22/03/2024
भारत माता का वो वीर सपूत जिन्होंने अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए 4 आतंकियों को उतारा था मौत के घाट
तारीख थी 21 मार्च 2009 की. जगह जम्मू-कश्मीर का कुपवाड़ा. मेजर मोहित शर्मा को पता चला कि घुसपैठ की फिराक में कुछ आतंकी जंगलों में छिपे हुए हैं. इसी इनुपट के आधार पर मेजर मोहित शर्मा अपनी टीम के साथ गश्त पर निकले हुए थे. तभी आतंकियों ने उनकी टीम पर हमला कर दिया. इस दौरान अपनी सुरक्षा की परवाह न करते हुए मेजर मोहित शर्मा ने अपने दो साथियों को बचाया और 4 आतंकियों को मार गिराया. छाती में गोली लगने के बावजूद मेजर मोहित शर्मा आतंकियों से लड़ते रहे. वीरगति को प्राप्त होने से पहले उनके आखिरी शब्द थे- इनमें से एक भी बचना नहीं चाहिए.
दुश्मनों से कड़ा मुकाबला करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले मेजर मोहित शर्मा को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था. शहीद मेजर मोहित शर्मा की आज पुण्यतिथि है. मेजर मोहित शर्मा जैसे जांबाज सैनिकों के चलते ही भारत सुरक्षित है. मातृभूमि की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले भारत माता के इस महान सपूत पर पूरे देश को गर्व है.
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