो. दिसंबर 2023 में ऐसे ही अद्भुत संयोग है. इस महीने में साल का अंतिम सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लगने जा रहा हैं. ऐसे में एक का सूतक मान्य होगा और एक का नहीं. मतलब एक ग्रहण भारत में नजर आएगा और एक भारत के बाहर दिखेगा. सूर्य ग्रहण के दिन अमावस्या भी पड़ने वाला है. विज्ञान किसी भी ग्रहण को एक खगोलीय घटना मानता है, लेकिन हिन्दु ज्योतिष शास्त्र में इसे एक अशुभ घटना माना जाता है. धार्मिक मान्यताएं ये मानती हैं कि ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती हैं. दोनों ग्रहणों की सही तिथियां ये हैं. चलिए बताते हैं आपको सूर्य ग्रहण से जुड़ी खास बातें सूर्य ग्रहण 2023 पितृपक्ष के अंतिम दिन साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है. इस दिन अमावस्या की तिथि भी है. 2023 का अंतिम सूर्य ग्रहण 28 दिसंबर 2023 को लगेगा. ये ग्रहण मुख्य रूप से अमेरिका में नजर आएगा. भारतीय समयानुसार, सूर्यग्रहण 28 दिसंबर 2023 को रात 8:34 बजे शुरू होकर मध्यरात्रि 2:25 बजे खत्म होगा. क्योंकि ये भारत में नजर नहीं आएगा इसलिए इसका सूतक काल यहां मान्य नहीं होगी 28 दिसंबर को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण कन्या राशि और चित्रा नक्षत्र में लगेगा. यह वलयाकार होगा और इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा. इस दौरान कुछ भी नया या खास काम करने की मनाही होती हैं. इसे मुख्य रूप से पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक और आर्कटिक जैसे देशों में देखा जा सकेगा. 2023 में इससे पहले के दो सूर्य ग्रहण भी भारत में नजर नहीं आएं थे 2023 का अंतिम चंद्र ग्रहण 2023 का अंतिम चंद्र ग्रहण सूर्य ग्रहण से ठीक 15 दिन बाद लगेगा. चंद्र ग्रहण 12 जनवरी साल 2024 में रात को 1:06 बजे शुरू होगा और सुबह 2:22 बजे खत्म हो जाएगा. भारत में ग्रहण की अवधि 1 घंटा 16 मिनट की होगी. यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा और इसका सूतक काल मान्य होगा. ग्रहण से पहले लगने वाले सूतक काल में पूजा-पाठ करने की मानाही होती है. इस दौरान देवी-देवताओं की मूर्ति को छूना भी मना होता हैं. ऐसे में घर पर रहने का प्रयास करें और भगवान की आराधना करें. ग्रहण काल के समय में किसी भी शुभ कार्य से परहेज करें साल 2023 का पहला चंद्र ग्रहण वैशाख पूर्णिमा के दिन 5 मई 2023 को लगा था. यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया था. भारत के अलावा यह चंद्र ग्रहण नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, फिलीपींस, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी देखा जाएगा अगर आप को हमारी विडियो पसंद आई हो तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और आप को यह नहीं पता है कि सोमवार, मगंलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को क्या करें तो आप हमारा चैनल आजाद स्टोरी पर जाकर के देख सकते हैं वीडियो को अंत तक देखने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद जय हिंद

