muvie rill video

muvie rill video भेज के धरा पे उसको रब को भी मलाला हो गया
हुस्न की परी दिखी मेरे ही गांव में कमाल हो गया

11/04/2023
08/04/2023
30/03/2023

न मालूम हमसे ये वक्त कैसे जिया गया
पटकते पटकते यह जिगर पत्थर हो गया
न मालूम दौरे तबाही, मैं कब का मर गया
मेहनत से खिले इन बागवानों से जानो,
कैसा दर्द होता है एक काँटा भी झड़ गया
उन रोशनियों से उम्मीद भी क्या करें
जिनके बिखरने से ज़्यादा अंधेरा छा गया
वो शख़्स दुनियां में जल्दी लौट आऐगा
जो मेरी ख़ुशी देखे बिना ही मर गया
पीरों पण्डितों ने कितना दुरुस्त फ़रमाया
जो दुनिया को ख़ाक समझा, वही जी गया।
-श्रीधर
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