11/12/2023

जनवरी को सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण.सूर्य और चंद्र ग्रहण कब है.aaj grahan hai kya.aaj ki taaja khabar. आप का स्वागत है हमारे वीडियो में आप इस वीडियो को पुरा ज़रूर देखें क्यों की 26 जनवरी को सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनो लगने वाला है तो वीडियो को शुरू करते हैं सूतक लागू होगा या नहीं सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दोनों इसी महीने में नोट कर लीजिए तारीख, सूतक काल और अन्‍य डीटेल्‍स 2024 जनवरी साल का पहला और आखिरी सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण दिसंबर के महीने में लगने जा रहे हैं. जानिए ग्रहण का समय, सूतक काल, सूतक के नियम और और अन्‍य डीटेल्‍स 2024 जनवरी का महीना इस बार बहुत खास होने वाला है. इस महीने में सूर्य ग्रहण 2024और चंद्र ग्रहण 2024दोनों लगने जा रहे हैं. एक सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण पहले ही 03 जनवरी के दिन लग चुके हैं. ये साल का पहला और आखिरी सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण होगा. किसी भी ग्रहण को ही वैज्ञानिक रूप से खगोलीय घटना माना जाता है. हालांकि भारत में इसे धार्मिक घटना माना जाता है और ग्रहण से पहले सूतक के नियम लागू हो जाते हैं, जिसमें तमाम चीजों पर पाबंदी होती है. आइए आपको बताते हैं इस महीने में लगने वाले सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण से जुड़ी अन्‍य डीटेल्‍स साल का पहला सूर्य ग्रहण 26 जनवरी शुक्रवार को लगेगा. सूर्य ग्रहण तब लगता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है. ये ग्रहण वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा. इस ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को इस प्रकार से ढंकता है, कि सूर्य का केवल मध्य भाग ही छाया क्षेत्र में आता है. ऐसे में सूर्य एक कंगन की तरह दिखाई देता है. इसे रिंग ऑफ फायर कहा जाता है सूर्य ग्रहण का समय और कहां दिखेगा दिसंबर में दिखने वाला ये सूर्य ग्रहण भारतीय समय के अनुसार ग्रहण रात 09 बजकर 29 मिनट से शुरू होगा और मध्यरात्रि 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगा. इसे उत्तरी अमेरिका, कनाडा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड, ग्वाटेमाला, मैक्सिको, अर्जेटीना, कोलंबिया, क्यूबा, बारबाडोस, पेरु, उरुग्वे, एंटीगुआ, वेनेजुएला, जमैका, हैती, पराग्वे, ब्राजील, डोमिनिका, बहामास, आदि जगहों पर देखा जा सकेगा. भारत में ये नहीं दिखेगा सूतक लागू होगा या नहीं ज्‍योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र का कहना है चूंकि भारत में ये सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक के नियम भी यहां लागू नहीं होंगे. सूतक के नियम वहीं मान्‍य होते हैं, जहां ग्रहण दिखाई पड़ता है. सूतक काल ग्रहण के पहले का वो अशुभ समय है जिसमें पृथ्वी का वातावरण हानिकारक किरणों के कारण प्रदूषित हो जाता है चंद्र ग्रहण और सूतक का समय 26 जनवरी ज्‍योतिषाचार्य का कहना है कि साल के पहला और आखिरी चंद्र ग्रहण की बात करें तो ये 09 और 12 जनवरी की मध्‍यरात्रि में लगने जा रहा है. ये ग्रहण 09 जनवरी को रात को 11:06 बजे से लगेगा और रात 02:27 पर समाप्‍त होगा. इस ग्रहण को भारत में भी देखा जा सकेगा. चूंकि ये चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखेगा इसलिए सूतक के नियम भी यहां लागू होंगे. सूतक काल 10 जनवरी की शाम 6 बजकर 8 मिनट पर शुरू हो जाएंगे. इसी के साथ सूतक के नियम भी लागू हो जाएंगे और मंदिर वगैरह के कपाट बंद कर दिए जाएंगे अगर आप को हमारी विडियो पसंद आई हो तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और आप को यह नहीं पता है कि सोमवार, मगंलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को क्या करें तो आप हमारा चैनल आजाद स्टोरी पर जाकर के देख सकते हैं वीडियो को अंत तक देखने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद जय हिंद

11/12/2023

18 जनवरी साल का अंतिम सूर्य। ग्रहण..chandra grahan kb h 2023..सूर्य ग्रहण कितने बजे से कितने बजे आपका स्वागत है हमारे वीडियो में 18 जनवरी के दिन लगेगा सूर्य ग्रहण जाने कितने बजे से कितने बजे तक रहेगा इस वीडियो के अंत तक बन रहे और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें तो वीडियो को शुरू करते हैं इस समय लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण, यहां जानिए किस समय से होगा शुरू साल का पहला सूर्य ग्रहण 10 जनवरी 2024 को लगा था. अब साल का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण जनवरी महीने में यानी आज लगने वाला है ऐसा संयोग कई वर्षों में एक बार होता है जब सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण एक ही महीने में लगना हो. जनवरी 2024 में ऐसे ही अद्भुत संयोग है. इस महीने में साल का अंतिम सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण लगने जा रहा हैं. ऐसे में एक का सूतक मान्य होगा और एक का नहीं. मतलब एक ग्रहण भारत में नजर आएगा और एक भारत के बाहर दिखेगा. सूर्य ग्रहण के दिन अमावस्या भी पड़ने वाला है. विज्ञान किसी भी ग्रहण को एक खगोलीय घटना मानता है, लेकिन हिन्दु ज्योतिष शास्त्र में इसे एक अशुभ घटना माना जाता है. धार्मिक मान्यताएं ये मानती हैं कि ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती हैं. दोनों ग्रहणों की सही तिथियां ये हैं. चलिए बताते हैं आपको सूर्य ग्रहण से जुड़ी खास बातें सूर्य ग्रहण 2024 पितृपक्ष के अंतिम दिन साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने वाला है. इस दिन अमावस्या की तिथि भी है. 2024 का अंतिम सूर्य ग्रहण 18 जनवरी 2024 को लगेगा. ये ग्रहण मुख्य रूप से अमेरिका में नजर आएगा. भारतीय समयानुसार, सूर्यग्रहण 18 जनवरी 2024 को रात 8:35 बजे शुरू होकर मध्यरात्रि 2:29 बजे खत्म होगा. क्योंकि ये भारत में नजर नहीं आएगा इसलिए इसका सूतक काल यहां मान्य नहीं होगी 18 जनवरी को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण कन्या राशि और चित्रा नक्षत्र में लगेगा. यह वलयाकार होगा और इसे भारत में नहीं देखा जा सकेगा. इस दौरान कुछ भी नया या खास काम करने की मनाही होती हैं. इसे मुख्य रूप से पश्चिमी अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक और आर्कटिक जैसे देशों में देखा जा सकेगा. 2024 में इससे पहले के दो सूर्य ग्रहण भी भारत में नजर नहीं आएं थे 2024 का अंतिम चंद्र ग्रहण 2024 का अंतिम चंद्र ग्रहण सूर्य ग्रहण से ठीक 7 दिन बाद लगेगा. चंद्र ग्रहण 26 जनवरीको लगेगा रात 1:02 बजे शुरू होगा और सुबह 2:22 बजे खत्म हो जाएगा. भारत में ग्रहण की अवधि 1 घंटा 16 मिनट की होगी. यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा और इसका सूतक काल मान्य होगा. ग्रहण से पहले लगने वाले सूतक काल में पूजा-पाठ करने की मानाही होती है. इस दौरान देवी-देवताओं की मूर्ति को छूना भी मना होता हैं. ऐसे में घर पर रहने का प्रयास करें और भगवान की आराधना करें. ग्रहण काल के समय में किसी भी शुभ कार्य से परहेज करें साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण वैशाख पूर्णिमा के दिन 5 जनवरी 2024 को लगा था. यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिया था. भारत के अलावा यह चंद्र ग्रहण नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, फिलीपींस, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान और इंडोनेशिया जैसे देशों में भी देखा जाएगा अगर आप को हमारी विडियो पसंद आई हो तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और आप को यह नहीं पता है कि सोमवार, मगंलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को क्या करें तो आप हमारा चैनल आजाद स्टोरी पर जाकर के देख सकते हैं वीडियो को अंत तक देखने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद जय हिंद

10/12/2023

14 जनवरी को सूर्य और चंद्र ग्रहण कब है. हैं खतरा 2023 calendar.solar eclipse animation..आप का स्वागत है हमारे वीडियो में इस बार का सूर्य ग्रहण बहुत खास होने वाला है तो इस लिए विडीयो को अंत तक देखने और चैनल को सब्सक्राइब करें तो वीडियो को शुरू करते हैं
इस बार कई संयोग लेकर आ रहा सूर्य ग्रहण, जाने-कब, कहां, कैसा दिखेगा ज्योतिषशास्त्र के अनुसार 14 जनवरी को लगने वाला सूर्य ग्रहण को काफी महत्वपूर्ण घटना है। इस बार सूर्य ग्रहण एक साथ कई तरह के संयोग लेकर आ रहा है इस बार कई संयोग लेकर आ रहा सूर्य ग्रहण, जाने- कब, कहां, कैसा दिखेगा इस सप्ताह के आखिरी दिन 14 जनवरी दिन सोमवार को सूर्य ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण बहुत दुर्लभ माना जा रहा है। इसका विशेष महत्व है। यह इस महीने का दूसरा ग्रहण होगा। इससे पहले 09 जनवरी को उपच्छाया चंद्र ग्रहण लगा था। जहां खगोलीय घटना के रूप में ग्रहण का विशेष महत्व है वहीं ज्योतिषशास्त्र के अनुसार 14 जनवरी को लगने वाला सूर्य ग्रहण को काफी महत्वपूर्ण घटना है। दुनिया में चल रही कोरोना महामारी, प्राकृतिक आपदाओं और कई देशों के बीच तनाव की स्थिति में यह सूर्य ग्रहण लग रहा है। सूर्य ग्रहण एक साथ कई तरह के संयोग लेकर आ रहा है सूर्य ग्रहण कब और कहां दिखेगा गुरुवार को सूर्य ग्रहण सुबह करीब 10.34 बजे शुरू होगा और दोपहर 1.44 बजे खत्म होगा। इसका सूतक 11 घंटे पहले यानी 14 जनवरी को रात 10.21पर शुरू हो जाएगा। जो कि ग्रहण के साथ ही खत्म होगा। ये ग्रहण भारत, नेपाल, पाकिस्तान, सऊदी अरब, यूएई, इथियोपिया और कांगो में दिखाई देगा 14 जनवरी इसलिए भी है खास 14 जनवरी को सूर्य ग्रहण के दिन सूर्य कर्क रेखा के एकदम ठीक ऊपर आएगा 14 जनवरी का दिन साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। ऐसा संयोग दूसरी बार बना है जब साल के सबसे बड़े दिन पर सूर्य ग्रहण लग रहा है। इससे पहले 21 साल पहले 2003 में 14 जनवरी को सूर्य ग्रहण लगा था 14 जनवरी को सूर्य ग्रहण के दिन रविवार का पड़ रहा है और शास्त्रों में रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित होता है सूर्य ग्रहण के दिन सभी 7 ग्रहों में से 4 ग्रह वक्री चाल में रहेंगे। वक्री चाल को उल्टी चाल कहा जाता है इसमें ग्रह उल्टी दिशा में चलते हैं क्या करें और क्या नहीं ग्रहण के समय घर से बाहर नहीं निकलें। ग्रहण से पहले स्नान करें। तीर्थों पर न जा सकें तो घर में ही पानी में गंगाजल मिलाकर नहाएं। ग्रहण के दौरान भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें। श्रद्धा के अनुसार दान करना चाहिए। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य ग्रहण के दौरान सोना, यात्रा करना, पत्ते का छेदना, तिनका तोड़ना, लकड़ी काटना, फूल तोड़ना, बाल और नाखून काटना, कपड़े धोना और सिलना, दांत साफ करना, भोजन करना, शारीरिक संबंध बनाना, घुड़सवारी, हाथी की सवारी करना और गाय-भैंस का दूध निकालना। इन सब बातों की मनाही है अगर आप को हमारी विडियो पसंद आई हो तो हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और आप को यह नहीं पता है कि सोमवार, मगंलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को क्या करें तो आप हमारा चैनल आजाद स्टोरी पर जाकर के देख सकते हैं वीडियो को अंत तक देखने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद जय हिंद

10/12/2023
09/12/2023
09/12/2023
08/12/2023

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